पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में कथित माइनिंग माफिया मोहम्मद नाजिबुद्दीन उर्फ टुलू मंडल के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई में बड़े खुलासे सामने आए हैं. अवैध पत्थर खनन, परिवहन और फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये के कारोबार के आरोपों की जांच के दौरान पुलिस ने अब तक करीब 220 करोड़ रुपये की चल संपत्ति जब्त या फ्रीज कर दी है. हाल ही में की गई छापेमारी में 28.5 करोड़ रुपये नकद, 15 किलो सोना और करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण व अन्य संपत्तियां बरामद हुईं. जांच में 250 वाहनों, 400 बीघा से अधिक जमीन और कई अन्य संपत्तियों की जानकारी भी सामने आई है. पुलिस को फर्जी डीसीआर (डिलीवरी चालान रसीद) छापने की एक फैक्ट्री मिलने के बाद पूरे सिंडिकेट के वित्तीय नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी गई है.
छापे में मिला नोटों और सोने का बड़ा जखीरा
29 जुलाई को बीरभूम पुलिस ने टुलू मंडल के एक करीबी के ठिकाने पर छापा मारा. इस कार्रवाई में करीब 50 करोड़ रुपये के गहने और कैश बरामद हुआ. इसमें 28.5 करोड़ रुपये नकद, 15 किलो सोना और कई अन्य कीमती सामान शामिल हैं. इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस ने पूरे सिंडिकेट की आर्थिक जांच शुरू कर दी.
#WATCH | Birbhum, West Bengal: On Rs 220 crore seizure in Tulu Mandal case, Superintendent of Police Vidit Raj Bundesh says, “On July 29, we received a tip-off. Based on that tip-off, the police team conducted a raid and recovered cash and gold bars worth approximately Rs 50… pic.twitter.com/wkj3uaH7yn
— ANI (@ANI) August 3, 2026
₹220 करोड़ की संपत्ति पर कार्रवाई
अब तक की जांच में पुलिस ने करीब 220 करोड़ रुपये की चल संपत्ति जब्त या फ्रीज कर दी है. इसमें नकदी, सोना, बैंक खातों में जमा रकम और फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ यह आंकड़ा और बढ़ सकता है.

250 गाड़ियां और 400 बीघा जमीन जांच के घेरे में
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस गिरोह से जुड़े लोगों के पास करीब 250 वाहन, 400 से ज्यादा बीघा जमीन और कई मकान व दूसरी संपत्तियां हैं. पुलिस को शक है कि ये संपत्तियां अवैध कमाई से खरीदी गई हैं. अब इनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है.

फर्जी DCR छापने की फैक्ट्री मिली
जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ. पुलिस ने क्रशर यूनिट के मैनेजर सितेश प्रमाणिक को गिरफ्तार किया. उसकी निशानदेही पर टुलू मंडल के सीमेंट गोदाम में छापा मारा गया, जहां फर्जी DCR (डिलीवरी चालान रसीद) छापने की पूरी फैक्ट्री मिली. वहां से प्रिंटिंग मशीनें, फर्जी दस्तावेज और कई अहम सबूत बरामद हुए. पुलिस का आरोप है कि इन्हीं फर्जी कागजों के सहारे अवैध पत्थरों की ढुलाई की जाती थी.
अब आगे क्या?
पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है. पूरे सिंडिकेट के पैसों का हिसाब, उससे जुड़े लोगों और उनकी संपत्तियों की जांच की जा रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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