हरियाणा में किसानों ने दिल्ली की तरफ बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाले 40 किसान यूनियनों के संयुक्त मोर्चे, ने गणतंत्र दिवस तक मांगें पूरी न होने पर दिल्ली की ओर मार्च करने की भी धमकी दी है. 

रेवाड़ी:

हरियाणा पुलिस और प्रदर्शनकारी किसान रविवार को रेवाड़ी-अलवर सीमा पर एक झड़प के करीब आ गए, जब सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने केंद्र के विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ मुख्य आंदोलन में शामिल होने के लिए मार्च करना शुरू कर दिया. खबरों के मुताबिक, पुलिस ने मार्च रोकने के लिए कई राउंड आंसू गैस के गोले दागे. 

सूत्रों ने कहा कि किसान आगे बढ़ने के लिए पुलिस घेरा और बैरिकेड को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस ने उन्हें एक स्थानीय ओवर-ब्रिज पर रोक दिया. रेवाड़ी पुलिस प्रमुख अभिषेक जोरवाल ने समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा, "हमने उन्हें मसानी में रोक दिया है."

पिछले साल नवंबर में, पंजाब के हजारों किसानों पर पानी के तोप और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे, क्योंकि हरियाणा पुलिस ने उनके विरोध मार्च को दिल्ली तक रोकने की कोशिश की. रास्ते में कई झड़पों में दोनों पक्ष शामिल थे. 

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इस बीच पंजाब के संगरूर जिले में पुलिस ने आज किसानों के एक समूह पर लाठीचार्ज किया जो राज्य भाजपा अध्यक्ष अश्विनी कुमार शर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे.

यह सब गतिरोध खत्म करने के लिए किसान और केंद्र के बीच होने वाली अगले दौर की बैठक से एक दिन पहले हुआ.

पिछले हफ्ते किसान-केंद्र की वार्ता के छठे दौर के बाद, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि दोनों पक्षों ने चार मुख्य मांगों में से दो पर एक "समझौता" किया है. सरकार के सूत्रों ने कहा कि बिजली संशोधन विधेयक को वापस लेने और वायु गुणवत्ता आयोग अध्यादेश में पराली जलाने के दंडात्मक प्रावधानों को वापस लेने की पेशकश की. हालांकि, किसानों की मुख्य मांगों पर कोई प्रगति नहीं हुई जिनमें तीन कानूनों को निरस्त करना और न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली के लिए कानूनी गारंटी देना शामिल हैं.

अगर किसानों ने 4 जनवरी की बैठक में केंद्र ने शेष दो मांगों को अस्वीकार कर दिया तो किसानों ने विरोध प्रदर्शन तेज करने की धमकी दी है. उन्होंने चेतावनी दी है कि वे 6 जनवरी को जीटी-करनाल रोड पर एक ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे. 

विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाले 40 किसान यूनियनों के संयुक्त मोर्चे, ने गणतंत्र दिवस तक मांगें पूरी न होने पर दिल्ली की ओर मार्च करने की भी धमकी दी है. 

संयुक्त मोर्चा के बयान में शनिवार को कहा गया, "सरकार ने सैद्धांतिक रूप से, यहाँ तक कि MSP पर खरीद के कानूनी अधिकार की मांग करने से भी इनकार कर दिया है. हमारे पास कोई विकल्प नहीं है और यदि सरकार 26 जनवरी तक हमारी मांग को पूरा नहीं करती है, तो हम कोई विकल्प नहीं छोड़ेंगे. दिल्ली में शांति से मार्च शुरू करने के लिए, "


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