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48 डिग्री की तपिश से तड़प रहा उत्तर भारत, जानिए हीट वेव शरीर पर कितना भारी पड़ सकती है

48.2 डिग्री तापमान के साथ श्रीगंगानगर सबसे गर्म शहर. हीटवेव से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन का खतरा। जानें डॉ. समीर भाटी के बताए लक्षण, बचाव टिप्स और कब जाएं डॉक्टर.

48 डिग्री की तपिश से तड़प रहा उत्तर भारत, जानिए हीट वेव शरीर पर कितना भारी पड़ सकती है
इतनी तेज गर्मी शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है.

देश के कई हिस्सों में इस समय गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 48.2 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि उत्तर भारत समेत कई राज्यों में पारा 43 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना और कई अन्य राज्यों में हीट वेव की चेतावनी जारी की है.

लेकिन, यह सिर्फ मौसम की खबर नहीं है. इतनी तेज गर्मी शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है. लगातार बढ़ता तापमान शरीर के टेंपरेचर कंट्रोल सिस्टम पर असर डालता है, जिससे डिहाइड्रेशन, हीट एक्सॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. खासकर बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और बाहर काम करने वाले लोग ज्यादा जोखिम में रहते हैं.

हीट वेव शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाती है? | How Does a Heatwave Harm the Body?

पैथ लैब के निदेशक और पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर समीर भाटी के अनुसार, हमारा शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है. लेकिन, जब बाहर का तापमान बहुत ज्यादा हो जाता है, तब शरीर की यह क्षमता कमजोर पड़ने लगती है. इससे शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है. ऐसी स्थिति में कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, तेज प्यास, उल्टी, मसल्स क्रैम्प्स और दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो हीट स्ट्रोक हो सकता है, जो जानलेवा भी साबित हो सकता है.

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गर्म और उमस भरा मौसम क्यों ज्यादा खतरनाक है?

आंध्र प्रदेश, गुजरात, ओडिशा और तमिलनाडु जैसे राज्यों में गर्मी के साथ उमस भी बढ़ रही है. उमस की वजह से पसीना जल्दी सूख नहीं पाता, जिससे शरीर को ठंडा होने में दिक्कत होती है. यही कारण है कि बहुत ज्यादा उमस में लोग जल्दी थकान और बेचैनी महसूस करते हैं.

किन लोगों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?

  • बच्चे और बुजुर्ग
  • हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या हार्ट डिजीज के मरीज
  • धूप में काम करने वाले लोग
  • कम पानी पीने वाले लोग
  • लंबे समय तक बाहर रहने वाले यात्री
  • इन लोगों में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो सकता है.

लू से बचने के आसान तरीके | Simple Ways to Protect Yourself from Heatstroke

  • दिन में बार-बार पानी पीते रहें, भले प्यास न लगे
  • दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें
  • हल्के रंग और ढीले कपड़े पहनें
  • छाछ, नारियल पानी और नींबू पानी जैसे पेय लें
  • बहुत ज्यादा चाय, कॉफी और शराब से बचें
  • बाहर निकलते समय सिर और चेहरे को ढकें

कब तुरंत डॉक्टर की जरूरत होती है?

अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार, बेहोशी, सांस लेने में दिक्कत, भ्रम या लगातार उल्टी हो रही हो, तो यह हीट स्ट्रोक का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत मेडिकल मदद लेना जरूरी है.

बढ़ती गर्मी अब सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि गंभीर हेल्थ रिस्क बनती जा रही है. इसलिए मौसम विभाग की चेतावनियों को हल्के में लेने की गलती बिल्कुल न करें.

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