पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. बंगाल में बीजेपी ने 200 से भी ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की है, इस जीत के लिए बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी थी. लेकिन इस बड़ी सफलता के पीछे राजस्थान के लोकल नेता का रोल अहम रहा, जिन्होंने पर्दे के पीछे से जीत की रणनीति रची. यह नाम है कोटपूतली के रहने वाले सुनील बंसल का, उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है. लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे बंसल ने पर्दे के पीछे रहकर चुनावी रणनीति को बारीकी से तैयार किया और उसे जमीनी स्तर पर लागू करवाया. पार्टी कार्यकर्ताओं के अनुसार, बंसल ने चुनाव को केवल बड़े मंचों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे बूथ स्तर तक ले गए.
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद कोटपूतली सहित पूरे जिले में भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. रुझानों के शुरुआती दौर से ही कार्यकर्ता एकत्रित होने लगे थे और जैसे ही परिणाम स्पष्ट हुए, पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल बन गया.
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मतदाताओं से सीधा संपर्क ने बढ़ाया वोट शेयर
कार्यकर्ताओं ने इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह जनता का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, विकास और सुशासन की नीतियों पर भरोसा है। पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की इस बड़ी सफलता के पीछे कोटपूतली निवासी सुनील बंसल की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है.

सूत्रों और पार्टी कार्यकर्ताओं के अनुसार, बंसल ने चुनाव को केवल बड़े मंचों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे बूथ स्तर तक ले गए. हजारों छोटी बैठकों, स्ट्रीट मीटिंग्स और निरंतर संपर्क अभियान के जरिए उन्होंने संगठन को मजबूती दी. चुनाव में करीब 40 हजार बूथों पर “पन्ना प्रमुख” मॉडल लागू किया गया, जिसमें हर कार्यकर्ता को सीमित मतदाताओं की जिम्मेदारी दी गई. इस रणनीति के चलते मतदाताओं से सीधा संपर्क स्थापित हुआ और वोट शेयर में उल्लेखनीय बढ़त देखने को मिली.
कोटपूतली क्षेत्र में सुनील बंसल की इस भूमिका को लेकर खासा गर्व देखने को मिला. स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने इसे क्षेत्र के लिए सम्मान की बात बताया. बंसल के परिचितों और साथियों ने कहा कि उनकी मेहनत, संगठन कौशल और शांत तरीके से काम करने की शैली ही उन्हें अलग पहचान दिलाती है.
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