
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने उठाया था मुद्दा
पणजी:
गोवा सरकार ने शुक्रवार को एक आदेश जारी कर विधायकों पर अधिकारियों को बैठक के लिए अपने घर तलब करने पर रोक लगा दी है. इसके साथ-साथ विधायक किसी निजी दफ्तरों में भी अधिकारियों के साथ बैठक नहीं कर सकेंगे. सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने परिपत्र में कहा है कि विभिन्न महकमों के दफ्तरों का कामकाज प्रभावित न हो, इसके सख्त पालन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं. विभाग की अवर सचिव वर्षा नायक की ओर से जारी परिपत्र में कहा गया है सिर्फ मंत्री ही अपने आधिकारिक आवास या आधिकारिक दफ्तरों में बैठक बुला सकते हैं.
इनके अलावा सभी ऐसी बैठकें संबंधित विभागों के कार्यालयों या जिला कलेक्टर, उप कलेक्टर या उप मंडलीय अधिकारी के दफ्तर में होंगी. राज्य विधानसभा में नौ मई को मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने विधायकों द्वारा अधिकारियों को अपने आधिकारिक आवास पर बुलाने का मुद्दा उठाया था. तब उन्होंने कहा था कि अगर विधायकों को कोई काम है या संबंधित व्यक्ति के साथ कोई मुद्दा है तो इस बारे में संबंधित विभाग में चर्चा की जानी चाहिए या कलेक्ट्रेट इमारत में.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इनके अलावा सभी ऐसी बैठकें संबंधित विभागों के कार्यालयों या जिला कलेक्टर, उप कलेक्टर या उप मंडलीय अधिकारी के दफ्तर में होंगी. राज्य विधानसभा में नौ मई को मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने विधायकों द्वारा अधिकारियों को अपने आधिकारिक आवास पर बुलाने का मुद्दा उठाया था. तब उन्होंने कहा था कि अगर विधायकों को कोई काम है या संबंधित व्यक्ति के साथ कोई मुद्दा है तो इस बारे में संबंधित विभाग में चर्चा की जानी चाहिए या कलेक्ट्रेट इमारत में.
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