विज्ञापन

'केमिस्ट्री टीचर' ने कैसे पकड़ी नीट पेपर लीक की नब्ज? NDTV पर व्हिसल ब्लोअर का सबसे बड़ा खुलासा

व्हिसल ब्लोअर ने बताया कि शिकायत भेजने के कुछ ही घंटों बाद उनके पास एनटीए के डीजी और सीबीआई अधिकारियों के फोन आए और पूरी जानकारी ली गई. 7 मई की सुबह गृह मंत्रालय की एक टीम सीकर पहुंची और उनके बयान दर्ज किए गए. इस दौरान उन्होंने वायरल पेपर से जुड़ी फाइलें और अपने पास मौजूद अन्य जानकारियां जांच एजेंसियों को सौंप दीं.

'केमिस्ट्री टीचर' ने कैसे पकड़ी नीट पेपर लीक की नब्ज? NDTV पर व्हिसल ब्लोअर का सबसे बड़ा खुलासा
  • नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई कर रही है और व्हिसल ब्लोअर की भूमिका महत्वपूर्ण रही है.
  • व्हिसल ब्लोअर ने 3 मई को वायरल प्रश्नपत्र में कैमिस्ट्री के 45 और बायोलॉजी के 90 सवाल मिलाने की जानकारी दी.
  • शिकायत के बाद व्हिसल ब्लोअर ने साक्ष्य जुटाकर 6 मई को एनटीए को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजी.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
जयपुर:

नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के मामले में अब सीबीआई की जांच जारी है. लेकिन इस पूरे प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका राजस्थान सीकर(खुलासा करने वाला व्यक्ति) के उस व्हिसल ब्लोअर की रही है जिन्होंने सबसे पहले इस को जांच एजेंसियों तक पहुंचाया और पेपर लीक के खुलासे में बड़ी भूमिका निभाई.

व्हिसल ब्लोअर खुद केमिस्ट्री के टीचर हैं. एनडीटीवी से बातचीत में उन्होंने अपनी पहचान छिपाने का आग्रह किया है ताकि जांच किसी भी तरीके से प्रभावित नहीं हो सके. इसलिए उनका नाम उजागर नहीं करते हैं. लेकिन एनडीटीवी के साथ 3 मई से लेकर पूरा मामला उजागर होने तक की पूरी कहानी साझा की.

कैमिस्ट्री के 45 सवाल मैच हो गए

व्हिसल ब्लोअर ने बताया कि 3 मई को परीक्षा होने के बाद शाम करीब 5 बजे जब वे पेपर देख रहे थे उनके मकान मालिक ने उन्हें एक वायरल पेपर दिखाया जो वॉट्सऐप ग्रुप में शेयर हुआ था. जब उन्होंने उस पेपर का मिलान मूल प्रश्नपत्र से किया तो कैमिस्ट्री के 45 सवाल मैच हो गए. उन्होंने बायोलॉजी के अपने सहयोगी शिक्षक को जब पेपर दिखाया तो पता चला कि उसे पेपर के नब्बे सवाल हुबहू थे.

व्हिसल ब्लोअर मुताबिक इसके बाद उन्हें शक हुआ कि मामला बेहद गंभीर है. उन्होंने इस बारे में अपने साथी शिक्षकों से चर्चा की. मामला गंभीर लगने पर वे उसी रात सीकर के उद्योग नगर थाने पहुंचे. लेकिन पुलिस ने उनसे साक्ष्यों और लिखित आवेदन के साथ शिकायत देने को कहा. इसके बाद वे वापस लौट आए.

साक्ष्य जुटाए फिर मेल के जरिए NTA को भेजी शिकायत

उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों तक उन्होंने इस पूरे मामले से जुड़े स्क्रीनशॉट, वायरल पीडीएफ फाइलें और अन्य साक्ष्य जुटाए. उनके मकान मालिक ने भी उन्हें शिकायत करने के लिए प्रेरित किया. इसके बाद 6 मई को उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव और एनटीए को ई-मेल के जरिए पूरी शिकायत भेज दी. उन्होंने बताया कि शिकायत भेजने के कुछ ही घंटों बाद उनके पास एनटीए के डीजी और सीबीआई अधिकारियों के फोन आए और पूरी जानकारी ली गई. 7 मई की सुबह गृह मंत्रालय की एक टीम सीकर पहुंची और उनके बयान दर्ज किए गए. इस दौरान उन्होंने वायरल पेपर से जुड़ी फाइलें और अपने पास मौजूद अन्य जानकारियां जांच एजेंसियों को सौंप दीं.

इसके बाद उसी दिन राजस्थान एसओजी और सीकर पुलिस ने भी उनसे पूछताछ की. उन्होंने जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देने और आगे भी हर जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है. व्हिसल ब्लोअर का कहना है कि उन्होंने यह कदम केवल परीक्षा की पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उठाया. उनका मानना है कि अगर समय रहते शिकायत नहीं की जाती तो मामला दब सकता था.

पेपर लीक मामले में 5 लोग गिरफ्तार

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है और देश भर में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चला रहा है. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एजेंसी ने जयपुर से तीन, गुरुग्राम से एक और नासिक से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जबकि कई अन्य संदिग्धों से विभिन्न शहरों में पूछताछ की जा रही है और उन्हें बाद में गिरफ्तार किया जा सकता है. गिरफ्तार किए गए लोगों में नासिक के 30 वर्षीय शुभम खैरनार को आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है, क्योंकि स्थानीय मजिस्ट्रेट अदालत ने सीबीआई को उसके लिए ‘ट्रांजिट रिमांड' मंजूर कर ली है.

ये भी पढ़ें : ईरान युद्ध के बीच कारोबार... चीन पहुंचे ट्रंप का एजेंडा क्या है? कल जिनपिंग से होगी मुलाकात

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com