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18 घंटे काम और चेहरे पर Zero थकान! जानिए PM मोदी का वो सीक्रेट रूटीन जो भगाता है सारा तनाव

PM Modi Stress Management Tips: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तनाव और काम के दबाव को संभालने के लिए योग, ध्यान, प्राणायाम और साइक्लिक मेडिटेशन का सहारा लेते हैं. जानिए उनका पूरा स्ट्रेस मैनेजमेंट रूटीन.

18 घंटे काम और चेहरे पर Zero थकान! जानिए PM मोदी का वो सीक्रेट रूटीन जो भगाता है सारा तनाव
तनाव में भी कैसे रहते हैं शांत PM मोदी? जानिए उनकी मेडिटेशन, योग और प्राणायाम रूटीन
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आज के टाइम में तनाव या स्ट्रेस किसे नहीं है. कॉलेज जाने वाले लड़के से लेकर दफ्तर में 9 से 5 की नौकरी करने वाले आम आदमी तक, हर कोई किसी न किसी बात को लेकर परेशान दिखता है. कई बार तो काम का प्रेशर इतना बढ़ जाता है कि सिर फटने लगता है और समझ ही नहीं आता कि क्या करें. ऐसे में अगर हम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देखें, तो दिमाग में एक सवाल जरूर आता है. जो इंसान दिन में 16 से 18 घंटे लगातार काम करता हो, जिसके कंधों पर 140 करोड़ लोगों के देश को चलाने की जिम्मेदारी हो, वो इतने भारी दबाव में भी हमेशा फ्रेश और एक्टिव कैसे दिखता है.

कई इंटरव्यूज और मंचों पर पीएम मोदी खुद इस बात का खुलासा कर चुके हैं. उनका कहना है कि काम से कभी थकान नहीं होती, थकान तब होती है जब आप काम को बोझ मान लेते हैं. तनाव से निपटने के लिए वो किसी दवा या भारी-भरकम थैरेपी का सहारा नहीं लेते, बल्कि हमारे देश की पुरानी परंपरा यानी योग, ध्यान और प्राणायाम पर भरोसा करते हैं.

PM मोदी तनाव से दूर रहने के लिए क्या करते हैं?

आइए बहुत ही आसान शब्दों में समझते हैं कि पीएम मोदी का वो कौन सा रूटीन है, जिसे अपनाकर कोई भी आम इंसान अपनी रोजमर्रा की जिंदगी से तनाव को छूमंतर कर सकता है.

"तनाव से लड़ने का सबसे आसान तरीका है अपनी सांसों पर ध्यान देना. रोज 10-15 मिनट प्राणायाम और ध्यान करने से मानसिक शांति और फोकस बेहतर हो सकता है."

– डॉ. राम अवतार, आयुर्वेदाचार्य, योग गुरु एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ

सुबह ध्यान (Meditation) से दिन की शुरुआत

हम में से ज्यादातर लोगों की सुबह मोबाइल का अलार्म बंद करने और सोशल मीडिया पर रील देखने से शुरू होती है. यहीं से हमारे दिमाग में दिनभर की उलझनें भरनी शुरू हो जाती हैं. लेकिन पीएम मोदी का नियम बिल्कुल अलग है. वो अपने दिन की शुरुआत शांत माहौल में मेडिटेशन यानी ध्यान लगाकर करते हैं.

  • मेडिटेशन से दिमाग को एक नया फोकस मिलता है, जिससे पूरे दिन क्या करना है इसकी पिक्चर साफ हो जाती है.
  • जब दिमाग शांत रहता है, तो बड़े से बड़ा फैसला लेते वक्त भी इंसान घबराता नहीं है.
  • ध्यान करने से मन के अंदर चल रही फिजूल की चिंताएं खुद-ब-खुद शांत होने लगती हैं.

अगर आप भी सुबह उठकर सिर्फ 10 से 15 मिनट आंख बंद करके बिल्कुल शांत बैठ जाएं, तो आप पाएंगे कि दिनभर के छोटे-मोटे झगड़े और ऑफिस का प्रेशर आपको ज्यादा परेशान नहीं कर पा रहा है.

