World Osteoporosis Day 2025: हर साल 20 अक्टूबर को वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे मनाया जाता है. इस दिन का मकसद लोगों को हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है. आज के समय में ज्यादातर लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं. खासकर महिलाओं में 50 की उम्र के बाद ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है. ऑस्टियोपोरोसिस को आम भाषा में समझें तो यह ऐसी स्थिति है, जिसमें हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, उनकी डेंसिटी कम हो जाती है और जरा सी चोट या दबाव में भी फ्रैक्चर हो सकता है. अक्सर लोग इसके बारे में तब तक नहीं जानते जब तक हड्डी टूट न जाए, इसलिए इसे खामोश बीमारी भी कहा जाता है.
ये भी पढ़ें: हमेशा टाइम से आएंगे पीरियड्स, दर्द, क्रैम्प्स, मूड स्विंग की हो जाएगी छुट्टी, बस इन उपायों को अपनाएं
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
क्यों होती है ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी?
डॉक्टरों के मुताबिक, यह बीमारी उम्र बढ़ने, हार्मोनल बदलाव और कैल्शियम या विटामिन डी की कमी से जुड़ी होती है. आमतौर पर कूल्हे, कलाई या रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर इस बीमारी के शुरुआती संकेत होते हैं. झुककर चलना, बार-बार दर्द रहना या चोट के बाद देर से ठीक होना इसके लक्षण हो सकते हैं.
वात,पित और कफ बढ़ने से कमजोर हो जाता है शरीर
आयुर्वेद की मानें, तो ऑस्टियोपोरोसिस का सीधा संबंध वात दोष के असंतुलन से होता है. जब वात दोष बढ़ता है, तो शरीर की मजबूती कम होने लगती है और बोन डेंसिटी घटने लगता है.
उम्र और हार्मोनल बदलाव हड्डियों को प्रभावित करते हैं
दिलचस्प बात यह है कि यह समझ आधुनिक विज्ञान से भी मेल खाती है, क्योंकि विज्ञान भी कहता है कि उम्र और हार्मोनल बदलाव हड्डियों को प्रभावित करते हैं.
ये भी पढ़ें: कान का कबाड़ा कैसे निकालें? ये 5 घरेलू तरीके आएंगे काम, अपने आप निकलने लगेगी कान की गंदगी
ऑस्टियोपोरोसिस से राहत पाने के आयुर्वेदिक तरीके
आयुर्वेद में इस बीमारी को रोकने और ठीक करने के लिए कई तरीके बताए गए हैं. सबसे पहले आता है कीमोथेरेपी, यानी शरीर को भीतर से मजबूत बनाना. यह उम्र से जुड़ी गिरावट को धीमा करती है.
दूसरा है तेल मालिश. महानारायण तेल, दशमूल तेल या चंदनाबाला लक्षादि तेल से मालिश करने से हड्डियों और जोड़ों को गहराई से पोषण मिलता है.
तीसरा उपाय है हर्बल दवाएं, जैसे लक्षा गुग्गुलु, महायोगराज गुग्गुलु, प्रवला पिष्टी और मुक्ता शुक्ति भस्म. ये पारंपरिक औषधियां हड्डियों की मजबूती बढ़ाने में मदद करती हैं.
साथ ही खानपान और लाइफस्टाइल पर भी जोर दिया गया है. आयुर्वेद कहता है कि घोड़ा चना, अदरक, लहसुन, ड्रमस्टिक और ऐश लौकी जैसे भोजन हड्डियों को मजबूत करते हैं. अनार, आम और अंगूर जैसे फल शरीर में पौष्टिकता बनाए रखते हैं.
Diwali 2025: ऐसे करें असली नकली मिठाइयों की पहचान! | Fake Vs Real | Adulteration | Sweets | Paneer
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं