World Lung Cancer Day 2026: हर साल 1 अगस्त को वर्ल्ड लंग कैंसर डे मनाया जाता है. फेफड़ों के कैंसर के मामलों को रोकने के प्रयास में दुनियाभर में लोग इस अनोखे दिन को मनाते हैं. इस दिन का टारगेट फेफड़ों के कैंसर के बारे में जागरुकता को बढ़ावा देना और बीमारी के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी फैलाना है. आकाश हेल्थकेयर के रेस्पिरेट्री और स्लीप मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट और हेड डॉ. अक्षय बुधराजा के अनुसार, “फेफड़े शरीर का वो हिस्सा हैं जो हर सांस में प्रदूषकों से जूझते हैं. इन्हें मजबूत रखने के लिए हमें रोजमर्रा की आदतों पर ध्यान देना चाहिए.
वर्ल्ड लंग कैंसर डे का इतिहास | World Lung Cancer Day History
2012 में फोरम ऑफ इंटरनेशनल रेस्पिरेटरी सोसाइटीज ने इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ लंग कैंसर और अमेरिकन कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन के साथ मिलकर फेफड़ों के कैंसर और संबंधित समस्याओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक अभियान शुरू किया. फेफड़ों के कैंसर पर विश्व सम्मेलन (WCLC) दुनिया में सबसे व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त संगठन है जो मुख्य रूप से फेफड़ों के कैंसर से संबंधित समस्याओं और इसके बारे में जागरूकता फैलाने पर ध्यान केंद्रित करता है.
फेफड़ों को हेल्दी रखने के लिए क्या करें- (What to do to keep the lungs healthy)
1. हेल्दी डाइट-
एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर डाइट जैसे, टमाटर, गाजर, हरी पत्तेदार सब्जियां और फल फेफड़ों की सूजन को कम करते हैं और टिशूज को रिपेयर करते हैं. डॉक्टर के अनुसार, “ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन C और E युक्त भोजन फेफड़ों को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है.
2. एक्सरसाइज-
डॉक्टर के अनुसार हफ्ते में कम से कम 5 दिन, 30 मिनट तक ब्रिस्क वॉक, योग या साइकलिंग जैसी गतिविधियां करें. इससे फेफड़ों की ऑक्सीजन कैपेसिटी बढ़ती है और श्वास प्रणाली मजबूत होती है.

शरीर को सेहतमंद रखने के लिए एक्सरसाइज है बेहद जरूरी. Photo Credit: Copilot
3. एयर क्वालिटी-
डॉक्टर आजकल कई एप्स हैं जो आपके क्षेत्र की एयर क्वालिटी इंडेक्स की जानकारी देते हैं. अगर AQI 150 से ज्यादा हो, तो बाहर निकलने से बचें या मास्क पहनें. घर में एयर प्यूरीफायर का उपयोग भी फायदेमंद है.
4. स्मोकिंग-
सिगरेट, बीड़ी या हुक्का – किसी भी तरह का धुआं फेफड़ों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ा देता है. खुद भी न पीएं और पैसिव स्मोकिंग से भी बचें.
5. चेकअप-
डॉ. के अनुसार, “लंग हेल्थ को नजरअंदाज करना अब लग्जरी नहीं, खतरा है. शुरुआती लक्षणों को पकड़ना ही बेहतर इलाज की कुंजी है. अगर आपको बार-बार खांसी, सांस फूलना या सीने में भारीपन लगता है, तो नजरअंदाज न करें. डॉक्टर से जांच करवाएं और जरूरत हो तो लो डोज सीटी स्कैन जैसे टेस्ट भी कराएं.
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