Rice Eating Rules: चावल भारतीय खाने का अहम हिस्सा है. लंच से लेकर डिनर तक में हममें से ज्यादातर लोग चावल खाना पसंद करते हैं. दाल-चावल हो या राजमा-चावल, या स्पेशल करी चावल, राइस लवर्स इसे खाने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं. लेकिन बहुत से लोग इस बात से कंफ्यूज हो जाते हैं कि चावल खाने से पेट बाहर निकल आता है. लेकिन ऐसा नहीं है. हाल ही में इंस्टाग्राम पर drdurgapatil_ayurvedic_doc ने चावल के बारे में एक वीडियो शेयर कर बताया कि किसे कौन से चावल खाना चाहिए. तो चलिए बिना किसी देरी के जानते हैं.

किसे कौन से चावल खाना चाहिए- (Which rice we should eat)
1. नया चावल-
आयुर्वेद में चावल की उम्र का बहुत महत्व है. अक्सर हम बाज़ार से जो भी चावल मिलता है, ले आते हैं. लेकिन आयुर्वेद के अनुसार नया चावल (Fresh Rice) भारी माना गया है. नया चावल पचने में मुश्किल होता है और शरीर में कफ बढ़ा सकता है. अगर आप अक्सर सुस्ती महसूस करते हैं या आपका पाचन कमज़ोर है, तो नया चावल आपके लिए नहीं है.
2. एक साल पुराना चावल-
1 साल पुराना चावल हल्का और सुपाच्य माना गया है. पुराने चावल की तासीर ऐसी हो जाती है कि वह पेट पर बोझ नहीं डालता और शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है. इसलिए कोशिश करें कि हमेशा एक साल पुराना चावल ही खरीदें.
3. कुकर में बना चावल-
अगर आप भी कुकर में चावल बनाना पसंद करते हैं. लेकिन आयुर्वेद इस तरीके को सही नहीं मानता. कुकर में बने चावल खाने से गैस और ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है. आयुर्वेद के अनुसार, चावल को हमेशा खुले बर्तन में पकाना चाहिए और इसमें ज्यादा पानी डालकर पकाएं ताकि बाद में माड वाला पानी निकाल दें.
अपनी प्रकृति के अनुसार चावल खाएं- (Eat rice according to your nature)
1. वात प्रकृति- (Vata Type)
डॉक्टन बताया कि जिन लोगों के जोड़ों में दर्द रहता है, त्वचा रूखी है या गैस बनती है, उन्हें वात प्रधान माना जाता है. ऐसे लोगों को चावल हमेशा थोड़ा सा घी डालकर खाना चाहिए.
2. पित्त प्रकृति- (Pitta Type)
जिन लोगों को एसिडिटी, सीने में जलन या बहुत गुस्सा आता है, वे पित्त प्रधान होते हैं. उनके लिए चावल की खीर या दूध के साथ चावल खाना बेहद फायदेमंद माना जाता है.

Photo Credit: File Photo एसिडिटी में दूध चावल का सेवन फायदेमंद माना जाता है.
3. कफ प्रकृति- (Kapha Type)
जिन लोगों का वजन जल्दी बढ़ता है या जिन्हें सर्दी-खांसी रहती है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए. उन्हें हमेशा 1 साल पुराना चावल ही खाना चाहिए. इतना ही नहीं चावल का माड निकाल कर खाएं.
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