
अकबर को जाना होगा पाकिस्तान...
नई दिल्ली:
फेसबुक पर एक पाकिस्तानी युवक को भारत की लड़की से प्यार हुआ. वह अपना मुल्क छोड़कर भारत आया, निकाह किया और एक बच्चे का पिता भी बन गया. लेकिन वीजा को लेकर कोर्ट ने उसे एक साल की सजा सुना दी. सजा कब की पूरी हो चुकी है. फिर भी जेल में रहा. अब इस युवक को पाकिस्तान लौटना होगा. देवास कोर्ट यह निर्देश 2016 में ही जारी कर चुकी थी. लेकिन गृहमंत्रालय से उम्मीद थी जो टूट चुकी हैं. युवक को पाकिस्तान भेजने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक-अकबर को 1 मार्च 2017 को वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तान रेंजर्स के हवाले कर दिया जाएगा. पत्नी अक्सर जेल में अकबर से मिलने आती हैं. उस समय नजारा बेहद भावुक हो जाता है. साफिया का कहना है कि अकबर ने उसकी खातिर मुल्क छोड़ दिया. उन्हें किस बात की सजा मिल रही है. हमने समय रहते वीजा के लिए अप्लाई किया, लेकिन इसे समय पर आगे नहीं बढ़ाया गया. प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को भी ट्वीट किए लेकिन कुछ नहीं हो पाया.
मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक- दोनों के बीच प्रेम कहानी 2012 में शुरू हुई जब देवास की साफिया की सोशल नेटवर्किंग साइट पर अकबर से बातचीत हुई. साफिया ने इंग्लिश में एमए किया है. दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई. अकबर ने सोचा था कि शादी के बाद शारजहां में बस जाएंगे, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था. साफिया भारत छोड़ने को तैयार नहीं थीं. साफिया ने अकबर को भारत आने के लिए मना लिया. अकबर सबसे पहले 1 माह (जनवरी 2-13) का वीजा लेकर भारत आए और साफिया से शादी रचा ली. इसके बाद अप्रैल में फिर तीन महीने का वीजा लेकर आए. इसके बाद 2 साल का मल्टीपल वीजा जारी हुआ. इसके बाद अकबर ने वीजा अवधि बढ़ाने का आवेदन कर दिया था. लेकिन 8 अगस्त 2015 को बिना वीजा रहने के आरोप में उन्हें जेल भेज दिया गया. अंडर ट्रायल केस चला और अदालत ने 11 माह 20 दिन में अदालत ने 1 साल की सजा सुनाई. फैसले के छह दिन बाद ही सजा पूरी हो गई. लेकिन वीजा को लेकर उलझी प्रक्रिया के कारण छह माह में भी अकबर को उसके वतन नहीं भेजा गया, न ही उसे वीजा मिला. 6 अगस्त 2016 से बीएनपी थाना अकबर का घर बन गया है. अब यहां से निकलकर उन्हें पाकिस्तान जाना होगा.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक-अकबर को 1 मार्च 2017 को वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तान रेंजर्स के हवाले कर दिया जाएगा. पत्नी अक्सर जेल में अकबर से मिलने आती हैं. उस समय नजारा बेहद भावुक हो जाता है. साफिया का कहना है कि अकबर ने उसकी खातिर मुल्क छोड़ दिया. उन्हें किस बात की सजा मिल रही है. हमने समय रहते वीजा के लिए अप्लाई किया, लेकिन इसे समय पर आगे नहीं बढ़ाया गया. प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को भी ट्वीट किए लेकिन कुछ नहीं हो पाया.
मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक- दोनों के बीच प्रेम कहानी 2012 में शुरू हुई जब देवास की साफिया की सोशल नेटवर्किंग साइट पर अकबर से बातचीत हुई. साफिया ने इंग्लिश में एमए किया है. दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई. अकबर ने सोचा था कि शादी के बाद शारजहां में बस जाएंगे, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था. साफिया भारत छोड़ने को तैयार नहीं थीं. साफिया ने अकबर को भारत आने के लिए मना लिया. अकबर सबसे पहले 1 माह (जनवरी 2-13) का वीजा लेकर भारत आए और साफिया से शादी रचा ली. इसके बाद अप्रैल में फिर तीन महीने का वीजा लेकर आए. इसके बाद 2 साल का मल्टीपल वीजा जारी हुआ. इसके बाद अकबर ने वीजा अवधि बढ़ाने का आवेदन कर दिया था. लेकिन 8 अगस्त 2015 को बिना वीजा रहने के आरोप में उन्हें जेल भेज दिया गया. अंडर ट्रायल केस चला और अदालत ने 11 माह 20 दिन में अदालत ने 1 साल की सजा सुनाई. फैसले के छह दिन बाद ही सजा पूरी हो गई. लेकिन वीजा को लेकर उलझी प्रक्रिया के कारण छह माह में भी अकबर को उसके वतन नहीं भेजा गया, न ही उसे वीजा मिला. 6 अगस्त 2016 से बीएनपी थाना अकबर का घर बन गया है. अब यहां से निकलकर उन्हें पाकिस्तान जाना होगा.
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