बॉलीवुड स्टार सलमान खान ने हाल ही में एक रियलिटी शो में खुलासा किया कि उन्होंने 16 किलो वजन कम किया है. वहीं उनके भाई सोहेल खान ने भी 12 किलो वजन घटाने की बात कही. सलमान की इस फिटनेस जर्नी ने एक बार फिर ये सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या 60 साल की उम्र के बाद भी वजन कम करना और मसल्स बनाना संभव है? कई लोगों का मानना है कि बढ़ती उम्र में मेटाबॉलिज्म इतना धीमा हो जाता है कि शरीर में बड़ा बदलाव नहीं लाया जा सकता. हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही खानपान, नियमित एक्सरसाइज और साइंटिफिक तरीके अपनाए जाएं तो ये बिल्कुल संभव है.
60 के बाद भी बन सकती हैं मसल्स-
डॉक्टर मगन मल्होत्रा के मुताबिक, 60 की उम्र के बाद भी वजन कम करना और मसल्स बनाना पॉसिबल है. लेकिन इसके लिए शॉर्टकट नहीं बल्कि सही तरीका अपनाना जरूरी है. उनका कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर में सारकोपीनिया नाम की प्रक्रिया शुरू होती है. जिसमें धीरे धीरे मसल्स कमजोर होने लगती हैं. ये बदलाव 40 की उम्र के बाद शुरू हो सकता है और 60 के बाद तेजी से बढ़ता है. अच्छी बात ये है कि रेगुलर एक्सरसाइज और सही लाइफस्टाइल से इस प्रोसेस को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है.

सिर्फ वजन नहीं, फैट कम करना है लक्ष्य-
डॉक्टर मल्होत्रा कहते हैं कि बहुत से लोग केवल वेइंग मशीन पर दिखने वाले आंकड़े पर ध्यान देते हैं. जबकि असली लक्ष्य शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करना और मसल्स को बचाए रखना होना चाहिए. अगर बहुत कम कैलोरी वाली डाइट अपनाई जाए तो फैट के साथ मसल्स भी कम होने लगती हैं. इससे कमजोरी, हड्डियों के टूटने का खतरा और मेटाबॉलिज्म धीमा होने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और प्रोटीन सबसे जरूरी-
डॉक्टर मगन मल्होत्रा के अनुसार, 60 के बाद फिट रहने के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग बेहद जरूरी है. सप्ताह में 2 से 3 दिन वेट ट्रेनिंग, रेजिस्टेंस बैंड या बॉडी वेट एक्सरसाइज की जा सकती है. इसके साथ रोजाना सफिशियंट प्रोटीन लेना भी जरूरी है. अंडे, दूध, दही, मछली, चिकन, सोया, दालें और अन्य प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ मसल्स को मजबूत रखने में मदद करते हैं. साथ ही फल, सब्जियां, साबुत अनाज, हेल्दी फैट और पर्याप्त पानी भी रोज की डाइट का हिस्सा होना चाहिए.
शुरुआत से पहले कराएं हेल्थ चेकअप-
डॉक्टर मगन मल्होत्रा का कहना है कि 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को नया फिटनेस प्रोग्राम फॉलो करने से पहले डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए. हार्ट डिजीज, डायबिटीज, किडनी की समस्या, ऑस्टियोपोरोसिस या गठिया जैसी बीमारियों की स्थिति में एक्सरसाइज और डाइट की योजना अलग हो सकती है. डॉ. के मुताबिक, सबसे जरूरी बात तेजी से वजन घटाना नहीं, बल्कि शरीर को पहले से ज्यादा स्टॉन्ग, हेल्दी और एक्टिव बनाना है.
डॉ. मगन मेहरोत्रा उत्तर प्रदेश के अग्रणी रोबोटिक और मिनिमल एक्सेस सर्जनों में से एक हैं. वे मुरादाबाद स्थित एपेक्स हॉस्पिटल में MAS (Minimal Access Surgery) एवं रोबोटिक्स विभाग के प्रमुख हैं और रोबोटिक, 3D लैप्रोस्कोपिक तथा बैरिएट्रिक सर्जरी के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनका केंद्र एक प्रमुख रोबोटिक सर्जरी यूनिट के रूप में स्थापित है.
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