Weight Loss Mistakes: तेजी से वजन कम करने के लिए क्रैश डाइट फॉलो करने के बारे में सपने में भी न सोचें, ये हैं 4 वजह

Weight Loss Tips: क्रैश डाइट बहुत ही रोमांचक लगती है क्योंकि माना जाता है कि ये तुरंत परिणाम देती हैं. क्रैश डाइटिंग या यो-यो डाइटिंग बहुत ही कम कैलोरी वाली डाइट है. यह डाइट केवल थोड़े समय के लिए वजन कम करने में मदद करेगा.

Weight Loss Mistakes: तेजी से वजन कम करने के लिए क्रैश डाइट फॉलो करने के बारे में सपने में भी न सोचें, ये हैं 4 वजह

Weight Loss Mistakes: क्रैश डाइट रोमांचक लगती है माना जाता है कि ये तुरंत परिणाम देती हैं.

खास बातें

  • क्रैश डाइट रोमांचक लगती है, माना जाता है कि ये तुरंत परिणां दिखाती है.
  • क्रैश डाइटिंग या यो-यो डाइटिंग बहुत ही कम कैलोरी वाली डाइट है.
  • यह डाइट केवल थोड़े समय के लिए वजन कम करने में मदद करेगा.

Crash Diet Plan For Weight Loss: हम सभी तेजी से वजन कम करने के तरीके खोजने के बहुत बड़े प्रशंसक हैं. क्रैश डाइट बहुत ही रोमांचक लगती है क्योंकि माना जाता है कि ये तुरंत परिणाम देती हैं. क्रैश डाइटिंग या यो-यो डाइटिंग बहुत ही कम कैलोरी वाली डाइट है. यह डाइट केवल थोड़े समय के लिए वजन कम करने में मदद करेगा. क्रैश डाइट भले ही तुरंत रिजल्ट देती हो, लेकिन ये मेटाबॉलिज्म के लिए अच्छी नहीं है और पोषक तत्वों की कमी का कारण बनती है. बहुत से लोगों का वजन लंबे समय में बढ़ जाता है. क्रैश डाइटिंग या यो-यो डाइटिंग को वेट साइकलिंग के नाम से भी जाना जाता है. इसमें वजन कम करने का पैटर्न है कि वेट लॉस करना, फिर से वेट गेन करना और इसे फिर से डाइटिंग करना. व्यक्ति आमतौर पर शुरुआत में वजन कम करने और परिणाम देखने में सफल होता है लेकिन लंबे समय तक इसे बनाए रखने में विफल रहता है. आखिरकार जितना वजन घटाया होता है वह फिर से वापस आ जाता है और डाइटर फिर से वजन कम करना चाहता है और चक्र फिर से शुरू होता है.

क्रैश डाइटिंग से क्यों बचना चाहिए? | Why You Should Avoid Crash Dieting

1. मेटाबॉलिज्म को कम करता है

मेटाबॉलिज्म के लिए मसल्स मास जरूरी है. जब कम कैलोरी बर्न होती है तो मांसपेशियां नष्ट हो जाती हैं. बहुत अधिक डाइट आपको उपवास की स्थिति में डाल सकता है और ऊर्जा बचाने के लिए आपका मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाएगा और आपका शरीर अधिक वसा पर लटक जाएगा. यह बाद में वजन बढ़ने का कारण बन जाता है और समय के साथ अधिक मांसपेशियों के नुकसान की ओर जाता है.

2. पोषण की कमी

ये डाइट रेजिस्टेंड हैं और महत्वपूर्ण पोषक तत्वों विटामिन और खनिजों को कम कर सकते हैं. पोषक तत्वों की कमी से ऊर्जा, प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है और इससे अत्यधिक थकान हो सकती है.

3. भूख बढ़ती है

डाइटिंग के दौरान पेट को भरा रखने वाला हार्मोन लेप्टिन कम हो जाता है. इससे भूख में वृद्धि होती है क्योंकि शरीर खोई हुई ऊर्जा को बहाल करने की कोशिश करता है. इस प्रक्रिया में आप आवश्यकता से अधिक उपभोग कर लेते हैं. इसलिए, इस अल्पकालिक वजन घटाने से भविष्य में अतिरिक्त वजन बढ़ जाता है.

4. मांसपेशियों को नुकसान

कैलोरी शरीर को चलाने और उसे मेंटेन करने में मदद करती है. कम कैलोरी सेवन के साथ शरीर ऊर्जा का उपभोग करने के लिए मांसपेशियों को टूटने के लिए मजबूर करता है. क्योंकि वजन घटाने के बाद मांसपेशियों की तुलना में वसा अधिक आसानी से वापस आ जाती है, इससे समय के साथ मांसपेशियों का अधिक नुकसान हो सकता है.

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अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.