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वेट लॉस के लिए डाइटिंग कर रही हैं? कहीं ये आपके मेटाबॉलिज्म को स्लो तो नहीं कर रहा?

डाइटिंग हमें तब ही फायदेमंद साबित होती है जब उसे सही ढंग से किया जाए. डाइटिंग का अर्थ भूखे रहने से नहीं बल्कि सही डाइट लेने से है.

वेट लॉस के लिए डाइटिंग कर रही हैं? कहीं ये आपके मेटाबॉलिज्म को स्लो तो नहीं कर रहा?
क्या डाइटिंग मेटाबॉलिज्म को स्लो करती है?

Diet Tips: आज के समय में बढ़ता वजन सिर्फ लुक्स का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह कई गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम्स की वजह बनता जा रहा है. ब्लड प्रेशर, शुगर, हार्ट और डाइजेशन से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है खराब लाइफस्टाइल और फिजिकल एक्टिविटी की कमी. ऐसे में जब वेट लॉस की बात आती है, तो ज्यादातर लोग डाइटिंग शुरू कर देते हैं. लेकिन यहीं से एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या डाइटिंग करने से मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है. डाइटिंग का गतल तरीका आपकी सेहत भी बिगाड़ सकता है. 

क्रैश डाइट बनाम बैलेंस डाइट

डाइटिंग हमें तब ही फायदेमंद साबित होती है जब उसे सही ढंग से किया जाए. डाइटिंग का अर्थ भूखे रहने से नहीं बल्कि सही डाइट लेने से है. अगर आप बैलेंस डाइट लेते हैं, जिसमें शरीर को जरूरी न्यूट्रिशन मिल रहा है, तो मेटाबॉलिज्म स्लो नहीं होता. लेकिन अगर आप क्रैश डाइट या बहुत ज्यादा कैलोरी कट कर देते हैं, तो शरीर एक तरह के एनर्जी सेविंग मोड में चला जाता है. जब शरीर को कम कैलोरी मिलती है, तो वह खुद को बचाने के लिए मेटाबॉलिज्म धीमा कर देता है. यह शरीर की नैचुरल प्रक्रिया है. इसी वजह से कई बार लोग तेजी से वजन कम तो कर लेते हैं, लेकिन बाद में वजन उतनी ही तेजी से वापस बढ़ जाता है.

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सही न्यूट्रिशन क्यों है जरूरी?

इसलिए जरूरी है कि डाइटिंग को भूखा रहने से अलग समझा जाए. बैलेंस डाइट में प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट्स, विटामिन्स और मिनरल्स शामिल होने चाहिए. इससे शरीर को एनर्जी मिलती रहती है और मेटाबॉलिज्म एक्टिव बना रहता है. इसके साथ ही शरीर को हाइड्रेट रखना भी बेहद जरूरी है. पानी की कमी होने पर भी मेटाबॉलिज्म स्लो पड़ सकता है.

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जब शरीर को सही न्यूट्रिशन मिलता है, तो यह मांसपेशियों को रिपेयर करने और उन्हें रिलैक्स रखने में मदद करता है. इससे मसल्स बेहतर तरीके से काम करती हैं और कैलोरी बर्न होने की प्रक्रिया भी तेज होती है. इससे न सिर्फ वेट लॉस आसान होता है, बल्कि थकान भी कम महसूस होती है. साथ ही स्किन और बालों की हेल्थ पर भी इसका अच्छा असर पड़ता है.

डाइटिंग करें लेकिन सही तरीके से

सीधी बात यह है कि डाइटिंग गलत नहीं है, लेकिन उसका तरीका सही होना चाहिए. अगर आप संतुलित डाइट लेते हैं, तो मेटाबॉलिज्म स्लो नहीं होता. लेकिन क्रैश डाइट जैसी आदतें आपके वेट लॉस को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इसलिए स्मार्ट तरीके से डाइट करें, न कि जल्दी रिजल्ट के चक्कर में गलत रास्ता अपनाएं.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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