Viral Video: उत्तराखंड में पहाड़ों वाली लाइफ पसंद आने के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर समीरन अडक ने दार्जिलिंग को अपना नया ठिकाना बना लिया. यहां वे पूरे करीब 1 महीने तक रहे और हर दिन का अपना एक्सपीरियंस वीडियो के जरिए लोगों तक पहुंचाया. इस दौरान उन्होंने दार्जिलिंग में रहने के खर्चे से लेकर फायदे और नुकसान तक सब चीजों पर बात की, जिससे घर बैठे उन लोगों के सभी सवालों के जवाब मिल गए जो दार्जिलिंग जाने की प्लानिंग कर रहे हैं.
दार्जिलिंग में रहने का खर्च कितना आता है?
पश्चिम बंगाल के रहने वाले समरीन के कहा, 'दार्जिलिंग में मैं अपनी पत्नी के साथ 1BHK रूम में रहता था, जिसका किराया 15 हजार रुपये महीने था. इसमें बिजली और वाईफाई का बिल भी शामिल था. लेकिन पानी का बिल हर महीने 300 रुपये अलग से देना पड़ता था. यहां घूमने के लिए मैं अपनी बाइक साथ लेकर आया था, जिसके पेट्रोल का खर्च लगभग 2 हजार रुपये आया. घर पर खाना बनाने के लिए राशन, सब्जी, सिलेंडर का मिलाकर करीब 8000 रुपये खर्च बना. कभी-कभी हम बाहर खाना खाने भी जाते थे, जिसका खर्च करीब 3 हजार रुपये बैठा. इसके अलावा दवाई, शॉपिंग और हेयर कटिंग जैसी अतिरिक्त चीजों पर करीब 1500 रुपये खर्च हो जाते थे. यानी एक महीने में दार्जिलिंग रहने का कुल खर्च करीब 30 हजार रुपये बना.'
यहां देखें पूरा वीडियो:-
दार्जिलिंग में रहने के फायदे और नुकसान
गांव छोड़कर पहाड़ों में शिफ्ट होने की प्लानिंग करते वक्त मन को जितना सुकून फील होता है, उतनी ही परेशानी यहां शिफ्ट होने के बाद होती है. क्योंकि लोगों को अक्सर यहां वो नहीं मिल पाता जो वो सोचकर आए थे. समीरन ने उदाहरण के साथ समझाते हुए एक अन्य वीडियो में कहा कि पहाड़ों में शिफ्ट होने की बात चलते ही उनके मन में खूबसूरत व्यू, शांति, बिना भीड़ भाड़ वाली जगह, बेहतरीन रोड ड्राइव जैसी चीजें चलने लगती हैं. लेकिन असलियत इससे परे है. यहां नेटवर्क की समस्या रहती है. मौसम कभी भी खराब हो जाता है. बारिश की वजह से सड़क पर फिसलन बढ़ जाती है और गड्ढों आपकी बाइक राइड को खराब कर देते हैं. इसीलिए सही स्टे देखना बहुत जरूरी है.
परफेक्ट स्टे कैसे ढूंढे, किन बातों का ध्यान रखें?
समीरन ने दार्जिलिंग में स्टे ढूंढते वक्त 5 बातों का ध्यान रखा था. पहली- व्यू, दूसरी- मार्केट कनेक्टिविटी, तीसरी- पार्किंग, चौथे- रोड कनेक्टिविटी, पांचवी- रूम में अटैच किचन. समीरन ने एक अलग वीडियो में कहा कि इन्हीं सब बातों का ख्याल रखने की वजह से दार्जिलिंग में उनका एक महीने बहुत सुकून में बीत गया. अब वे पश्चिम बंगाल के कलिम्पोंग में कुछ समय रहने के लिए चले गए हैं और वहीं से वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं.

समीरन ने दार्जिलिंग की रील लाइफ और रियल लाइफ का अंतर भी लोगों को बताया है.
Photo Credit: Instagram@bong_traveller_sammy
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
समीरन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर जमकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
एक यूजर ने लिखा, '15 हजार का किराया काफी ज्यादा है. अगर आप मुख्य शहर से थोड़ा दूर ठहरते हैं, तो खर्च बहुत कम होगा.'
दूसरे यूजर ने पूछा, 'भाई इतने कोहरे मैं कंचनजंगा कैसे देखा?' इसका जवाब देते हुए समीरन ने कहा कि उसे देखने में 2-3 दिन लग गए.
तीसरे यूजर ने लिखा, 'होमस्टे बहुत महंगा है. तुम बेवजह खर्च कर रहे हो. होमस्टे में घर ढूंढते तो कम किराए वाला घर मिल जाता.'
चौथे यूजर ने लिखा, 'इतना रेंट तो बेंगलुरु के अच्छे इलाके में होता है. लेकिन कुछ भी कहो, कमरे की खिड़की जो व्यू दिख रहा है, वो सच में कमाल है. तुम कई लोगों की ड्रीम लाइफ जी रहे हो.'
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