राजेंद्र पुल, मोकामा के समानांतर डबल लाइन पुल का काम पूरा हो गया है. सुरक्षा निरीक्षण के बाद अब सैकड़ों ट्रेनों का आवागमन सामान्य हो गया है. गंगा नदी पर मोकामा में पुराने राजेंद्र सेतु के समानांतर बने नई दोहरी लाइन के रेल पुल का निर्माण और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम पूरा हो गया है. इसके लिए 21 सितंबर से 4 अक्टूबर तक मेगाब्लॉक लिया गया था. पुल के दोनों छोर सिमरिया और मोकामा-हाथीदह बेगूसराय और पटना जिलों में आते हैं. लखीसराय एवं मुंगेर के क्यूल, झाझा, बड़हिया और जमालपुर रेल नेटवर्क को भी इससे फायदा होगा. रेलवे का कहना है कि खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और सुपौल से पटना, गयाजी जाने वाले ट्रेनों को अब रास्ते में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
मिथिलांचल मे समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी का दक्षिण बिहार और झारखंड से तेज कनेक्टिविटी होगी. उत्तर बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों को बेहतर कनेक्टिविटी से शेखपुरा, नालंदा, नवादा, गया और जहानाबाद तक ट्रेनों की आवाजाही की रफ्तार बढ़ेगी.
🚆 More seamless journeys across Bihar. 🛤️ Trials completed on Mokama's new rail bridge over the Ganga, adding a new link between North and South Bihar. https://t.co/YLjgL8rcXj
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) October 4, 2026
भागलपुर-मुंगेर तक आवाजाही आसान
भागलपुर, मुंगेर, पटना, झाझा और बरौनी रूट की करीब 300 मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें कैंसिल या डायवर्ट की गई थीं, जो अब फिर नियमित होंगी. लोकल पैसेंजर और इंटरसिटी ट्रेनें समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर, मोकामा-बरौनी शटल, कटिहार-पटना लिंक ट्रेनें भी पूरी तरह बहाल हो जाएंगी. उत्तर और दक्षिण बिहार को वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी नई ट्रेनें मिलने का रास्ता साफ हो गया है. राजेंद्र पुल हाथीदह ऊपर-रामपुर डुमरा एवं टाल स्टेशनों का पूर्वी सर्किल संरक्षा आयुक्त ने निरीक्षण किया. मोकामा में गंगा नदी पर नए रेल पुल से उत्तरी बिहार और दक्षिणी बिहार के बीच नया वैकल्पिक रेल मार्ग उपलब्ध हो गया है.

Rajendra Pul Mokama double line railway bridge
डबल रेल लाइन का क्या फायदा होगा
ये पुल 2400 करोड़ रुपये से बना है, जो राजेंद्र पुल के समानांतर और पटना छोर की तरफ मौजूदा पुल से 50 मीटर की दूरी पर है, इस रेलवे पुल पर दोहरी रेल लाइन बनी है. ये पूरा रेल प्रोजेक्ट लगभग 15.5 किमी में फैला है. इसमें 1.9 किमी का गंगा नदी पर मुख्य पुल शामिल है. इस पुल में गंगा नदी पर 17 स्टील स्पैन हैं और 3.6 किमी के रेल वायडक्ट शामिल हैं. मेन पुल के साथ आठ लघु पुल, 02 सड़क उपरि पुल तथा 03 रेल ओवर रेल का निर्माण भी किया गया है.

नया पुल वर्तमान पुल के एप्रोच में कम से कम बदलाव करना पड़ा है. नए पुल के दोनों छोर के स्टेशन मौजूदा पुल के दोनों ओर के स्टेशनों से जुड़े होंगे. हाथीदह, टाल एवं रामपुर डुमरा स्टेशनों और दक्षिण में राजेंद्र पुल और बरौनी स्टेशनों से ही जुड़े हैं.
रेलवे की माल ढुलाई भी बेहतर होगी
डबल लाइन के साथ पुराने राजेंद्र सेतु से भी रेलवे परिचालन जारी रहेगा. इससे यहां तीन रेल लाइनें यहां एक्टिव हो गई हैं. उत्तर और दक्षिण बिहार के साथ पूर्वोत्तर इलाकों के बीच रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी. पैसेंजर और मालगाड़ी की रफ्तार भी तेज होगी. रेलवे ट्रैफिक में ढाई गुना बढ़ने के साथ माल ढुलाई की लागत में कमी आएगी.इससे रेलवे से कारोबारी नेटवर्क तेज होगा. मोकामा गंगा ब्रिज मजबूत बेहतर कनेक्टिविटी देगा.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं