डायबिटीज के मरीजों को अपने खानपान को लेकर काफी ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, ताकि उनका ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहे. अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या सरसों का तेल शुगर में सुरक्षित है या नहीं? अगर आपके मन में भी ये सवाल है, तो इसका जवाब हम देने जाएंगे. इसकी जानकारी के लिए हमने दिल्ली स्थित सीके बिड़ला हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. अमित प्रकाश सिंह से बातचीत की है. यहां जानते हैं क्या शुगर के मरीज सरसों का तेल खा सकते हैं?
क्या शुगर में सरसों का तेल सुरक्षित है?
भारतीय किचन में सरसों का तेल काफी ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. इस तेल में मुख्य रूप से मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाए जाते हैं, जिन्हें हेल्दी फैट माना जाता है. डॉ. अमित का कहना है कि सैचुरेटेड फैट की जगह अनसैचुरेटेड फैट का सेवन हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकता है. ऐसे में इसका सीमित मात्रा में सेवन करना सुरक्षित हो सकता है.
क्या सरसों का तेल ब्लड शुगर बढ़ाता है?
डॉ. बताते हैं कि सरसों के तेल में कार्बोहाइड्रेट लगभग नहीं होते, इसलिए ये सीधे तौर पर ब्लड शुगर को नहीं बढ़ाता. हालांकि, इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि इसे आप काफी ज्यादा मात्रा में खा सकते हैं.
उनका कहना है कि तेल में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है. ज्यादा तेल खाने से वजन बढ़ सकता है और बढ़ा हुआ वजन ब्लड शुगर कंट्रोल को मुश्किल बना सकता है. इसलिए डायबिटीज रोगियों को तेल से नहीं, बल्कि उसकी अधिक मात्रा से सावधान रहने की जरूरत है.
डॉ. सिंह का कहना है सिर्फ तेल ही नहीं बल्कि पूरा भोजन महत्वपूर्ण होता है. अगर कोई व्यक्ति सरसों के तेल में बना भोजन खा रहा है, लेकिन उसके आहार में अधिक चीनी, रिफाइंड कार्ब्स और ज्यादा कैलोरी शामिल हैं, तो वह भोजन डायबिटीज के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
डायबिटीज के मरीज कितना सरसों का तेल खा सकते हैं?
डॉ. का कहना है कि हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है. तेल की सही मात्रा उम्र, वजन, फिजिकल एक्टिविटी और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है. इसलिए किसी एक निश्चित मात्रा को सभी लोगों पर लागू नहीं किया जा सकता.
डायबिटीज मरीजों किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
डायबिटीज फ्रेंडली डाइट में सिर्फ तेल का चुनाव ही महत्वपूर्ण नहीं है. भोजन में हरी सब्जियां, पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ और सही मात्रा में साबुत अनाज भी शामिल होने चाहिए.
अगर किसी मरीज को डायबिटीज के साथ हाई कोलेस्ट्रॉल, हार्ट डिजीज, मोटापा या किडनी की बीमारी भी है, तो उसे अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार तेल और डाइट का चुनाव करना चाहिए.
ये भी पढ़ें - सरसों के तेल में भूनें ये 3 चीजें, सोने से पहले तलवों पर करें मसाज, सुबह मिनटों में पेट होगा साफ
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं