
कोरोना वायरस की महामारी के चलते पीएम की ओर से घोषित आर्थिक पैकेज को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) शुक्रवार को एक बार फिर मीडिया से मुखातिब हुईं . उन्होंने पैकेज में किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के लिए दी गई राहतों के बारे में विस्तार से बताया..
10 खास बातें
एक केंद्रीय कानून बनाया जाएगा, जिसकी मदद से किसानों के लिए बैरियर-मुक्त अंतर-राज्यीय व्यापार संभव होगा. कृषि क्षेत्र में प्रतिस्पर्द्धा व निवेश बढ़ाने के लिए वर्ष 1955 से मौजूद एसेंशियल कमॉडिटीज़ एक्ट में बदलाव लाया जा रहा है.
टमाटर, प्याज़, आलू के लिए बनाया गया ऑपरेशन ग्रीन्स अब सभी फल-सब्ज़ियों पर लागू होगा. इसे 'टॉप टु टोटल' योजना कहा जाएगा, जिसके लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
70 लाख टन मछली उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य है.मछली उत्पादन में 55 लाख रोज़गार पैदा होंगे.एक लाख करोड़ रुपये का मछली निर्यात होगा.मछुआरों और नाविकों का बीमा होगा.प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के माध्यम से मछुआरों के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसी तरह पशुपालन बुनियादी ढांचा विकास फंड के लिए 15,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
हर्बल कल्टीवेशन के लिए 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है. 10 लाख हेक्टेयर (25 लाख एकड़) में हर्बल खेती होगी, इससे किसानों को 5,000 करोड़ रुपये की आय होगी.
पशुपालन बुनियादी ढांचा विकास फंड के लिए 15,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सारे मवेशियों का टीकाकरण किया जाएगा.वित्तमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के लिए 13,343 करोड़ रुपये आवंटित करने का निर्णय किया गया है.
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए दो लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया. कृषि भंडारण में मदद के लिए सहकारी समितियों, समूहों को फंडिंग दी जाएगी.कृषि उद्यम की ब्रांडिंग के लिए 10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया.
74,300 करोड़ की राशि का अब तक न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP के तौर पर भुगतान किया गया, 6,400 करोड़ का फसल बीमा भुगतान किया गया.
लॉकडाउन के दौरान दूध की मांग 20 से 25 फीसदी घटी है.कोऑपरेटिव से रोज़ाना 560 लाख लिटर दूध खरीदा गया, जबकि रोज़ाना बिक्री सिर्फ 360 लाख लिटर की हुई.
मैंगो, केसर, मखाना, हल्दी के लिए क्लसटरबनाए जाएंगे. इसी कम यूपी के आम की इंटरनेशन ब्रांडिंग होगी. 53 लाख मवेशियों का बीमा होगा.पशुओं के वैक्सीन के लिए 13 हजार 343 करोड़ रुपये का प्रावधान होगा.