असम विधानसभा की सभी 126 सीटों के रूझान और नतीजे आ गए हैं. असम में बीजेपी 81 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है.चुनाव आयोग के मुताबिक बीजेपी ने नौ सीटें जीत ली हैं और 73 पर आगे चल रही है. वहीं कांग्रेस 20 सीटों पर आगे चल रही है. साल 2021 के चुनाव में 16 सीटें जीतने वाली ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) अभी केवल दो सीटों पर ही आगे चल रही है. इन रूझानों में खास बात यह है कि कांग्रेस जिन 20 सीटों पर आगे हैं, उनमें से 17 सीटों पर उसके उम्मीदवार मुसलमान हैं. यह रूझान बताता है कि असम में किस हद तक वोटों का ध्रुवीकरण हुआ है.
कैसा रहा है कांग्रेस का प्रदर्शन
असम विधानसभा चुनाव के परिणाम यह दिखाता है कि राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने वोटों के ध्रुवीकरण में बड़ी सफलता हासिल की है. कांग्रेस ने 2021 के विधानसभा चुनाव में 30 फीसदी वोटों के साथ 29 सीटें जीती थीं. लेकिन इस बार के चुनाव में अब तक कांग्रेस को 28.29 फीसदी वोट मिले हैं. वह 20 सीटों पर आगे चल रही है. अगर वोटों के लिहाज से देखें तो खबर लिखे जाने तक बीजेपी ने 69 लाख 13 हजार 164 वोट अपने नाम कर लिए थे. वहीं कांग्रेस को अब तक 49 लाख 58 हजार 711 वोट ही मिले थे. अजमल की एआईयूडीएफ को आठ लाख 75 हजार 562 वोट ही हासिल कर पाई है.
चुनाव आयोग के मुताबिक कांग्रेस इस समय पर्वतझोरा, गौरीपुर, ढुबरी, मनकाचार, जालेश्वर, गोलापारा ईस्ट, सृजनग्राम, चेंगा, पाकाबेटबारी, चमरिया, हाजो सुलाकुची, लाहरीघाट, रुपईहाट, सामागौरी, नवबोइचा, सोनाई, अलगापुर-काटलीचेरा, करीमगंज नार्थ और करीमगंज साउथ विधानसभा सीट पर आगे चल रही है. इन 20 सीटों में से हाजो सुलाकुची,बिलासीपारा और नवबोइचा को छोड़कर बाकी की सभी 19 सीटों पर कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवार आगे चल रहे हैं.
क्या कांग्रेस मुस्लिमपरस्त पार्टी है
कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवारों के आगे चलने से कांग्रेस के ऊपर मुस्लिमपरस्त होने या केवल मुस्लिमों की पार्टी होने का ठप्पा लगता हुआ दिख रहा है.हालांकि उल्लेखनीय बात यह है कि बीजेपी ने जिन नौ सीटों पर जीत दर्ज की है, उनमें से सात सीटों पर कांग्रेस दूसरे नंबर की पार्टी रही है. लेकिन बीजेपी और कांग्रेस के बीच 20 लाख वोटों का फासला यह बता रहा है कि मुख्य विपक्षी पार्टी अपना बड़ा वोट बैंक से हाथ धो चुकी है.इसलिए असम में हिमंता की जीत जैसी दिखती है, उससे कहीं ज्यादा बड़ी नजर आ रही है. राज्य में वोटों का अभूतपूर्व ध्रुवीकरण देखने को मिला है, कांग्रेस ने बदरुद्दीन अजमल की सीटें अपने नाम तो कर ली हैं, लेकिन अपने हिंदू वोटरों को करीब-करीब गंवा दिया है. इससे कांग्रेस पर मुस्लिम परस्त पार्टी होने का ठप्पा लगने की संभावना है.
बदरुद्दीन अजमल की ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने 2021 के विधानसभा चुनाव में अलगपुर, बादरपुर, भवानीपुर, बिलासपारा ईस्ट, बिलासपारा वेस्ट, चेंगा, डलगांव, ढिंग, ढुबरी, गौरीपुर, हेलाकांडी, जमुनामुख, जानिया, काटलीचेरा, मनकाचर और सोनाई सीट पर जीत दर्ज की थी. इस बार के चुनाव में अबतक उसने डलगांव सीट पर जीत दर्ज कर ली है तो बिनाकांडी में आगे चल रही है. बिनाकांडी में बदरुद्दीन अजमल खुद चुनाव लड़ रहे हैं.
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