"अच्छा नागरिक बनकर देश की सेवा करूंगा", आर्यन खान ने काउंसिलिंग के दौरान किया वादा

ऑर्थर रोड जेल में आर्यन का अंडर ट्रायल नंबर N956 है. आर्यन को उनके घर से 4500 रुपये का मनी ऑर्डर मिला है, जिससे वो कैंटीन से अपनी पसंद की चीज खा सकते हैं. आर्यन खान हफ्ते में एक बार अपने माता-पिता से वीडियो कॉल के जरिए फोन पर बात भी कर सकते हैं.

मुंबई:

क्रूज ड्रग्स पार्टी मामले में गिरफ्तार हुए शाहरुख खान (ShahRukh Khan)के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) की एनसीबी कस्टडी के दौरान काउंसलिंग हुई थी. उन्हें नशे से मुक्ति की सलाह दी गई थी. जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने आर्यन खान की काउसलिंग की थी. सूत्रों के मुताबिक- आर्यन ने अच्छा नागरिक बन देश की सेवा करने का वचन दिया था. जब इस संबंध में समीर वानखेड़े से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम सभी गिरफ्तार आरोपियों की काउंसलिंग करते हैं. इसके लिए मुंबई के इस्कॉन मंदिर के पुजारी या मौलाना और दूसरे विद्वानों के साथ नशा मुक्ति एनजीओ की मदद ली जाती है. आरोपियों को उनके धर्म के अनुसार कुरान, भगवत गीता और बाइबल की किताब दी जाती है.  कस्टडी के दौरान रोजाना 2 से 3 घंटे की काउंसलिंग की जाती है. 

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बता दें कि आर्यन खान की जमानत पर 20 अक्टूबर को सुनवाई होगी. ऑर्थर रोड जेल में आर्यन का अंडर ट्रायल नंबर N956 है. आर्यन को उनके घर से 4500 रुपये का मनी ऑर्डर मिला है, जिससे वो कैंटीन से अपनी पसंद की चीज खा सकते हैं. आर्यन खान हफ्ते में एक बार अपने माता-पिता से वीडियो कॉल के जरिए फोन पर बात भी कर सकते हैं.  जेल के सुपरिटेंडेंट नितिन वायाचल ने ये साफ किया है कि आर्यन को जेल का खाना ही दिया जा रहा है. घर या बाहर का खाना नहीं. घर या बाहर का खाना अदालत के आदेश के बाद ही देने की अनुमति है. आर्यन के लिए ऐसा कोई आदेश नहीं है.

गौरतलब है कि एनसीबी ने आरोप लगाया है कि आर्यन खान विदेशों में कुछ ऐसे व्यक्तियों के संपर्क में थे, जो ड्रग्स की अवैध खरीद के लिए एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा लगते हैं. ड्रग रोधी एजेंसी ने कहा कि व्हाट्सएप चैट से पता चलता है कि आरोपी बड़ी मात्रा में हार्ड ड्रग्स के लिए एक विदेशी नागरिक के संपर्क में था.  कोर्ट में आर्यन का बचाव कर रही वकीलों की टीम ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वह क्रूज़ पर भी नहीं था, जिस पर एनसीबी अधिकारियों ने छापा मारा था, उसके पास ड्रग्स खरीदने के लिए पैसे नहीं थे और उसके पास ड्रग्स नहीं थे. अमित देसाई ने कहा कि जब एनसीबी ने छापेमारी शुरू की थी तब तक उन्होंने क्रूज में चेक इन तक नहीं की थी और न ही उन्होंने ड्रग्स का इस्तेमाल किया था. उनके पास से पुलिस को कुछ भी नहीं मिला.

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