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Pitti Ka Gharelu Ilaj: शरीर पर पित्ती उछलने के घरेलू उपाय, यूनानी एक्सपर्ट ने बताया क्‍या खाएं, क्‍या नहीं

कभी-कभी बैठे-बैठे शरीर पर लाल चकत्ते उभर आते हैं और ऐसी खुजली शुरू होती है कि चैन से बैठना मुश्किल हो जाता है. आम बोलचाल में इसे पित्ती कहते हैं. लेकिन आखिर ये अचानक क्यों होती है और कब परेशानी गंभीर हो सकती है?

Medically Reviewed By: Dr Syed Ahmed Khan
Pitti Ka Gharelu Ilaj:  शरीर पर पित्ती उछलने के घरेलू उपाय, यूनानी एक्सपर्ट ने बताया क्‍या खाएं, क्‍या नहीं
पित्ती क्यों होती है? शरीर पर लाल चकत्ते और खुजली हो तो क्या करें, एक्सपर्ट से जानें
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कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि भले-चंगे बैठे हैं और अचानक से हाथ या जांघों पर ऐसी सुलगती हुई खुजली शुरू हो जाए कि बैठना भारी पड़ जाए. दो मिनट के अंदर लाल-लाल मोटे चकत्ते ऐसे उभर आते हैं जैसे किसी ने डंक मार दिए हों या खाल पर बिच्छू बूटी छू गई हो. हमारे घरों में दादी-नानी इसे सीधा पित्ती उछलना या शीतपित्त बोलती हैं, और डॉक्टरी पर्चे पर इसे अर्टिकेरिया लिखा जाता है. 

सच पूछिए तो उस वक्त इतनी बेतहाशा जलन और खुजलाहट मचती है कि इंसान का मन करता है दीवार से बदन रगड़ ले या कोई कपड़ा भी तन पर न रहे. लोग घबराकर अपने मन से दवा खा लेते हैं. लेकिन हर बार ऐसा करना ठीक नहीं. हल्की पित्ती में कुछ चीजें खुजली और जलन से राहत दे सकती हैं, लेकिन पहले यह समझना जरूरी है कि इसे भड़काने वाली वजह क्या है.

पित्ती उछलना क्या होता है या पित्ती एलर्जी क्या है? 

सीधी-सच्ची जबान में समझें तो ये आपकी खाल का गुस्सा है. सीधी-सच्ची जबान में समझें तो ये आपकी खाल का गुस्सा है. शरीर जब किसी चीज पर जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया करता है, तो हिस्टामाइन जैसे केमिकल रिलीज हो सकते हैं. इसके बाद त्वचा पर अचानक उभरे हुए खुजलीदार चकत्ते दिखाई देने लगते हैं.

इसी केमिकल के छूटते ही त्वचा की नसें फूल जाती हैं और उनके नीचे हल्का पानी जैसा भर जाता है. देखते ही देखते लाल या हल्के सफेद रंग के उभरे हुए मोटे थक्के नजर आने लगते हैं.
कई बार ये चेहरे पर आ जाते हैं, कई बार पीठ या पेट पर. इसकी सबसे अजीब बात ये है कि अभी पीठ पर दिखेंगे, दो घंटे बाद वहां से बिल्कुल गायब होकर पैरों पर निकल आएंगे.
बदन में ऐसी भट्टी सी तपती महसूस होती है और हवा लगने पर भी सुई जैसी चुभन होती है.

पित्ती उछलना का कारण?

लोग अक्सर सोचते हैं कि धूप लग गई होगी इसलिए हो गया, पर हमेशा मामला इतना सीधा नहीं होता. इसके पीछे कई कारण हैं.

खाने की चीजें: कुछ लोगों में किसी खास खाने के बाद पित्ती उभर सकती है. अगर हर बार किसी एक चीज को खाने के बाद चकत्ते आते हैं, तो इस पैटर्न पर ध्यान दें.
दवाएं: कई बार किसी दवा के बाद भी पित्ती जैसे चकत्ते निकल सकते हैं. ऐसा बार-बार हो रहा है तो अपने मन से दवा बदलने या बंद करने के बजाय डॉक्टर को बताएं कि आपने कौन-सी दवा ली थी.
गर्मी-ठंड का असर: कुछ लोगों को पसीना आने, ज्यादा गर्मी या अचानक ठंड लगने पर चकत्ते उभरते दिखते हैं. मसलन, पसीने से तरबतर होकर सीधे 16 नंबर के AC में जाकर बैठना कुछ लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है.
बेहिसाब दिमागी तनाव: बहुत ज्यादा चिंता या रात-रात भर जागने से भी शरीर का सिस्टम बिगड़ता है और एलर्जी ट्रिगर हो जाती है.

एक्‍सपर्ट की राय

इस बीमारी को समझने के लिए हमने बात करी नई दिल्ली के जाने-माने सफदरजंग अस्पताल में यूनानी विभाग के पूर्व प्रमुख (Ex Head of Unani Department) डॉ. सैयद अहमद खान (Dr. Syed Ahmed Khan) से. उनका कहना है कि हमारे शरीर में जब खून के अंदर जरूरत से ज्यादा गर्मी और सफरा यानी पित्त बढ़ जाता है, तब ये चकत्ते बाहर की तरफ जोर मारते हैं.

डॉ. सैयद अहमद खान बताते हैं कि पित्ती होने पर कई लोग मेडिकल स्टोर से अपने मन से एलर्जी की गोली खरीद लेते हैं. लेकिन बार-बार पित्ती हो रही हो तो केवल खुजली दबाने के बजाय डॉक्टर से इसकी वजह समझना जरूरी है. खासतौर पर अगर किसी दवा या खाने के बाद हर बार ऐसा हो रहा हो तो उस जानकारी को डॉक्टर से साझा करें.

उनका कहना है कि सबसे पहले पेट की गर्मी शांत करनी चाहिए और खून को ठंडा रखना चाहिए. डॉ. खान ने एक बहुत काम की चेतावनी भी दी कि अगर चकत्तों के साथ-साथ आपके होंठ सूज जाएं, पलकें मोटी हो जाएं या छाती में घबराहट और सांस खींचने में तकलीफ लगे, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे बिल्कुल मत बैठिए, फौरन किसी बड़े अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचिए. बाकी अगर सामान्य पित्ती है तो रसोई की देसी चीजें ही सबसे बढ़िया इलाज हैं.

पित्ती उछलने पर क्या करें? 

जैसे ही पहला दाना या लाल निशान उभरे, तो हड़बड़ाहट में ये तीन काम कतई न भूलें.

नाखून बिल्कुल न लगाएं: खुजली चाहे कितनी भी जानलेवा लगे, नाखून से खुरचना नहीं है. बहुत जोर से खुजलाने या रगड़ने पर त्वचा और ज्यादा लाल तथा irritated हो सकती है. इसलिए जितना हो सके scratching से बचें.

सूती और खुले कपड़े: शरीर पर जो भी टाइट बनियान, बेल्ट या सिंथेटिक कपड़ा हो, उसे उतारकर ढीला सूती कुर्ता या पजामा पहन लें ताकि बदन को खुली हवा मिले.

सादे ठंडे पानी की पट्टी: फ्रिज की बर्फ सीधे खाल पर कभी मत घिसना, इससे झटका लगेगा. मटके या सादे ठंडे पानी में साफ सूती अंगोछा भिगोकर चकत्तों पर हल्के-हल्के रखें. इससे जलन फौरन थम जाएगी.

शरीर पर पित्ती शांत करने के लिए क्या कर सकते हैं, शरीर पर पित्ती उछलने के घरेलू उपाय

दवाइयों के चक्कर काटने से पहले हमारे घरों में पीढ़ियों से आजमाए गए ये आसान नुस्खे देख लीजिए.

1. नारियल तेल और असली देशी कपूर : ये नुस्खा पित्ती के लिए रामबाण माना जाता है. कटोरी में तीन-चार चम्मच शुद्ध नारियल का तेल लें और उसमें पूजा वाला कपूर की दो टिकिया बारीक चूरा करके मिला लें. इसे पूरे बदन पर जहां-जहां चकत्ते हैं, हल्के हाथ से चुपड़ लें. कपूर की ठंडी तासीर और नारियल का असर पांच मिनट के अंदर चमड़ी की आग बुझा देता है.
2. अजवायन और पुराना गुड़ : अगर आपको लगता है कि ठंडी हवा लगने या मौसम की नमी से पित्ती उछली है, तो एक तवे पर एक छोटा चम्मच अजवायन हल्का सा भून लें. फिर एक डली पुराने गुड़ के साथ इसे खूब चबा-चबाकर निगल लें और ऊपर से आधा घूंट गुनगुना पानी पी लें. ये नुस्खा अंदरूनी वात और पित्त को बैलेंस करके खुजली की धार कुंद कर देता है.
3. ताजा एलोवेरा और थोड़ा सा गुलाब जल : अगर बदन से लपटें निकल रही हों, तो पेड़ से एलोवेरा का ताजा पत्ता तोड़ें और उसका गूदा निकाल लें. उसमें जरा सा गुलाब जल फेंटकर दानों पर लेप की तरह लगा दें. जब सूख जाए तो सादे पानी से धो लें. त्वचा की सूजन चुटकियों में बैठ जाएगी.
4. नीम की छाल या पत्तों का पानी : नीम से बड़ा खून साफ करने वाला कोई दूसरा पेड़ नहीं है. एक भगोने पानी में मुट्ठी भर साफ नीम के पत्ते खौला लें. जब पानी आधा रह जाए और ठंडा हो जाए, तो उसी पानी से बदन को पोंछ लें. इससे बाहर से कोई दूसरा इंफेक्शन नहीं लगेगा और खुजली भी मरेगी.

पित्ती उछलने पर क्या खाना चाहिए?

जब तक शरीर से चकत्ते पूरी तरह विदा न हो जाएं, अपनी जबान पर थोड़ा ताला लगाना पड़ेगा.

  1. घीया, तोरी, टिंडे, कद्दू और मूंग की धुली दाल जैसी बिल्कुल हल्की चीजें खाएं जो पेट में जाकर भारी न पड़ें.
  2. दिनभर में खूब सादा पानी, कच्चा नारियल पानी या पतली मीठी लस्सी पिएं ताकि पेशाब खुलकर आए और अंदर की गर्मी छनकर बाहर निकल जाए.
  3. हरी धनिया, पुदीना और सौंफ का शर्बत बनाकर पिएं, ये खून की तपिश को शांत करते हैं.
  4. खीरा, ककड़ी और पके पपीते का सेवन बढ़ाएं ताकि आंतों में जमा मल ढीला होकर बाहर हो जाए.

पित्ती उछलने पर क्या नहीं खाना चाहिए?

अगर आप इन चीजों से परहेज नहीं करेंगे तो कोई भी नुस्खा काम नहीं करेगा.

खटाई और सिरका: नींबू, इमली, आमचूर, अचार और खट्टे दही से कोसों दूर रहें, ये पित्ती से बचाव दे सकते हैं.
तीखे गरम मसाले: लाल मिर्च, गरम मसाला, ज्यादा लहसुन, अदरक और राई का तड़का दो-तीन दिन के लिए बिल्कुल बंद कर दें.
तली-भुनी चीजें: समोसा, कचौरी, पराठे और बाजार के पैकेट वाले चिप्स-कुरकुरे छूना भी मना है.
गुड़ और बैंगन: अगर गर्मी और पसीने वाली पित्ती है, तो बैंगन, उड़द की दाल और नया गुड़ बिल्कुल न खाएं, ये तासीर में बहुत ज्यादा गर्म होते हैं.
चाय और बीड़ी-सिगरेट: तेज पत्ती की चाय, कॉफी और शराब शरीर में पानी सुखा देती हैं, इसलिए इनसे तौबा कर लें.

अगर आपने गौर किया है कि किसी खास खाने के बाद हर बार पित्ती भड़कती है, तो उसे फिलहाल avoid करें और डॉक्टर को इसके बारे में बताएं. बिना वजह लंबी लिस्ट बनाकर कई खाने बंद करने की जरूरत नहीं है.

डॉक्‍टर को कब दिखाएं

घरेलू नुस्खे आम पित्ती के लिए तो बहुत लाजवाब हैं, लेकिन अगर चकत्तों के साथ-साथ चक्कर आने लगें, उल्टी का मन हो, मुंह के अंदर जीभ भारी लगने लगे या छाती में घबराहट के साथ सांस खींचने में दम फूले, तो घर में बैठकर तमाशा मत देखिए. ये शरीर का बहुत खतरनाक एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है. 

अगर पित्ती के साथ होंठ, जीभ या गले में सूजन आने लगे, सांस लेने में तकलीफ हो या चक्कर जैसी गंभीर समस्या महसूस हो, तो घरेलू नुस्खों में समय न गंवाएं और तुरंत इमरजेंसी मेडिकल मदद लें.

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