
सुरक्षाबलों ने भरोसा दिलाया कि जो भी अमन चैन के रास्ते में लौटेंगे उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
कश्मीर में सुरक्षाबलों ने एक बार फिर सुरक्षाबलों ने स्थानीय आतंकियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापस आने की अपील की है. क्या सेना क्या सीआरपीएफ और क्या जम्मू कश्मीर पुलिस सभी ने भरोसा दिलाया कि जो भी अमन चैन के रास्ते में लौटेंगे उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी. उन्हें हर मुमकिन मदद दी जाएगी. सीधे अर्थों में उनसे कहा है आ अब वापस घर को लौट चलें.
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सेना के लेफ्टिनेंट जनरल जे एस संधु ने भी आतंकियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए कहा कि अगर वो वापस लौटते है तो कश्मीर में सही मायने शांति बहाल होगी. लेफ्टिनेंट जनरल के मुताबिक सेना हर हथियार छोड़ने वाले स्थानीय आतंकी को सम्मानजक रूप से अपनाने के लिए तैयार हैं.
वहीं जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी एस पी वैद ने उन सभी मां से हथियार थाम चुके अपने बच्चों से आतंक का रास्ता छोड़कर वापस आने की अपील किए जाने की अनुरोध किया है. आपको बता दें कि फुटबॉलर से आतंकी बने माजिद ने अपनी मां की अपील पर ही हथियार समेत पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था.
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सीआरपीएफ के कश्मीर के आईजी जुल्फिकार हसन ने कहा कि सीआरपीएफ ने जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए मददगार नाम से 14411 हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है. इस नंबर पर कोई भी कॉल करेगा तो उसे हर संभव मदद की जाएगी और उसकी पहचान भी उजागर नही की जाएगी. ऐसा ही हेल्पलाइन सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने भी कश्मीरी आवाम के मदद के लिये शुरू किया है.
इस साल सुरक्षाबलों ने अभी तक कश्मीर में 190 आतंकी मारे गिराए है जिनमें से 110 पाकिस्तान के है और 80 स्थानीय है. हाल के दिनों में सुरक्षाबलों के पहले से कई स्थानीय आतंकियों ने आत्मसमर्पण किया है. सुरक्षाबल भी ऑपरेशन के दौरान अगर कोई स्थानीय आतंकी घायल हो जाने के बाद सरेंडर करता है तो भी सुरक्षाबल उसे गोली नहीं मारते है बल्कि सरेंडर करवाते है. सुरक्षाबलों के ऐसे प्रयासों से घाटी में आतंक फैलाने में जुटे पाकिस्तानी आतंकी संगठनों को करारा झटका लगा है.
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जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों ने वैसे भी आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन ऑल ऑउट चलाया हुआ है. इसकी वजह से लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के सारे टॉप कमांडर एक एक करके मारे जा चुके है.
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