Dadi Nani Nuskhe In Hindi: अक्सर आपने कई लोगों को ये कहते हुए सुना होगा कि रात में सीने में जलन, खट्टी डकारें या भारीपन महसूस होता है? क्या आपको भी ऐसा ही होता है, अगर आपका जवाब हां है, तो आपके लिए ये जानना बहुत जरूरी है कि आखिर ऐसा क्यों होता है. दरअसल इसकी एक बड़ी वजह आपके सोने का तरीका हो सकता है. हमारी दादी-नानी हमेशा से बाईं करवट (Left Side) लेकर सोने की सलाह देती थीं. अब विज्ञान ने भी इस बात पर मुहर लगा दी है कि यह नुस्खा शत-प्रतिशत सही है. आइए जानते हैं कि किस तरह सोने से पाचन तंत्र और सेहत पर असर पड़ता है.
सोने की सही पोजीशन का पाचन से क्या है कनेक्शन?
रात को सोते समय शरीर सिर्फ आराम ही नहीं करता, बल्कि दिनभर खाए गए खाने को पचाने और कचरे को बाहर निकालने का काम भी जारी रखता है. रिसर्च बताती है कि बाईं करवट सोना पाचन को बेहतर बनाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. इसके पीछे एक सीधा वैज्ञानिक कारण है - गुरुत्वाकर्षण (Gravity). जब आप बाईं करवट सोते हैं, तो आपका पेट और उसका एसिड (Stomach Acid) अपनी प्राकृतिक जगह पर नीचे की तरफ रहते हैं. इससे पेट का एसिड आपकी फूड पाइप (Esophagus) में ऊपर की तरफ नहीं आ पाता. इस स्थिति को गैस्ट्रिक रिफ्लक्स या एसिडिटी कहते हैं. बाईं करवट सोने से सीने में जलन (Heartburn) की समस्या से बड़ी राहत मिलती है और पेट को आराम मिलता है.
Science shows sleeping on your left side significantly improves digestion and reduces acid reflux.
— Shining Science (@ShiningScience) August 19, 2026
Your nightly sleeping position does more than just determine your comfort level; it plays a critical role in how your body processes food and manages acidity. Research indicates… pic.twitter.com/gAdbvYm68v
दाईं करवट सोने से क्यों बढ़ जाती हैं दिक्कतें?
अगर आप अक्सर दाईं करवट (Right Side) सोते हैं, तो यह आपकी पाचन क्रिया के लिए भारी पड़ सकता है. शारीरिक बनावट के कारण, जब आप दाईं तरफ लेटते हैं, तो पेट का एसिड फूड पाइप के मुकाबले ऊपर आ जाता है. इससे एसिड लीक होने का खतरा बढ़ जाता है. जिन लोगों को एसिडिटी या जीईआरडी (GERD) की समस्या है, उनके लिए दाईं करवट सोना रातों की नींद खराब कर सकता है.
हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि दाईं करवट सोने से पेट से कचरे का निकलना थोड़ा धीमा हो जाता है, जो दस्त (Diarrhea) जैसी स्थिति में कुछ समय के लिए फायदेमंद हो सकता है. लेकिन अगर कुल मिलाकर देखा जाए, तो लंबी उम्र तक अच्छी सेहत और मजबूत पाचन के लिए 'बाईं करवट सोना' ही सबसे बेहतरीन ऑप्शन माना गया है.
क्या कहती हैं रिसर्च?
नेशनल हेल्थ मेडिसिन एक रिपोर्ट के अनुसार भी सोने की पोजीशन का सेहत पर गहरा असर पड़ता है. सिर्फ पाचन ही नहीं, बल्कि पेट से कचरे को बड़ी आंत (Colon) की तरफ आगे बढ़ाने में भी बाईं करवट लेटना मददगार होता है. तो आज से ही अपनी आदत बदलें और चैन की नींद के साथ-साथ बेहतर पाचन रखें.
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