राम मंदिर की भूमि खरीदने में 'घोटाले' से चंपत राय का इनकार, बोले- राजनीति से प्रेरित हैं आरोप

चंपत राय ने कहा कि जो राजनीतिक लोग इस संबंध में प्रचार करा रहे हैं वह भ्रामक है और समाज को गुमराह करने के लिए है. संबंधित व्यक्ति राजनीतिक हैं. अत: राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित हैं.

राम मंदिर की भूमि खरीदने में 'घोटाले' से चंपत राय का इनकार, बोले- राजनीति से प्रेरित हैं आरोप

राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के आरोप पर चंपत राय का बयान

खास बातें

  • 'समाज को गुमराह करने के लिए भ्रामक प्रचार'
  • अयोध्या में एकाएक जमीन के दाम बढ़ गये : चंपत राय
  • बाजार कीमत से बहुत कम मूल्य पर खरीदी भूमि : राय
लखनऊ:

राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर राम मंदिर (Ram Mandir) के लिए जमीन खरीदने में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगा है. आरोप है कि ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने, जो जमीन कुछ समय पहले सिर्फ दो करोड़ रुपये में बिकी थी, उसी जमीन को कुछ वक्त बाद 18.5 करोड़ रुपये में खरीद कर बड़ा घपला किया. ट्रस्ट पर यह आरोप आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और सपा सरकार में मंत्री रहे पवन पांडेय ने लगाया है. चंपत राय ने रविवार देर रात प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इन आरोपों पर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित लोग जमीन खरीद के संबंध में समाज को गुमराह करने के लिए भ्रामक प्रचार कर रहे हैं.

आरोपों पर चंपत राय ने कहा कि जो राजनीतिक लोग इस संबंध में प्रचार करा रहे हैं वह भ्रामक है और समाज को गुमराह करने के लिए है. संबंधित व्यक्ति राजनीतिक हैं. अत: राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित हैं.

अयोध्या में एकाएक बढ़े जमीन के दाम 
श्रीराम जन्मभूति तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपत राय ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि 9 नवंबर 2019 को श्रीराम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद अयोध्या में भूमि खरीदने के लिए देश के असंख्य लोग आने लगे, उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या के सर्वांगीण विकास के लिए बड़े पैमाने पर जमीन खरीद रही है, इस कारण अयोध्या में एकाएक जमीन के दाम बढ़ गये. जिस भूखंड की बात हो रही है वह रेलवे स्टेशन के पास बहुत प्रमुख स्थान है. 

बाजार कीमत से बहुत कम मूल्य पर खरीदी भूमि
राय के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने अभी तक जितनी भूमि खरीदी है वह खुले बाजार की कीमत से बहुत कम मूल्य पर खरीदी है. उक्त भूमि को खरीदने के लिए वर्तमान विक्रेताओं ने वर्षों पूर्व जिस मूल्य पर रजिस्टर्ड अनुबंध किया था, उस भूमि को उन्होंने 18 मार्च 2021 को बैनामा कराया उसके बाद ट्रस्ट के साथ अनुबंध किया.

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पूर्व मंत्री पवन पांडेय का आरोप
समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने अयोध्या में मीडिया के सामने रजिस्ट्री के दस्तावेज पेश कर आरोप लगाया कि रामजन्मभूमि की जमीन से लगी एक जमीन पुजारी हरीश पाठक और उनकी पत्नी ने 18 मार्च की शाम सुल्तान अंसारी और रवि मोहन को दो करोड़ में बेची थी. वही जमीन सिर्फ चंद मिनट बाद चंपत राय ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट की तरफ से 18.5 करोड़ रुपये में खरीद ली.


'5.5 लाख रुपये प्रति सेकेंड बढ़ा जमीन का दाम' 
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने रविवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लगाए. उन्होंने कहा कि 5 मिनट में जमीन 16.5 करोड़ रुपये महंगी हो गई, जो विश्व रिकॉर्ड है. संजय सिंह ने कहा, 'रविमोहन तिवारी और सुल्तान अंसारी से 18.5 करोड़ में खरीदी दो करोड़ की जमीन. लगभग 5.5 लाख रुपये प्रति सेकेंड जमीन का दाम बढ़ गया. हिंदुस्तान क्या दुनिया में कहीं कोई जमीन एक सेकेंड में इतनी महंगी नहीं हुई होगी.'

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वीडियो: अयोध्या में राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर जमीन की खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप