अगर आपने कभी वर्कआउट के बाद लेने वाले प्रोटीन पाउडर के डिब्बे को पलटकर उसमें मौजूद इंग्रीएंट्स की लिस्ट देखी होगी, तो आपकी नजर कई मुश्किल केमिकल और फूड-साइंस से जुड़े शब्दों पर जरूर पड़ी होगी. इनमें से एक चीज जो अक्सर फ्लेवर्ड व्हे (whey), मास गेनर और प्लांट-बेस्ड प्रोटीन ब्लेंड्स में दिखती है, वह है माल्टोडेक्सट्रिन. इसका नाम पढ़ने पर ऐसा लगता है जैसे यह लैब में बना कोई डरावना कंपाउंड है, जिसे सिर्फ इंडस्ट्रियल फूड प्रोसेसिंग के लिए बनाया गया हो. लेकिन असल में यह क्या है और यह आपके फिटनेस शेक में क्यों होता है, आइए इस बारे में जानते हैं.
माल्टोडेक्सट्रिन असल में क्या है?
माल्टोडेक्सट्रिन एक सफेद, बिना गंध वाला और पानी में घुलने वाला पाउडर है जिसे मक्का, चावल, आलू या गेहूं जैसे स्टार्च वाले पौधों से बनाया जाता है. भले ही यह प्राकृतिक, पौधों से मिलने वाले स्टार्च से बनता है, लेकिन इसे बहुत ज्यादा रिफाइन किया जाता है, जिसका मतलब है कि इसे आखिरकार एक बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट माना जाता है.
कैसे किया जाता है तैयार?
इसे बनाने के लिए, फूड साइंटिस्ट 'पार्शियल हाइड्रोलिसिस' (आंशिक हाइड्रोलिसिस) नाम की प्रक्रिया का इस्तेमाल करते हैं. स्टार्च को पकाया जाता है और खास एसिड या एंजाइम के साथ प्रोसेस किया जाता है ताकि बड़े मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर को शुगर मॉलिक्यूल की छोटी और आसानी से पचने वाली चेन में तोड़ा जा सके, जिन्हें पॉलिमर कहा जाता है.
किन चीजों में होता है इस्तेमाल?
प्रोसेसिंग के तरीके के आधार पर, माल्टोडेक्सट्रिन का स्वाद लगभग कुछ नहीं होता या हल्का मीठा हो सकता है. क्योंकि यह लिक्विड में तुरंत घुल जाता है और बिना दानेदार बनावट छोड़े आसानी से मिल जाता है, इसलिए यह ग्लोबल फूड इंडस्ट्री में एक जरूरी एडिटिव बन गया है. यह आपको हर जगह मिल जाएगा - इंस्टेंट सूप, सॉस और सलाद ड्रेसिंग से लेकर आपके पसंदीदा प्री-वर्कआउट और पोस्ट-वर्कआउट फिटनेस सप्लीमेंट्स तक.
इसे प्रोटीन पाउडर में क्यों मिलाया जाता है?
आखिर प्रोटीन सप्लीमेंट में कार्बोहाइड्रेट फिलर की क्या जरूरत है? इस सवाल का जवाब ये है कि स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन फॉर्मूलेशन में माल्टोडेक्सट्रिन कई अलग-अलग मैन्युफैक्चरिंग, स्ट्रक्चरल और फंक्शनल काम करता है:
बनावट और घुलने की क्षमता को बेहतर बनाता है
किसी को भी ऐसा प्रोटीन शेक पसंद नहीं आता जिसमें गांठें हों या जो चॉक जैसा लगे और ठीक से न घुले. माल्टोडेक्सट्रिन एक बेहतरीन बल्किंग एजेंट और टेक्सचर को बेहतर बनाने वाला तत्व है, जो यह पक्का करता है कि पाउडर पानी, दूध या प्लांट-बेस्ड विकल्पों में आसानी से घुल जाए.
शेल्फ-लाइफ बढ़ाता है
एक स्टेबल कार्बोहाइड्रेट होने के नाते, यह बची हुई नमी को सोखने में मदद करता है और नमी वाले माहौल में प्रोटीन पाउडर को जमने, सख्त होने या जल्दी खराब होने से बचाता है.
तेजी से एनर्जी की भरपाई
मास गेनर या खास पोस्ट-वर्कआउट ब्लेंड में, माल्टोडेक्सट्रिन को जानबूझकर मिलाया जाता है ताकि तेजी से एनर्जी मिल सके.
माल्टोडेक्सट्रिन का सेहत पर असर
आपके शरीर पर माल्टोडेक्सट्रिन का असर काफी हद तक आपके पर्सनल हेल्थ लक्ष्यों, मेटाबोलिक स्थिति और आप किस तरह का फिटनेस सप्लीमेंट ले रहे हैं, इस पर निर्भर करता है. आइए वैज्ञानिक तथ्यों पर गौर करें:
ग्लाइसेमिक इंडेक्स
माल्टोडेक्सट्रिन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है. इसकी वैल्यू 85 से 105 से भी ज्यादा हो सकती है. अगर आपको प्री-डायबिटीज, इंसुलिन रेजिस्टेंस या टाइप 2 डायबिटीज है, तो ब्लड ग्लूकोज में बार-बार और अचानक होने वाली बढ़ोतरी आपकी लंबे समय की मेटाबोलिक सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकती है.
गट माइक्रोबायोम पर असर
'नेचर रिव्यूज गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड हेपेटोलॉजी' जर्नल में छपी नई न्यूट्रिशनल रिसर्च से पता चलता है कि माल्टोडेक्सट्रिन जैसे बहुत ज्यादा प्रोसेस किए गए फूड एडिटिव्स आपकी आंतों में रहने वाले बैक्टीरिया के संतुलन को बिगाड़ सकते हैं.
वजन पर असर
अगर आपका फिटनेस गोल लीन मसल बनाना, बॉडी रीकम्पोजिशन या फैट कम करना है, तो माल्टोडेक्सट्रिन से मिलने वाले छिपे हुए कार्बोहाइड्रेट आपकी डाइट में एक्स्ट्रा कैलोरी ऐड कर सकते हैं.
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