आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अक्सर नींद पूरी नहीं हो पाती. शुरुआत में इसका असर सिर्फ थकान के रूप में दिखाई देता है लेकिन धीरे-धीरे शरीर कई ऐसे संकेत देने लगता है, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. कई बार हमें लगता है कि बार-बार चाय या कॉफी की जरूरत, बिना वजह गुस्सा आना या मीठा खाने का मन करना सामान्य बात है लेकिन ये शरीर के ऐसे संकेत हो सकते हैं, जो बता रहे हों कि उसे आराम की जरूरत है.
दरअसल, नींद केवल शरीर को आराम देने का समय नहीं है बल्कि इस दौरान शरीर खुद को ठीक करने, एनर्जी वापस लाने और दिमाग को व्यवस्थित करने का काम करता है. जब नींद पूरी नहीं होती तो इसका असर हमारी सोच, मूड, भूख और रोगों से लड़ने की क्षमता पर भी पड़ सकता है.
-
NDTV World Summit 2026: राज्यों के बीच हो CEO जैसी रेस... देश की अर्थव्यवस्था पर बोले निखिल कामत -
NDTV World Summit 2026:निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया फॉर्मूला, राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस -
"AI को वैसा पुराना कंप्यूटर मत समझो..." स्वामी सर्वप्रियानंद ने चेतावनी -
'सेहत को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी..' लीलावती अस्पताल के ट्रस्टी राजीव मेहता की काम की सलाह -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026: Africa50 से कैसे बदल रही है अफ्रीका की तस्वीर? CEO जलाल खिमजी ने बताया -
कार की सर्विस समय पर कराते हैं, शरीर की क्यों नहीं? लीलावती अस्पताल के ट्रस्टी की काम की सलाह -
NDTV वर्ल्ड समिट में महिला बेस गिटारिस्ट मोहिनी डे, बोलीं- इंडिया का नाम रोशन करने पर गर्व -
क्या AI इस जमाने का असुर है? न्यू यॉर्क वेदांत सोसाइटी के रेजिडेंट मिनिस्टर स्वामी सर्वप्रियानंद ने दिया जवाब -
'खुशनसीब हूं कि भारत में पैदा हुई, जहां मस्जिद और मंदिर एक साथ मौजूद हैं', NDTV वर्ल्ड समिट 2026 में मोहिनी डे -
'AI इंसानियत के लिए चौथा बड़ा झटका हो सकता है', NDTV से बोले AI को नैतिकता सिखाने वाले स्वामी सर्वप्रियानंद
बार-बार चाय-कॉफी पीने का मन-
अगर सुबह उठते ही या दिनभर काम करने के लिए बार-बार चाय या कॉफी का सहारा लेना पड़ता है, तो यह कम नींद का संकेत हो सकता है. कैफीन कुछ समय के लिए दिमाग को सक्रिय महसूस करा देती है, जिससे नींद और थकान का एहसास कम होता है लेकिन यह शरीर को वह आराम नहीं दे सकती, जो अच्छी नींद से मिलता है.

Photo Credit: Pexels
क्यों होता है मीठा खाने का मन-
कई लोगों को नींद पूरी न होने पर अचानक मीठी चीजें, फास्ट फूड या ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाने की इच्छा होने लगती है. इसकी वजह शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव होते हैं. वहीं, कम नींद के कारण भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन प्रभावित होते हैं. ऐसे में शरीर जल्दी एनर्जी देने वाली चीजों की मांग करने लगता है. इसके अलावा जब दिमाग थका हुआ होता है तो खाने को लेकर खुद पर नियंत्रण रखना भी मुश्किल महसूस होता है.
गु्स्सा आने की वजह-
अगर पहले की तुलना में अब छोटी बातों पर ज्यादा गुस्सा आने लगा है या मन जल्दी खराब हो जाता है, तो इसके पीछे नींद की कमी भी एक वजह हो सकती है. पर्याप्त नींद न मिलने पर दिमाग भावनाओं को संभालने में कमजोर पड़ता है. ऐसे में व्यक्ति छोटी परेशानियों को भी ज्यादा बड़ा महसूस करता है. नींद पूरी होने पर जहां व्यक्ति शांत रह पाता है, वहीं कम नींद की स्थिति में धैर्य कम हो सकता है और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है.
नींद की कमी से होने वाली परेशानियां-
नींद की कमी का सीधा असर दिमाग की कार्यक्षमता पर पड़ता है. अगर ध्यान लगाने में परेशानी हो रही है, चीजें याद रखने में दिक्कत आ रही है या छोटे फैसले लेने में भी ज्यादा समय लग रहा है, तो यह शरीर का संकेत हो सकता है कि उसे पर्याप्त आराम नहीं मिल रहा. अच्छी नींद दिमाग को नई जानकारी समझने, याद रखने और सही निर्णय लेने में मदद करती है. लगातार कम सोने से सोचने की गति और काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है.
अगर आपको बार-बार सर्दी, जुकाम या संक्रमण जैसी समस्याएं होने लगी हैं, तो इसका संबंध कमजोर इम्यूनिटी से हो सकता है. शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखने में नींद की अहम भूमिका होती है. जब व्यक्ति लगातार कम सोता है तो शरीर की इम्यूनिटी प्रभावित हो सकती है. इससे सामान्य संक्रमण से लड़ने की क्षमता कम हो सकती है और व्यक्ति जल्दी बीमार महसूस कर सकता है.
हालांकि ये सभी संकेत नींद पूरी न होने की ओर संकेत कर सकते हैं लेकिन हर बार इसकी वजह सिर्फ नींद ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है. तनाव, चिंता, मानसिक दबाव, थायरॉयड की समस्या, पोषण की कमी, ब्लड शुगर से जुड़ी परेशानी या कुछ दवाओं के असर से भी ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं.
ये भी पढ़ें- सफेद बाल काले कैसे करें? मेहंदी और डाई के बिना अपनाएं ये आयुर्वेदिक उपाय
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं