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बदलते मौसम में खांसी-जुकाम से परेशान? ट्राई करें थूथुवलाई (thoothuvalai kashayam)काढ़ा, इम्यूनिटी बढ़ाने में भी करेगा मदद

Thoothuvalai Kashyam For Cough and Cold: मौसम बदलते ही खांसी, जुकाम, गले में खराश और बुखार जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं. ठंडी हवा और नमी के कारण शरीर जल्दी संक्रमण की चपेट में आ जाता है. ऐसे समय में लोग दवाइयों के साथ-साथ घरेलू नुस्खों की ओर भी रुख करते हैं. इन्हीं में से एक पारंपरिक उपाय है काढ़ा, जिसे अलग-अलग जड़ी-बूटियों और मसालों से तैयार किया जाता है. दक्षिण भारत में खासतौर पर थूथुवलाई काढ़ा काफी लोकप्रिय है, जिसे सर्दी-खांसी से राहत पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

बदलते मौसम में खांसी-जुकाम से परेशान? ट्राई करें थूथुवलाई (thoothuvalai kashayam)काढ़ा, इम्यूनिटी बढ़ाने में भी करेगा मदद
Thoothuvalai Kashyam For Cough and Cold
Unsplash

Thoothuvalai Kashyam For Cough and Cold: मौसम बदलते ही खांसी, जुकाम, गले में खराश और बुखार जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं. ठंडी हवा और नमी के कारण शरीर जल्दी संक्रमण की चपेट में आ जाता है. ऐसे समय में लोग दवाइयों के साथ-साथ घरेलू नुस्खों की ओर भी रुख करते हैं. इन्हीं में से एक पारंपरिक उपाय है काढ़ा, जिसे अलग-अलग जड़ी-बूटियों और मसालों से तैयार किया जाता है. दक्षिण भारत में खासतौर पर थूथुवलाई काढ़ा काफी लोकप्रिय है, जिसे सर्दी-खांसी से राहत पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

क्या है थूथुवलाई काढ़ा? (What is Thoothuvalai Kashayam)

थूथुवलाई (Solanum Trilobatum) एक औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में लंबे समय से किया जाता रहा है. यह खासतौर पर छाती में जमा कफ, खांसी और सांस से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मददगार माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं.

थूथुवलाई काढ़ा बनाने के लिए सामग्री-

  • थूथुवलाई की पत्तियां - 5 से 6
  • तुलसी के पत्ते - 5 से 7
  • अदरक - 1 छोटा टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ)
  • हल्दी - ½ चम्मच
  • अजवाइन - ½ चम्मच
  • पानी - 2 कप
  • गुड़ - स्वादानुसार (वैकल्पिक)

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कैसे काम करता है यह काढ़ा?

थूथुवलाई काढ़ा शरीर में जमा कफ को ढीला करने और बाहर निकालने में मदद करता है. इसके साथ ही यह गले की खराश को शांत करता है और सांस लेने में आसानी देता है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से इम्यूनिटी भी मजबूत होती है, जिससे शरीर संक्रमण से लड़ने में सक्षम बनता है.

ऐसे बनाएं थूथुवलाई काढ़ा- 

  1. सबसे पहले थूथुवलाई की पत्तियों को अच्छी तरह धो लें.
  2. अब एक बर्तन में पानी उबालें और उसमें तुलसी के पत्ते, अदरक, हल्दी और अजवाइन डालें.
  3. इसके बाद इसमें थूथुवलाई की पत्तियां डालकर 8 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं.
  4. जब पानी आधा रह जाए, तो इसे छान लें.
  5. स्वाद के लिए इसमें थोड़ा गुड़ मिलाकर गर्म-गर्म पी लें.

कब और कैसे पिएं?

इस काढ़े को दिन में एक या दो बार पीना फायदेमंद माना जाता है. खासतौर पर सुबह या रात में सोने से पहले इसका सेवन करने से ज्यादा लाभ मिल सकता है.

अगर आप बदलते मौसम में बार-बार बीमार पड़ते हैं, तो यह पारंपरिक काढ़ा आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है. हालांकि अगर समस्या ज्यादा गंभीर हो, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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