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This Article is From Mar 30, 2025

इंसान की आयुर्वेदिक क्लॉक: 24 घंटे में कब रहता है वात, पित्त और कफ का समय?

Human Ayurvedic Clock: सही समय पर उठना, सोना, खाना और व्यायाम करना न केवल हमारे शरीर को संतुलन में रखता है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है. आइए जानते हैं आयुर्वेदिक घड़ी के अनुसार 24 घंटे का त्रिदोष चक्र.

इंसान की आयुर्वेदिक क्लॉक: 24 घंटे में कब रहता है वात, पित्त और कफ का समय?
Human Ayurvedic clock: आयुर्वेदिक क्लॉक के अनुसार, 24 घंटे को तीन भागों में विभाजित किया गया है.

Vata, Pitta, Kapha: आयुर्वेद में मानव शरीर को त्रिदोष (वात, पित्त और कफ) के आधार पर समझा जाता है. इन त्रिदोषों का हमारे शरीर और मन पर गहरा प्रभाव पड़ता है. आयुर्वेदिक क्लॉक के अनुसार, 24 घंटे को तीन भागों में विभाजित किया गया है और हर भाग में एक दोष का प्रभाव ज्यादा होता है. इन दोषों का सही समय पर ध्यान रखकर हम अपनी डेली लाइफ में संतुलन ला सकते हैं. आयुर्वेदिक क्लॉक के अनुसार, अपनी डेली एक्टिविटीज को त्रिदोष के समय के अनुरूप व्यवस्थित करना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है. सही समय पर उठना, सोना, खाना और व्यायाम करना न केवल हमारे शरीर को संतुलन में रखता है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है. आइए जानते हैं आयुर्वेदिक घड़ी के अनुसार 24 घंटे का त्रिदोष चक्र.

1. वात दोष का समय (2 AM से 6 AM और 2 PM से 6 PM)

वात दोष का प्रमुख समय सुबह 2 से 6 बजे और दोपहर 2 से 6 बजे के बीच होता है. यह समय एनर्जी, गति और सृजनशीलता से जुड़ा होता है.

सुबह 2 से 6 बजे: यह समय मानसिक शांति और मेडिटेशन के लिए आइडियल है. इस समय उठना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है.

दोपहर 2 से 6 बजे: इस दौरान हमारी रचनात्मकता और सोचने की क्षमता में वृद्धि होती है. यह समय बौद्धिक कार्यों के लिए उपयुक्त है.

2. पित्त दोष का समय (10 AM से 2 PM और 10 PM से 2 AM)

पित्त दोष का समय दोपहर और देर रात को होता है. यह समय पाचन शक्ति और ऊर्जा बनाने से संबंधित है.

सुबह 10 से दोपहर 2 बजे: इस दौरान हमारा पाचन तंत्र सबसे मजबूत होता है. इसी समय लंच करना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि हमारा शरीर इस समय भारी भोजन को आसानी से पचा सकता है.

रात 10 से 2 बजे: यह समय शरीर की मरम्मत और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का है. इसलिए इस समय सोना बहुत जरूरी है.

3. कफ दोष का समय (6 AM से 10 AM और 6 PM से 10 PM)

कफ दोष का समय सुबह और शाम को होता है. यह स्थिरता, शांति और शक्ति से जुड़ा होता है.

सुबह 6 से 10 बजे: यह समय फिजिकल एक्टिविटीज और व्यायाम के लिए बेहतरीन है. यह समय शरीर को एनर्जेटिक बनाता है.

शाम 6 से 10 बजे: यह समय आराम और विश्राम का है. दिनभर की थकावट के बाद यह समय रिलैक्स करने और हल्का भोजन करने के लिए उपयुक्त है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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