योगी के आवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन, पार्टी का आरोप - महिला कार्यकर्ताओं से पुलिसकर्मियों ने की मारपीट

अयोध्या में राम मंदिर के लिए जमीन की खरीद में हुए कथ‍ित घोटाले के मामले में सोमवार को लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर विरोध प्रदर्शन किया.

योगी के आवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन, पार्टी का आरोप - महिला कार्यकर्ताओं से पुलिसकर्मियों ने की मारपीट

आरोप है कि प्रदर्शन को रोकने के दौरान पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला कार्यकर्ताओं से मारपीट की

लखनऊ:

अयोध्या में राम मंदिर के लिए जमीन की खरीद में हुए कथ‍ित घोटाले के मामले में सोमवार को लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर विरोध प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में पार्टी की महिला कार्यकर्ता शामिल रहीं. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर काफी देर तक 'चंदा चोर-गद्दी छोड़' के नारे लगाए. आरोप है कि विरोध प्रदर्शन को रोकने के दौरान पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला कार्यकर्ताओं से मारपीट की. फिलहाल आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं को पुलिस गिरफ़्तार कर ले गयी है.

बता दें कि रविवार को ही समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर राम मंदिर (Ram Mandir Ayodhya) के लिए जमीन खरीदने में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था. समाजवादी पार्टी (SP) ने अयोध्या में और आम आदमी पार्टी (AAP) ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि ट्रस्ट के सचिव चंपत राय (Champat Rai) ने, जो जमीन कुछ समय पहले सिर्फ दो करोड़ रुपये में बिकी थी, उसी जमीन को कुछ वक्त बाद 18.5 करोड़ रुपये में खरीद कर बड़ा घपला किया है. चंपत राय ने इस बारे में मीडिया से कहा था कि हम इन आरोपों की कोई चिंता नहीं करते. हम पर महात्मा गांधी की हत्या का भी आरोप लगा था.


राम मंदिर की भूमि खरीदने में 'घोटाले' से चंपत राय का इनकार, बोले- राजनीति से प्रेरित हैं आरोप
राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने रविवार देर रात प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इन आरोपों पर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित लोग जमीन खरीद के संबंध में समाज को गुमराह करने के लिए भ्रामक प्रचार कर रहे हैं. आरोपों पर चंपत राय ने कहा कि जो राजनीतिक लोग इस संबंध में प्रचार करा रहे हैं वह भ्रामक है और समाज को गुमराह करने के लिए है. संबंधित व्यक्ति राजनीतिक हैं. अत: राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित हैं. राय के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने अभी तक जितनी भूमि खरीदी है वह खुले बाजार की कीमत से बहुत कम मूल्य पर खरीदी है. उक्त भूमि को खरीदने के लिए वर्तमान विक्रेताओं ने वर्षों पूर्व जिस मूल्य पर रजिस्टर्ड अनुबंध किया था, उस भूमि को उन्होंने 18 मार्च 2021 को बैनामा कराया उसके बाद ट्रस्ट के साथ अनुबंध किया.

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अयोध्या: क्या जमीन खरीद में हुआ भ्रष्टाचार, AAP और समाजवादी पार्टी ने लगाए आरोप