आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में घंटों लैपटॉप और कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठना लोगों की मजबूरी बन चुका है. ऑफिस वर्क, ऑनलाइन मीटिंग्स, मोबाइल और लगातार स्क्रीन टाइम का असर सबसे ज्यादा गर्दन, कंधों और आंखों पर दिखाई देता है. कई लोग दिन खत्म होते-होते गर्दन में जकड़न, कंधों का दर्द, आंखों में भारीपन और सिरदर्द जैसी समस्याओं से परेशान हो जाते हैं. ऐसे में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर द्वारा बताई गई एक आसान 30 सेकंड की तकनीक सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है. उनका कहना है कि यह छोटी-सी एक्सरसाइज गर्दन और कंधों के तनाव को कम करने में मदद कर सकती है.
क्या है 30 सेकंड की यह तकनीक?
इस तकनीक को करने के लिए सबसे पहले अपनी उंगलियों को पूरी तरह फैलाकर दोनों हाथों को हवा में सीधा ऊपर उठाएं. धीरे-धीरे गर्दन को घुमाएं. इसके बाद दोनों हाथों की उंगलियों को सिर के पीछे रखें और अंगूठों को जबड़े के पास टिकाएं.
अब बिना गर्दन घुमाए केवल आंखों से बाईं तरफ देखें, फिर दाईं तरफ. इसके बाद आंखों को ऊपर उठाकर छत की ओर देखें. फिर आंखों को तीन बार क्लॉक-वाइज और तीन बार एंटी-क्लॉकवाइज घुमाएं. लास्ट में कुछ सेकंड तक तेजी से पलकें झपकाएं और शरीर को रिलैक्स करें.
श्री श्री रविशंकर के अनुसार यह प्रैक्टि, आंखों, गर्दन और कंधों में बने तनाव को कम करने में मदद कर सकता है.
स्क्रीन टाइम क्यों बढ़ा रहा है गर्दन का दर्द?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक लंबे समय तक स्क्रीन पर देखने से गर्दन की मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ता है. खासतौर पर जब लोग झुककर मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करते हैं, तो गर्दन पर एक्स्ट्रा स्ट्रेस बढ़ जाता है.
इसके अलावा लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में स्ट्रेन और शरीर में अकड़न भी महसूस होने लगती है. कई बार यही तनाव सिरदर्द और थकान का कारण बन जाता है.
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
न्यूट्रिशनिस्ट ऋजुता दिवेकर कहती हैं, गर्दन और कंधों की मांसपेशियां हमेशा गुरुत्वाकर्षण बल के विपरीत सिर का भार उठाती रहती हैं. यही कारण है कि समय के साथ वे कमजोर पड़ जाती हैं, जिससे हमारी फिजिकल पोस्चर (Posture) बिगड़ जाता है.
फिजियोथेरेपिस्ट्स का मानना है कि हल्की नेक मोबिलिटी एक्सरसाइज और आई मूवमेंट टेक्नीक्स मसल्स को रिलैक्स करने में मदद कर सकती हैं. हालांकि यह कोई मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं है, लेकिन लंबे समय तक बैठे रहने से होने वाली जकड़न को कम करने में उपयोगी हो सकती है.
एक्सपर्ट्स यह भी सलाह देते हैं कि हर 30-40 मिनट में स्क्रीन से छोटा ब्रेक जरूर लें. सही पोस्चर में बैठना, स्क्रीन को आंखों की ऊंचाई पर रखना और रेगुलर स्ट्रेचिंग करना गर्दन के दर्द से बचाने में मदद करता है.
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?
अगर गर्दन का दर्द लगातार बना रहे, हाथों में झनझनाहट महसूस हो, चक्कर आए या सिरदर्द बढ़ने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना जरूरी है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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