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This Article is From Oct 31, 2024

मोटापे से बढ़ सकता है पैंक्रियाटिक कैंसर का खतरा, स्टडी में सामने आई चौंकाने वाली बातें

अध्ययन के लिए, टीम ने 4 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक अमेरिका में 1,004 उत्तरदाताओं के सैम्पल के सर्वे किए, जिनसे पैंक्रियाटिक कैंसर (अग्नाशय के कैंसर) के जोखिम कारकों के बारे में पूछा गया था.

मोटापे से बढ़ सकता है पैंक्रियाटिक कैंसर का खतरा, स्टडी में सामने आई चौंकाने वाली बातें
Obesity and pancreatic cancer: "पैंक्रियाटिक कैंसर की दर सालाना लगभग एक प्रतिशत बढ़ रही है."

एक शोध में पता चला है कि 50 साल से कम आयु के लोगों में मोटापे के कारण पैंक्रियाटिक कैंसर का खतरा 20 प्रतिशत बढ़ सकता है. ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के वेक्सनर मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन से पता चला है कि ज्यादातर लोगों का मानना ​​है कि पैंक्रियाटिक की बीमारी केवल बुजुर्गों को प्रभावित करती है और उनके जोखिम को कम करने के लिए वे कुछ नहीं कर सकते हैं.

विश्वविद्यालय की जोबेदा क्रूज-मोनसेरेट ने कहा, "हालांकि पैंक्रियाटिक कैंसर की दर सालाना लगभग एक प्रतिशत बढ़ रही है और हम 40 की उम्र के लोगों में इस बीमारी को ज्यादा नियमित रूप से देख रहे हैं. यह एक चिंताजनक प्रवृत्ति है और इसके लिए शोध की जरूरत है ताकि पता लगाया जा सके कि ऐसा क्यों होता है."

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अध्ययन से क्या पता चला?

अध्ययन के लिए, टीम ने 4 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक अमेरिका में 1,004 उत्तरदाताओं के सैम्पल के सर्वे किए, जिनसे पैंक्रियाटिक कैंसर (अग्नाशय के कैंसर) के जोखिम कारकों के बारे में पूछा गया था. परिणामों से पता चला कि 50 साल से कम आयु के आधे से ज्यादा (53 प्रतिशत) वयस्कों ने कहा कि वे बीमारी के शुरुआती संकेतों या लक्षणों को नहीं पहचान पाएंगे और एक-तिहाई से ज्यादा (37 प्रतिशत) का मानना ​​है कि पैंक्रियाटिक कैंसर के अपने जोखिम को बदलने के लिए वे कुछ नहीं कर सकते.

मोटापा अग्नाशय के कैंसर के जोखिम को 20 प्रतिशत तक बढ़ा देता है:

एक-तिहाई से ज्यादा (33 प्रतिशत) लोगों का मानना ​​है कि सिर्फ बड़ी उम्र के लोगों को ही यह जोखिम है. क्रूज-मोनसेरेट ने कहा कि अग्नाशय के कैंसर के जोखिम को कम करने की शुरुआत हेल्दी वेट बनाए रखने से हो सकती है. सिर्फ मोटापा ही व्यक्ति के अग्नाशय के कैंसर के जोखिम को 20 प्रतिशत तक बढ़ा देता है. दूसरी ओर, अमेरिकन कैंसर सोसायटी (एसीएस) का अनुमान है कि केवल 10 प्रतिशत अग्नाशय कैंसर आनुवंशिक जोखिम (परिवारों के माध्यम से पारित आनुवंशिक मार्कर) से जुड़े होते हैं, जिनमें बीआरसीए जीन, लिंच सिंड्रोम और अन्य शामिल हैं.

क्रूज-मोनसेरेट ने कहा, "आप अपने जीन नहीं बदल सकते, लेकिन आप अपनी लाइफस्टाइल बदल सकते हैं. ज्यादातर लोगों के लिए मोटापा कम करना बेहद आसान काम है. यह व्यक्ति में टाइप 2 डायबिटीज, अन्य कैंसर और हार्ट डिजीज के जोखिम को भी बढ़ाता है."

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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