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हंसते, रोते या छींकते ही सिर में उठता है तेज दर्द? इसे मामूली सिरदर्द समझने की भूल न करें

क्या आपको खांसते या छींकते समय सिरदर्द होता है? अगर हां, तो इसे हल्के में लेने की गलती न करें. ये एक गंभीर समस्या भी हो सकती है. यहां जानते हैं इस बारे में-

हंसते, रोते या छींकते ही सिर में उठता है तेज दर्द? इसे मामूली सिरदर्द समझने की भूल न करें
Cough Headache : कफ हेडेक क्या है?

अक्सर लोग सिरदर्द को थकान, तनाव, कम नींद या मौसम के बदलाव का असर माकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन अगर हंसते, रोते, छींकते, खांसते, झुकते या जोर लगाने के तुरंत बाद सिर में अचानक तेज दर्द शुरू हो जाए, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए.

जयपुर स्थित नारायणा हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. डॉ. अरविंद कुमार लेकसर का कहना है कि इस तरह से होने वाले सिरदर्द को मेडिकल भाषआ में  कफ हेडेक या एक्सर्शन हेडेक कहा जाता है. ये सिर्फ खांसने से ही नहीं, बल्कि छींकने, जोर से हंसने, रोने, नाक साफ करने, भारी सामान उठाने या टॉयलेट में जोर लगाने पर भी हो सकता है.

हर बार कोई गंभीर बीमारी नहीं होती

डॉ. अरविंद कहते हैं कि कई लोगों में ये प्राइमरी कफ हेडेक होता है. इसमें कोई गंभीर बीमारी नहीं निकलती. दर्द अचानक आता है और कुछ सेकंड या मिनट बाद ठीक भी हो सकता है. लेकिन डॉक्टर तभी इसे प्राइमरी कफ हेडेक मानते हैं, जब जांच में दूसरी गंभीर वजहें न मिलें.

वहीं, सेकेंडरी कफ हेडेक किसी अंदरूनी दिक्कत का संकेत भी हो सकता है. इसकी वजह दिमाग में खून का रिसाव, ब्लड वेसेल्स की गड़बड़ी, किआरी मालफॉर्मेशन, ब्रेन ट्यूमर या दिमाग के तरल पदार्थ (सीएसएफ) से जुड़ी समस्या हो सकती है. हालांकि, इसका मतलब ये नहीं कि ऐसे हर मरीज को यही बीमारी हो, लेकिन नए और अचानक शुरू हुए सिरदर्द की जांच जरूर करानी चाहिए.

किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?

अगर सिरदर्द अचानक बहुत तेज हो जाए और कुछ सेकंड या एक मिनट के भीतर ही दर्द चरम पर पहुंच जाए, तो इसे थंडरक्लैप हेडेक कहा जाता है. यह कभी-कभी दिमाग में ब्लीडिंग जैसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है, इसलिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. इसके अलावा अगर सिरदर्द के साथ ये लक्षण भी हों, तो बिना देर किए अस्पताल जाएं, जैसे-

  • बेहोशी आना
  • दौरा पड़ना
  • भ्रम या उलझन महसूस होना
  • बोलने में परेशानी
  • हाथ-पैर में कमजोरी या सुन्नपन
  • चलने में लड़खड़ाहट
  • धुंधला या डबल दिखना
  • गर्दन में अकड़न
  • बार-बार उल्टी होना

डॉक्टर क्या-क्या जांच कर सकते हैं?

डॉक्टर ये समझने की कोशिश करते हैं कि दर्द कब शुरू हुआ, कितनी तेजी से बढ़ा, कितनी देर तक रहा और क्या यह सिर्फ खांसने या छींकने पर ही होता है. जरूरत पड़ने पर सीटी स्कैन या एमआरआई जैसी जांच कराई जा सकती है, ताकि किसी गंभीर बीमारी की पुष्टि या उसे खारिज किया जा सके.

कब ध्यान देने की होती है जरूरत?

हंसते या छींकते समय कभी-कभार हल्का सिरदर्द होना हमेशा चिंता की बात नहीं है. लेकिन अगर दर्द नया हो, अचानक शुरू हो और बहुत तेज हो, खासकर खांसने, छींकने या जोर लगाने पर, तो खुद से अंदाजा लगाकर इसे नजरअंदाज न करें. समय पर न्यूरोलॉजिस्ट या डॉक्टर को दिखाने से गंभीर कारणों का पता लगाया जा सकता है.

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