विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, भारत में दुनिया के 12% धूम्रपान करने वाले रहते हैं. भारत में हर साल 10 लाख से अधिक लोग तंबाकू के कारण मरते हैं. 2002 के WHO अनुमानों के अनुसार, भारत में 25% वयस्क पुरुष धूम्रपान करते हैं. वयस्क महिलाओं में यह आंकड़ा काफी कम है, जो 13 से 15% के बीच है. हालांकि बीते एक दशक में महिलाओं में स्मोकिंग की लत बढ़ती दिख रही है.
स्मोकिंग करना सेहत के लिए और खासकर आपके फेफड़ों के लिए कितना घातक है ये समझना बहुत जरूरी है. दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टर अजय चौधरी ने इस बारे में एनडीटीवी से बातचीत की और बताया कि स्मोकिंग करने वाले में कैंसर का खतरा कितना बढ़ जाता है.
सबसे पहले ये वीडियो देखिए -
100 में से कितने स्मोकर्स को होता है कैंसर?
डॉक्टर सुनील कुमार ने बताया कि सिगरेट स्मोकिंग से लंग कैंसर होता है ये प्रूवेन है. उन्होंने कहा कि अगर 100 लोग 15 सालों तक लगातार स्मोकिंग करते हैं तो उनमें से 40 लोगों को लंग कैंसर होता ही है.
वहीं जो लोग गुटखा, पान मसाला या तंबाकु के दूसरे प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं 10 से 15 साल तक तो उनमें से 30 से 40 प्रतिशत लोगों को कैंसर हो जाता है. चाहे ये अर्ली स्टेज में हो या लेटर स्टेज में कैंसर का खतरा रहता ही है.
महिलाओं में बढ़े लंग कैंसर के मामले
डॉक्टर ने बताया कि महिलाओं में लंग कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं. लंग कैंसर की 100 में से लगभग 35-40 पैशेंट महिलाएं होती हैं. वहीं हैरानी की बात ये है कि अब पहले के मुकाबले चूल्हे जलाने की व्यवस्था कम हो गई है.
गांवों में भी महिलाएं गैस स्टोव पर ही खाना पकाती है. महिलाओं में लंग कैंसर के मामले स्मोकिंग की वजह से बढ़ रहे हैं, जो चिंताजनक स्थिति है.
(डॉ. अजय चौधरी, न्यूरोसर्जरी के एसोसिएट प्रोफेसर से बातचीत पर आधारित लेख.)
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