प्राणायाम क्यों है पीएम मोदी की दिनचर्या का अहम हिस्सा?

जब भी हमें गुस्सा आता है या हम घबराते हैं, तो हमारी सांसें तेज और उथली चलने लगती हैं. पीएम मोदी अपने दिनचर्या में प्राणायाम और ब्रीदिंग एक्सरसाइज को बहुत अहम जगह देते हैं. प्राणायाम असल में अपनी सांसों पर काबू पाने की एक बहुत ही सरल कला है.

गहरी और लंबी सांस लेने से दिमाग की नसों तक भरपूर ऑक्सीजन पहुंचती है. अनुलोम-विलोम और भ्रामरी जैसे प्राणायाम मन को तुरंत रिलैक्स कर देते हैं.

जब भी काम के बीच में बहुत ज्यादा बेचैनी लगे, तो 2 मिनट के लिए गहरी सांस अंदर खींचना और धीरे-धीरे छोड़ना जादुई असर दिखाता है.

मोदी जी मानते हैं कि सांसों का सीधा कनैक्शन हमारे मूड से होता है. अगर आपने अपनी सांस की रफ्तार को संभाल लिया, तो आप अपने गुस्से और घबराहट पर भी तुरंत काबू पा सकते हैं.

योग को क्यों मानते हैं तनाव दूर करने का सबसे असरदार तरीका?

लोग अक्सर सोचते हैं कि योग सिर्फ वजन घटाने या शरीर को लचीला बनाने के लिए किया जाता है. लेकिन पीएम मोदी के मुताबिक योग केवल शरीर को फिट रखने का जरिया नहीं है, बल्कि ये दिमाग और शरीर के बीच एक तालमेल बैठाने का काम करता है.

  • योग करने से शरीर की जकड़न खुलती है, जिससे दिनभर कंप्यूटर के आगे बैठने से होने वाला बदन दर्द नहीं सताता.
  • ये अंदरूनी अंगों को एक्टिव करता है और शरीर में एक नई उर्जा भर देता है.
  • अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर भी वो हमेशा कहते हैं कि योग तनाव प्रबंधन का सबसे सस्ता और असरदार उपाय है.

हर इंसान को रोज कम से कम 20 मिनट सूर्य नमस्कार या कुछ हल्के-फुल्के आसन जरूर करने चाहिए. इससे शरीर हल्का महसूस होता है और काम में आलस नहीं आता. इस बारे में एनडीटीवी ने और जानकारी के लिए बात की आयुर्वेदाचार्य, योग गुरु और प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. राम अवतार से. वे कहते हैं:

"तनाव को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है, लेकिन उसे नियंत्रित करना जरूर संभव है. योग, प्राणायाम और ध्यान ऐसी वैज्ञानिक पद्धतियां हैं जो शरीर और मस्तिष्क को संतुलित रखने में मदद करती हैं. जब हम गहरी और नियंत्रित सांसें लेते हैं, तो शरीर का तनाव प्रतिक्रिया तंत्र शांत होने लगता है. वहीं नियमित मेडिटेशन मानसिक एकाग्रता बढ़ाता है और चिंता को कम करने में सहायक हो सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा योग और ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना इस बात का उदाहरण है कि व्यस्त जीवनशैली में भी मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा सकती है. आम लोगों को भी रोज कम से कम 15 से 20 मिनट योग, प्राणायाम और ध्यान के लिए निकालने चाहिए ताकि तनाव का प्रभाव कम किया जा सके और मन शांत बना रहे."

क्या है Cyclic Meditation, जिसे पीएम मोदी पसंद करते हैं?

मीडिया रिपोर्ट्स में उनके योग गुरुओं के हवाले से ये बात सामने आई है कि मोदी जी की सबसे पसंदीदा मेडिटेशन तकनीकों में से एक है साइक्लिक मेडिटेशन (Cyclic Meditation). ये आम ध्यान से थोड़ा सा अलग और काफी असरदार माना जाता है.

