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This Article is From Jul 03, 2021

Causes Of Pigmentation: Troubled By Dark Spots On Face, Know The Real Reason Of Pigmentation From Expert

Reason Of Pigmentation: एस्थेटिक, स्किन और वेलनेस डॉक्टर किरण सेठी लोहिया ने हाइपरपिग्मेंटेशन के कारण बताए हैं. अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में डॉ. लोहिया ने बताया है कि हाइपरपिग्मेंटेशन आखिर है क्या और कैसा होता है.

Causes Of Pigmentation: Troubled By Dark Spots On Face, Know The Real Reason Of Pigmentation From Expert
हाइपरपिग्मेंटेशन से जूझ रहे हैं तो किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें

चेहरे पर पिंपल आए तो परेशानी और अगर यही पिंपल ठीक हो जाए तो भी कई बार परेशानी का कारण बन जाता है. वजह ये है कि अक्सर पिंपल जाते जाते अपने निशान छोड़ जाते हैं. जिसकी वजह से त्वचा पर काले काले धब्बे नजर आने लगते हैं. इन काले धब्बों को हाइपरपिग्मेंटेशन कहते हैं. वैसे एक नहीं कई वजहों से ये काले धब्बे हो सकते हैं. एस्थेटिक, स्किन और वेलनेस डॉक्टर किरण सेठी लोहिया ने हाइपरपिग्मेंटेशन के कारण बताए हैं. अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में डॉ. लोहिया ने बताया है कि हाइपरपिग्मेंटेशन आखिर है क्या और कैसा होता है.

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क्या होता है हाइपरपिग्मेंटेशन?

 डॉ. किरण सेठी लोहिया के मुताबिक हाइपरपिग्मेंटेशन एक आम समस्या है. जिसमें स्किन का कुछ हिस्सा ज्यादा डार्क हो जाता है. ये डार्कनिंग इसलिए होती है क्योंकि भूरे रंग का पिग्मेंट मेलेनिन जरूरत से ज्यादा मात्रा में जमा हो जाता है.

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हाइपरपिग्मेंटेशन के प्रकार

सनस्पॉट एंड एज स्पॉट-

इस तरह के डार्क स्पॉट ज्यादा देर सूरज की तेज रोशनी में रहने की वजह से हो सकते हैं. सन डैमेज से हुए ये स्पॉट आमतौर पर हाथ और चेहरे की त्वचा पर हो सकते हैं.

मेलस्मा-

छोटे काले धब्बों की बजाए ये हाइपरपिग्मेंटेशन की वजह से बनने वाले ज्यादा बड़े काले धब्बे होते हैं. जो अधिकांशतः हार्मोनल चेंजेस की वजह से होते हैं. प्रेगनेंसी और बर्थ कंट्रोल पिल्स की वजह से भी हाइपरपिग्मेंटेशन हो सकता है. क्योंकि इस दौरान भी हार्मोनल चेंज हो सकता है.

फ्रेकल्स-

ये छोटे और भूरे रंग के स्पॉट्स होते हैं. जो शरीर में कहीं भी हो सकते हैं. पर चेहरे और बांह पर इनका होना आम बात है. ये अक्सर इन्हेरिट भी होते हैं यानि माता पिता या किसी अन्य को होने पर ऐसा हाइपरपिग्मेंटेशन बच्चों में भी हो सकता है. वैसे तो ये भूरे रंग के ही धब्बे होते हैं पर अगर सूरज की रोशनी में ज्यादा देर एक्सपोज रहे तो इनका रंग गहरा होने की भी संभावनाएं रहती हैं.

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चोट लगने के बाद पिग्मेंटेशन

ये पिग्मेंटेशन दूसरे धब्बों की तरह जिद्दी नहीं रहता. चोट लगने के बाद या किसी सूजन के बाद पिग्मेंटेश हो सकता है पर वक्त के साथ ये ठीक भी हो जाता है. इसलिए इस तरह के पिग्मेंटेशन में फिक्र की कोई बात नहीं होती.

इस मामले में डॉ. किरण सेठी लोहिया की सलाह है कि अगर आप हाइपरपिग्मेंटेशन से जूझ रहे हैं तो किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें और ऐसे दाग धब्बों से छुटकारा पाएं.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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