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This Article is From Jan 31, 2026

जैश के आतंकी अब बच नहीं पाएंगे! ऑपरेशन त्राशी-I जारी, 14वें दिन किश्तवाड़ में मुठभेड़ तेज

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ के दौरान सुरक्षा बलों ने डोलगाम क्षेत्र में फिर से आतंकियों से संपर्क स्थापित किया. दो हफ्तों में यह चौथी मुठभेड़ की घटना है. सेना, J&K पुलिस और CRPF का संयुक्त अभियान जारी है. तीन जैश-ए-मोहम्मद आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के बीच इलाके में मोबाइल इंटरनेट अस्थायी रूप से बंद किया गया है.

जैश के आतंकी अब बच नहीं पाएंगे! ऑपरेशन त्राशी-I जारी, 14वें दिन किश्तवाड़ में मुठभेड़ तेज
फाइल फोटो
  • किश्तवाड़ में सुरक्षाबल जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के खिलाफ कठिन और दुर्गम पर्वतीय इलाके में ऑपरेशन चला रहे.
  • शनिवार तड़के डोलगाम क्षेत्र में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई है.
  • ऑपरेशन त्राशी-I के तहत सेना, पुलिस और CRPF की संयुक्त टीमों ने क्षेत्र में घेराबंदी की है.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बर्फ से ढकी ऊंची-ऊंची पर्वतमालाओं में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एक हाई-स्टेक ऑपरेशन जारी है. दुर्गम, खतरनाक और कठिन इलाक़ में सुरक्षाबल जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों (जिनमें पाकिस्तानी मूल के कमांडर भी शामिल हैं) को उनके पहाड़ी ठिकानों से खदेड़ने में जुटे हैं. उच्चाधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई क्षेत्र में जारी समन्वित काउंटर-टेरर ऑपरेशन ‘ऑपरेशन त्राशी-I' का हिस्सा है.

शनिवार तड़के लगभग 5:40 बजे सुरक्षाबल डोलगाम क्षेत्र में आतंकियों के काफी करीब पहुंच गए. आतंकियों ने सैनिकों को देख गोलियां चलाईं, जिसके बाद बलों ने तेजी से पोजीशन बदलकर जवाबी कार्रवाई की. घेरा और भी मजबूत करने के लिए अतिरिक्त टुकड़ियां भेजी गई हैं ताकि आतंकियों के भाग निकलने की कोई गुंजाइश न रहे.

व्हाइट नाइट कोर के अनुसार, खुफिया एजेंसियों से मिले सभी इनपुट को एकजुट कर ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है. क्षेत्र में घेराबंदी पूरी तरह लागू है और अभियान जारी है.

एक्टिव इंटेलिजेंस से मिला सुराग

सेना ने बताया कि विभिन्न स्रोतों से मिली ठोस खुफिया जानकारी को मिलाकर जमीनी स्तर पर ऑपरेशन की योजना बनाई गई और उसे अंजाम दिया गया. व्हाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF की संयुक्त टीमों ने क्षेत्र में घेराबंदी कर दी है और अभियान जारी है.

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दो हफ्तों में चौथा संपर्क

अधिकारी बताते हैं कि पिछले 14 दिनों में यह चौथी बार है जब सुरक्षाबलों ने इस इलाके में सक्रिय आतंकियों से संपर्क साधा है. जो इस क्षेत्र में मौजूद आतंकवादी समूह की लगातार गतिविधियों की ओर इशारा करता है.

अब तक के नुकसान और जमीनी हालात

ऑपरेशन त्राशी‑I में अब तक कई बार मुठभेड़ें हुई हैं. इसमें एक पैरा ट्रूपर शहीद हुआ है और आठ जवान घायल हुए हैं. इसके बावजूद सुरक्षा बल लगातार आतंकियों की तलाश में आगे बढ़ रहे हैं.

सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF- तीनों मिलकर

  • ड्रोन,
  • स्निफर डॉग्स,
  • हेलीकॉप्टर
    का उपयोग कर आतंकियों की गतिविधियों और ठिकानों पर नजर बनाए हुए हैं.

उच्च अधिकारियों का दौरा

उधर, उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा भी किश्तवाड़ पहुंचे, जहां उन्होंने काउंटर-टेरर ग्रिड की समीक्षा की. बताया जा रहा है कि अभियान का लक्ष्य क्षेत्र में छिपे जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों के समूह को पूरी तरह निष्क्रिय करना है.

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इंटरनेट सेवाएं बंद

ऑपरेशन के दौरान किसी भी तरह की डिजिटल बाधा या गलत इस्तेमाल रोकने के लिए सिंहपोरा, चिंगम और छत्रू समेत लगभग 6 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं.

क्षेत्र में बढ़ी आतंकी गतिविधियां, सुरक्षाबलों की रणनीति सख्त

हाल के महीनों में किश्तवाड़ और आसपास के क्षेत्रों में आतंकी गतिविधि में वृद्धि देखी गई है, जिसके चलते सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर काउंटर-टेरर ऑपरेशन्स शुरू किए हैं. ऑपरेशन त्राशी‑I इन्हीं व्यापक अभियानों का भाग है, जिसका लक्ष्य घाटी में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है.

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