  • इसमें पहले हल्के योग आसन किए जाते हैं और फिर तुरंत बाद ध्यान की अवस्था में जाकर शरीर को ढीला छोड़ दिया जाता है.
  • खिंचाव और आराम के इस चक्र (Cycle) की वजह से शरीर की हर एक मांसपेशी पूरी तरह रिलेक्स हो जाती है.
  • ये तकनीक उन लोगों के लिए बहुत मुफीद है जिनके पास समय की कमी होती है, क्योंकि ये कम समय में गहरी नींद जैसा सुकून दे देती है.

अनुशासन ही असली ताकत है

योग और ध्यान का फायदा तभी मिलता है जब आप इसे रोज करें. पीएम मोदी की लाइफ का सबसे बड़ा मंत्र है सेल्फ डिसिप्लिन यानी आत्म-अनुशासन. वो कहीं भी रहें, चाहे देश में हों या विदेश दौरे पर, उनका रूटीन कभी नहीं बिगड़ता.

  • वो रात को कितनी भी देर से सोएं, सुबह अपने तय समय पर ही उठते हैं.
  • उनका खाना-पीना हमेशा बहुत सादा और सीमित रहता है, जिससे पेट हल्का रहे और सुस्ती न आए.
  • वो काम के बीच में कभी भी तनाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने देते, बल्कि हर चुनौती को एक नए टास्क की तरह लेते हैं.

आम लोग पीएम मोदी के रूटीन से क्या सीख सकते हैं?

अब सवाल उठता है कि एक आम नौकरीपेशा या कारोबारी इंसान इस सब से क्या सीख सकता है. आपको कोई घंटों तक तपस्या करने की जरूरत नहीं है. बस अपनी दिनचर्या में ये छोटे-छोटे बदलाव करके देखिए:

  • सुबह उठते ही सबसे पहले फोन देखने की आदत छोड़ें और 10 मिनट शांति से बैठें.
  • दिन में जब भी ऑफिस में बॉस की डांट या काम का तनाव बढ़े, कुर्सी पर पीछे टेक लगाकर 5 गहरी सांसें लें.
  • रात को सोने से पहले दिनभर की फालतू बातों को सोचना बंद करें और खुद को 5 मिनट का शांत समय दें.
  • अपने खाने के समय को तय करें और बाहर के जंक फूड से जितना हो सके दूरी बनाएं.

आखिर में बात सीधी सी है, तनाव बाहर की परिस्थितियों से नहीं आता बल्कि इस बात से आता है कि हम उन परिस्थितियों को कैसे लेते हैं. जैसा कि पीएम मोदी खुद मानते हैं, योग और ध्यान न सिर्फ हमारे शरीर को मजबूत बनाते हैं, बल्कि मुश्किल से मुश्किल वक्त में भी दिमाग को बर्फ की तरह ठंडा रखकर सही फैसला लेने की ताकत देते हैं. कल सुबह से ही सिर्फ 15 मिनट अपने लिए निकालिए, यकीन मानिए जिंदगी जीने का नजरीया बदल जाएगा.

नोट: तनाव, चिंता या मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्या होने पर किसी योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

FAQ
क्या पीएम मोदी रोज मेडिटेशन करते हैं?
पीएम मोदी कई मौकों पर बता चुके हैं कि योग, ध्यान और प्राणायाम उनकी दिनचर्या का हिस्सा हैं.

पीएम मोदी तनाव कैसे कम करते हैं?
वे योग, प्राणायाम, ध्यान और अनुशासित जीवनशैली के जरिए मानसिक संतुलन बनाए रखने की बात करते हैं.

Cyclic Meditation क्या है?
यह योग और ध्यान का संयोजन है, जिसमें शरीर को सक्रिय करने के बाद रिलैक्सेशन और मेडिटेशन किया जाता है.

तनाव कम करने के लिए कितनी देर मेडिटेशन करना चाहिए?
शुरुआत में 10 से 15 मिनट का ध्यान और ब्रीदिंग एक्सरसाइज मददगार हो सकती है.

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