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तपती दीवारें और बंद कमरे बन सकते हैं खतरा, घर में भी हो सकता है Heat Stroke

Heat Stroke Risk at Home: अगर आप भी घर पर रहते हैं और इन भीषण गर्मी से बचाव के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं तो अब आपको थोड़ा सावधान होने की जरूरत है. WHO और NIH के अनुसार घर पर रहने वालों को भी हीट स्ट्रोक और लू लगने का खतरा होता है.

तपती दीवारें और बंद कमरे बन सकते हैं खतरा, घर में भी हो सकता है Heat Stroke
घर में रहने वालों को भी लग सकता है हीट स्ट्रोक.

Heat Stroke Risk at Home: भीषण गर्मी और हीटवेव से बचने के लिए लोगों को खुद की सेफ रखने के लिए लोग कई तरह की सावधानियां बरतते हैं. घर से बाहर निकलने वाले लोगों को भी कई तरह के सेफ्टी टिप्स एक्सपर्ट द्वारा बताए जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ घर पर बाहर निकलने वाले ही इसकी चपेट में आए ऐसा जरूरी नहीं है. WHO और NIH ( National Library of Medicine) में पब्लिश स्टडी में बताया गया है कि घर पर रहने वाले लोग भी हीट स्ट्रोक की चपेट में आ सकते हैं. 

अगर घर के अंदर बहुत ज्यादा गर्मी हो, वेंटिलेशन का सही इंतजाम न हो और शरीर को ठंडा रखने और गर्मी से बचने का सही तरीके से इंतजाम ना किया जाए तो घर में रहने वाले लोगों को भी हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) हो सकता है.

25 मई से शुरू हुई नौतपा के साथ ही बीते कुछ दिनों से पारा 48 डिग्री तक पहुंच रहा है. ऐसे में जिन घरों में धूप सीधी आती है, वेंटिलेशन कम है या फिर कूलिंग का सही इंतजाम नहीं है, वहां पर घर तंदूर जैसे गर्म हो जाते हैं. खासकर टॉप फ्लोर वाले घर और जिन घरों की छत टिन की होती है ऐसी जगह पर रहने वाले लोगों के लिए खतरा ज्यादा बढ़ जाता है.

WHO के अनुसार 

बाहर काम करने वाले मजदूर, भारी मेहनत वाला काम करने वाले लोग, खिलाड़ी और राहत-बचाव कर्मचारियों को अपने काम की वजह से ज्यादा गर्मी झेलनी पड़ती है. इसलिए उन्हें हीट स्ट्रेस और लू का खतरा ज्यादा रहता है. शहर और गांव के गरीब लोग भी अक्सर ज्यादा गर्मी की मार झेलते हैं, क्योंकि उनके घरों की क्वालिटी अच्छी नहीं होती और ठंडक पाने के साधन कम होते हैं. कई शहरों में झुग्गी-झोपड़ी या कच्चे घर दूसरे इलाकों के मुकाबले ज्यादा गर्म हो जाते हैं, क्योंकि उनमें इस्तेमाल होने वाला सामान जल्दी गर्मी पकड़ लेता है. महिलाओं पर भी गर्मी का असर अलग तरीके से पड़ सकता है. जैसे कई घरों में महिलाएं गर्म मौसम में भी रसोई में खाना बनाती हैं, जिससे उन्हें ज्यादा गर्मी सहनी पड़ती है.

कब होता है हीट स्ट्रोक

Heat Stroke तब होता है जब हमारा शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता है. बॉडी का टेंपरेचर तेजी से बढ़ना है और अचानक ही हालत खराब हो जाती है. कई बार लोग इसे थकान मानकर इग्नोर कर देते हैं. 

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हीट स्ट्रोक के लक्षण

  • चक्कर आना
  • तेज सिरदर्द
  • उल्टी जैसा महसूस होना
  • बॉडी का बहुत गर्म हो जाना
  • पसीना आना बंद हो जाना
  • तेज धड़कन
  • बेहोशी या भ्रम जैसी स्थिति

कैसे करें बचाव 

  • धूप और गर्मी से दूर रहें
  • घर को ठंडा रखें
  • शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखें
  • बच्चों को बाहर ना निकलने दें

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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