विज्ञापन

असम में टिकट कटने से नाराज नेताओं के चुनावी मैदान में कूदने से बीजेपी के लिए खड़ी हुई चुनौती

असम में टिकट कटने से नाराज नेताओं के निर्दलीय चुनाव लड़ने से बीजेपी के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. बगावत और इस्तीफों के बीच 2026 विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर मुकाबला कड़ा होने के आसार हैं.

असम में टिकट कटने से नाराज नेताओं के चुनावी मैदान में कूदने से बीजेपी के लिए खड़ी हुई चुनौती
  • असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के कई नेताओं को बीजेपी में शामिल कर टिकट दिया है
  • टिकट कटने पर कई बीजेपी विधायक और वरिष्ठ नेता पार्टी से इस्तीफा देकर बागी तेवर अपना रहे हैं
  • निहार रंजन दास और अमिया कुमार भूयान सहित कई मौजूदा विधायकों ने टिकट न मिलने पर नाराजगी जताई है

असम में बीजेपी की सरकार है और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा एक दबंग मुख्यमंत्री माने जाते हैं. इस बार विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस में सेंध लगानी शुरू की. पहले भूपेन बोरा को तोड़ा फिर कांग्रेस के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई को ले गए और दोनों को बीजेपी का टिकट भी थमा दिया. इस बार बीजेपी ने तरूण गोगोई सरकार में शामिल 11 विधायकों को टिकट दिया गया है, जिसमें भूपेन बोरा और प्रद्युत बोरदोलोई भी शामिल हैं. इसमें 9 वैसे नेता भी शामिल हैं जिन्होंने सरमा के साथ पार्टी छोड़ी थी.

टिकट कटते ही बगावत, मुख्यमंत्री खुद मनाने में जुटे

अब इसका असर दिखने लगा हैं, कई जगह बीजेपी के बागी नेता निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया उन्हें मनाने में लगे और उनके घरों के चक्कर लगा रहे हैं. निहार रंजन दास (विधायक, ढोलई), टिकट कटने से सबसे बड़ा झटका ढोलई निर्वाचन क्षेत्र में लगा है. मौजूदा विधायक निहार रंजन दास ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. अमिया कुमार भूयान (विधायक, बिहपुरिया) , लखीमपुर जिले की बिहपुरिया सीट से मौजूदा विधायक अमिया कुमार भूयान ने भी टिकट न मिलने पर नाराज हो कर घर बैठ गए हैं.

ये भी पढ़ें ; असम चुनाव से पहले बड़ा दल-बदल, मंत्री नंदिता गरलोसा भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल, हाफलोंग से लड़ेंगी चुनाव

इस्तीफे और दल‑बदल, बराक घाटी तक असर

बीजेपी पुराने कार्यकर्ता जयंता कुमार दास ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी की है. वे अब निर्दलीय मैदान में हैं. चक्रधर दास (वरिष्ठ नेता, बोंगाईगांव), बोंगाईगांव से टिकट न मिलने पर चक्रधर दास ने बगावती तेवर अपना लिया है. संजय रे (उपाध्यक्ष, युवा मोर्चा), अभयपुरी सीट से दावेदारी कर रहे युवा चेहरे संजय रे ने टिकट न मिलने पर भावुक होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया. अमर चंद्र जैन (पूर्व विधायक, कटिगौड़), कटिगौड़ के पूर्व विधायक अमर चंद्र जैन ने बीजेपी का साथ छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम लिया है, जिससे बराक घाटी में समीकरण बदल गए हैं.

नंदिता गार्लोसा का इस्तीफा, बूथ मैनेजमेंट चुनौती

असम विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़े झटकों का सामना करना पड़ रहा है. इसी तरह हाफलोंग विधानसभा से जीतीं नंदिता गार्लोसा ने भी बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है. मुख्यमंत्री इनके भी घर गए थे मनाने के लिए. नंदिता ने कांग्रेस के टिकट पर नामांकन भी कर दिया है. बिहपुरिया और ढोलई जैसी सीटों पर विधायक के साथ ब्लॉक और मंडल स्तर के अध्यक्षों ने भी इस्तीफे दिए हैं. चुनाव के दिन 'बूथ मैनेजमेंट' के लिए भाजपा को नए सिरे से मशक्कत करनी होगी.

ये भी पढ़ें ; महिला आरक्षण बिल के लिए सरकार का प्लान, इसी सत्र में ला सकती है संविधान संशोधन बिल

बागियों का दबाव, 15 सीटों पर मुकाबला कड़ा

टिकट वितरण से नाराज कई दिग्गज नेताओं और मौजूदा विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है, जिससे राज्य के राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं. यदि बीजेपी बागियों को मना लेती है ठीक है वरना कम अंतर वाली सीटों पर मुकाबला कड़ा हो जाएगा. ऐसी करीब 15 ऐसी सीटें हैं जहां बागी अपना असर दिखा सकते हैं.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Assamassemblyelection2026, Assam BJP Crisis, Ticket Denial Rebellion, Himanta Biswa Sarma Government, Assam Assembly Election 2026
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com