मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक गर्भवती महिला की जान उस समय बाल-बाल बच गई, जब उसका ब्लड शुगर अचानक खतरनाक स्तर तक गिर गया और वह सड़क पर बेहोश होकर गिर पड़ी. बेहोश पड़ी महिला को हॉस्पिटल ले जाते समय पुलिसकर्मियों ने CPR दिया, जिसके बाद उसे समय रहते इलाज मिल सका. डॉक्टर्स का कहना है कि महिला का शुगर लेवल काफी नीचे चला गया था और यही उसकी गंभीर हालत की वजह बना. अच्छी बात ये है कि मां और गर्भ में पल रहा शिशु दोनों ही सुरक्षित हैं. ये घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि आखिर प्रेग्नेंसी में ब्लड शुगर का गिरना कितना खतरनाक हो सकता है और किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट के मुताबिक, उज्जैन के महिदपुर क्षेत्र में एक गर्भवती महिला सड़क पर घायल और बेहोशी की हालत में मिली. सूचना मिलते ही पुलिस की FRV-29 टीम मौके पर पहुंची और महिला को हॉस्पिटल ले जाने लगी. रास्ते में उसकी हालत बिगड़ने पर पुलिसकर्मी मोसिन मंसूरी ने उसे CPR दिया. हॉस्पिटल में डॉक्टर्स ने बताया कि महिला का ब्लड शुगर काफी नीचे चला गया था. समय पर मिली मदद और इलाज की वजह से उसकी जान बच गई.

प्रेग्नेंसी में शुगर लेवल गिरना क्यों खतरनाक है?
CK बिड़ला हॉस्पिटल की डायरेक्टर, डिपार्टमेंट ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी डॉ. कीर्ति खेतान का कहना है कि प्रेग्नेंसी में मां और गर्भ में पल रहे बच्चे को लगातार एनर्जी की जरूरत होती है. ऐसे में अगर ब्लड शुगर का लेवल अचानक बहुत कम हो जाए, तो शरीर और ब्रेन को पर्याप्त ग्लूकोज नहीं मिल पाता. इस स्थिति को हाइपोग्लाइसीमिया (Hypoglycemia) कहा जाता है.
शुगर लेवल गिरने पर गर्भवती महिला को अचानक चक्कर, कमजोरी, पसीना, हाथ-पैर कांपना, धुंधला दिखना, बेचैनी और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. गंभीर मामलों में महिला कॉमा में भी जा सकती है, जिससे मां और गर्भस्थ शिशु दोनों की जान खतरे में पड़ सकती है.
उज्जैन की घटना में भी डॉक्टर्स ने बताया कि गर्भवती महिला का ब्लड शुगर काफी कम हो गया था, जिसके बाद उसकी हालत गंभीर हो गई थी. समय पर CPR और इलाज मिलने से उसकी जान बचाई जा सकी.
कितना शुगर लेवल गिरना है खतरनाक?
आमतौर पर ब्लड ग्लूकोज 70 mg/dL से कम होने पर लो शुगर माना जाता है. वहीं, अगर ये 54 mg/dL से नीचे पहुंच जाए तो स्थिति गंभीर मानी जाती है और तुरंत मेडिकल इमर्जेंसी की जरूरत पड़ सकती है.
क्यों गिरता है शुगर लेवल?
लंबे समय तक खाली पेट रहना
मॉर्निंग सिकनेस या बार-बार उल्टी होने के कारण भी शुगर लेवल गिर सकता है.
डायबिटीज की दवा या इंसुलिन लेने पर भी ऐसी स्थिति हो सकती है.
किन संकेतों को नजरअंदाज न करें?
- तेज भूख लगना
- अचानक चक्कर आना
- दिल की धड़कन बढ़ना
- ठंडा पसीना आना
- कमजोरी और थकान
- बेहोशी या भ्रम की स्थिति
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