मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन साथ ही इसमें बहुत ज़्यादा नमी, सीलन और तापमान में उतार-चढ़ाव भी होता है, जो आपकी स्किन पर असर डाल सकता है. हालांकि, बारिश के मौसम में सही तेल चुनना और सही रूटीन अपनाना ज़रूरी है ताकि पोर्स बंद न हों और स्किन बहुत ज़्यादा ऑयली न हो जाए. आयुर्वेद के अनुसार, अभ्यंग यानी गर्म हर्बल तेल से खुद की मालिश करना एक असरदार रोज़ाना की प्रक्रिया है जो शरीर को पोषण देती है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाती है और सेहत को अच्छा रखती है.
ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज़ हुसैन ने कुछ ऐसे ऑयल बताएं हैं, जो मानसून में स्किन को हेल्दी और खूबसूरत रखने में मदद कर सकते हैं.
अभ्यंग क्या है-
अभ्यंग का अर्थ गुनगुने औषधीय तेल से संपूर्ण शरीर की मालिश करना है. यह संस्कृत के 'अभि' और 'अंग' शब्दों से मिलकर बना है, जिसका उद्देश्य शरीर को पोषण देना, ऊर्जा का संचार करना और स्वस्थ रखना है.
मानसून में तेल मालिश क्यों फायदेमंद है-
बारिश के मौसम में वात दोष बढ़ जाता है, जिससे रूखापन, अकड़न, जोड़ों में तकलीफ़ और खराब ब्लड सर्कुलेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. हल्के हाथों से अभ्यंग करने से स्किन को पोषण मिलता है और नर्वस सिस्टम शांत होता है, जिससे संतुलन बना रहता है.
- स्किन को नमी देता है और सॉफ्ट बनाता है.
- ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है.
- मांसपेशियों और जोड़ों की अकड़न से राहत देता है.
- हेल्दी लिम्फैटिक ड्रेनेज में मदद करता है.
- आराम और बेहतर नींद को बढ़ावा देता है.
- स्किन की प्राकृतिक सुरक्षा परत को मज़बूत करता है.

मानसून में कौन से तेल की मालिश है बेस्ट. (Image NDTV)
तेल मालिश करने का सही समय क्या है?
- मानसून के दौरान अभ्यंग के फायदों को पूरी तरह पाने के लिए सही समय चुनना ज़रूरी है.
- सुबह-सुबह, गुनगुने पानी से नहाने से पहले.
- जब मौसम ठंडा हो और मालिश के बाद आप कुछ देर घर के अंदर रह सकें.
- नहाने से लगभग 20-30 मिनट पहले, ताकि तेल स्किन में अच्छी तरह समा जाए.
- मालिश के बाद, नहाने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करें ताकि नमी खत्म हुए बिना एक्स्ट्रा तेल निकल जाए.
तेल मालिश रूटीन के लिए टिप्स
- स्किन पर ज़्यादा बोझ डाले बिना अभ्यंग के फायदों का आनंद लेने के लिए इन आसान तरीकों को अपनाया जा सकता है:
- तेल लगाने से पहले उसे हल्का गर्म कर लें.
- जोड़ों पर हल्के, गोल-गोल घुमाते हुए और अंगों पर लंबे स्ट्रोक के साथ मालिश करें.
- तेल को 20-30 मिनट तक लगा रहने दें.
- गुनगुने पानी से नहाएं.
- बाद में साफ और हवादार सूती कपड़े पहनें.
- अगर आपको फंगल इन्फेक्शन का खतरा है, तो अपनी स्किन को ड्राई रखें.
- अगर आपकी स्किन बहुत ज़्यादा ऑयली हो जाती है, तो रोज़ाना के बजाय हफ्ते में 2-3 बार अभ्यंग करें.
मालिश के लिए सबसे अच्छा तेल कौन सा है?
ज़्यादा नमी के कारण स्किन पहले से ही नम महसूस होती है. गाढ़े, भारी तेल लगाने से स्किन चिपचिपी हो सकती है और पोर्श बंद होने का खतरा बढ़ सकता है, खासकर ऑयली या मुंहासे वाली स्किन के लिए.
- तिल का तेल
- गर्मी-संवेदनशील स्किन वालों के लिए नारियल का तेल
- सूरजमुखी का तेल
- बादाम का तेल
- नीम, तुलसी या मंजीष्ठा वाले हर्बल तेल
तेल को लगाने से पहले थोड़ा गर्म कर लें ताकि यह स्किन में अच्छी तरह समा जाए और आराम मिले.
किन लोगों को तेल मालिश नहीं करनी चाहिए?
- बारिश के मौसम में भारी तेल सभी के लिए सही नहीं होते. ये स्किन पर पसीना, गंदगी और एक्स्ट्रा सीबम को जमा कर सकते हैं.
- ऑयली या मुंहासे वाली स्किन
- स्किन पर दाने या मुंहासे निकलना.
- बहुत ज़्यादा नमी वाले इलाकों में रहना.
- स्किन में फंगल इन्फेक्शन या रैशेज़ होना.
- दिन भर बहुत ज़्यादा चिपचिपाहट या पसीना महसूस होना.
अगर आप फिर भी तेल मालिश करना चाहते हैं, तो हल्के तेल की कम मात्रा का इस्तेमाल करें और धीरे-धीरे मालिश करें.
बारिश के मौसम के हिसाब से अपनी तेल मालिश की दिनचर्या में बदलाव करके, आप मानसून के महीनों में हेल्दी और बैलेंस स्किन बनाए रख सकते हैं और साथ ही अपनी सेहत का भी ध्यान रख सकते हैं.
मालिश करने के बाद नहाना चाहिए या नहीं?
हां, मालिश के बाद नहाया जा सकता है, लेकिन तुरंत नहाने की बजाय 20-30 मिनट इंतजार करना बेहतर माना जाता है, ताकि तेल त्वचा में अच्छी तरह अवशोषित हो सके. आयुर्वेद में भी तेल मालिश (अभ्यंग) के बाद कुछ समय रुककर स्नान करने की सलाह दी जाती है.
मालिश के बाद नहाने का सही तरीका
- मालिश के बाद 20-30 मिनट आराम करें.
- गुनगुने पानी से स्नान करें.
- बहुत गर्म पानी से न नहाएं, खासकर यदि त्वचा रूखी हो.
- हल्के क्लींजर या उबटन का इस्तेमाल करें, ताकि त्वचा की प्राकृतिक नमी बनी रहे.
क्या रातभर तेल लगाकर रखना चाहिए?
अगर त्वचा को सूट करता है, तो कुछ लोग रात में मालिश करके सुबह स्नान करते हैं. हालांकि यह व्यक्ति की त्वचा, मौसम और इस्तेमाल किए गए तेल पर निर्भर करता है.
Expert Tip : अगर आपने तिल, सरसों या नारियल तेल से पूरे शरीर की मालिश की है, तो तेल को कुछ समय तक त्वचा पर रहने देना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. तुरंत स्नान करने से मालिश के कुछ लाभ कम हो सकते हैं.
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एक्सपर्ट शॉर्ट बायो :
शहनाज हुसैन भारत की सबसे प्रतिष्ठित ब्यूटी और वेलनेस उद्यमियों में से एक हैं, जिन्होंने 5,000 वर्ष पुरानी भारतीय आयुर्वेदिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है. वह आयुर्वेदिक ब्यूटी केयर आंदोलन की पायनियर मानी जाती हैं और पिछले पांच दशकों से भारतीय हर्बल सौंदर्य चिकित्सा को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने में अग्रणी रही हैं.
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