महिलाओं में प्राइवेट पार्ट में खुजली (Vaginal Itching) और जलन एक आम समस्या है, लेकिन अगर यह बार-बार हो रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इसके पीछे यीस्ट इंफेक्शन, बैक्टीरियल वैजिनोसिस, यौन संक्रमण (STI), एलर्जी, हार्मोनल बदलाव या गलत इंटिमेट हाइजीन आदतें जिम्मेदार हो सकती हैं. गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. पलक दीवान बताती हैं कि समय रहते कारण जानना और सही इलाज करवाना जरूरी है, क्योंकि बार-बार होने वाली खुजली संक्रमण का संकेत भी हो सकती है.
यीस्ट इंफेक्शन से लेकर बैक्टीरियल इंफेक्शन तक हो सकते हैं कारण
वेजाइनल यीस्ट इंफेक्शन, खासकर कैंडिडा के कारण होने वाला संक्रमण, खुजली और जलन का एक सामान्य कारण है. इसमें सफेद, गाढ़ा डिस्चार्ज, लालिमा और सूजन भी हो सकती है. वहीं, बैक्टीरियल वैजिनोसिस में अक्सर असामान्य डिस्चार्ज और तेज गंध देखने को मिल सकती है.
कुछ मामलों में यौन संचारित संक्रमण (STI) भी खुजली, जलन, असामान्य डिस्चार्ज, पेशाब के दौरान जलन या घाव का कारण बन सकते हैं. इसके अलावा साबुन, परफ्यूम वाले इंटिमेट वॉश, सैनिटरी प्रोडक्ट्स, डिटर्जेंट या टाइट सिंथेटिक अंडरवियर से होने वाली त्वचा की जलन भी ऐसी समस्या पैदा कर सकती है.
मेनोपॉज के आसपास एस्ट्रोजन का स्तर कम होने से vaginal dryness और tissues में संवेदनशीलता बढ़ सकती है, जिससे जलन और खुजली की शिकायत हो सकती है.
सफाई के नाम पर ये गलतियां न करें
प्राइवेट पार्ट को बार-बार साबुन या इंटिमेट वॉश से साफ करना जरूरी नहीं है. सुगंधित प्रोडक्ट्स और कठोर केमिकल त्वचा और vaginal area के प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं. vagina खुद को साफ करने में सक्षम होती है, इसलिए अंदर से सफाई करने या douching की जरूरत नहीं होती.
बहुत देर तक गीले कपड़े या पसीने वाले अंडरवियर में रहना भी नमी बढ़ा सकता है. बेहद टाइट कपड़े लगातार पहनने से भी गर्मी और नमी बनी रह सकती है. पीरियड्स के दौरान सैनिटरी पैड को लंबे समय तक न बदलना भी जलन और संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकता है.
हर बार खुद से दवा लेना सही नहीं
खुजली होने पर बिना कारण जाने बार-बार antifungal cream या दूसरी दवाएं इस्तेमाल करना सही तरीका नहीं है. हर खुजली यीस्ट इंफेक्शन की वजह से नहीं होती और गलत दवा से सही कारण का पता लगाने में देरी हो सकती है.
अगर खुजली या जलन बार-बार हो रही है, असामान्य डिस्चार्ज या तेज गंध है, पेशाब करते समय दर्द या जलन होती है, सेक्स के दौरान दर्द होता है, घाव या छाले दिखाई देते हैं, या समस्या उपचार के बाद भी वापस आ जाती है, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए.
डॉक्टर लक्षणों और जरूरत के अनुसार जांच करके सही कारण का पता लगा सकते हैं और उसी के अनुसार उपचार की सलाह दे सकते हैं. खासकर बार-बार होने वाली समस्या में केवल लक्षण दबाने के बजाय उसके मूल कारण को समझना जरूरी है.
विशेषज्ञ के बारे में
डॉ. पलक दीवान आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता में कंसल्टेंट गायनेकोलॉजिस्ट हैं. उन्हें महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य, वेजाइनल इंफेक्शन, पीरियड्स संबंधी समस्याओं, मेनोपॉज और स्त्री रोगों के निदान एवं उपचार का अनुभव है.
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