त्योहार की दावत हो, शादी का खाना या फिर रात में जरूरत से ज्यादा खा लिया हो, ऐसे में कुछ लोगों को खाना खाने के बाद अचानक महसूस होता है कि दिल पहले से तेज धड़क रहा है. कई बार ऐसे लक्षण सिर्फ शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया की वजह से होती है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में तेज या अनियमित धड़कन को नजरअंदाज करना ठीक नहीं.
कब खाना खान के बाद दिल की धड़कन तेज होना है नॉर्मल?
हैवी खाना खाने के बाद
नारायणा हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजिस्ट डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. देवेंद्र कुमार श्रीमल का कहना है कि खाना खाने के बाद शरीर का ध्यान पाचन की ओर बढ़ जाता है. हमारे पेट और आंतों को खाना पचाने के लिए अधिक ब्लड की जरूरत होती है. ऐसे में शरीर ब्लड सर्कुलेशन को बनाए रखने के लिए हार्टबीट औऱ पंपिंग को थड़ा बढ़ा सकता है. हैवी खाना अगर आपने काफी ज्यादा पोर्शन में खा लिया, तो इस तरह के संकेत नजर आना काफी कॉमन है.
कैफीन या फिर बहुत ज्यादा नमकीन वाली चीजें खाने के बाद
इसके अलावा बहुत ज्यादा कार्बोहाइड्रेट, मीठा या नमकीन भोजन, कैफीन वाले ड्रिंक और मसालेदार खाना कुछ लोगों में धड़कन तेज महसूस करा सकते हैं. बहुत तेजी से खाना, पेट का अत्यधिक भर जाना और भोजन के बाद तुरंत लेट जाना भी असहजता बढ़ा सकता है.
एसिड रिफ्लक्स के कारण
डॉक्टर कहते हैं कि ऐसे संकेत दिखने की एक और वजह एसिड रिफ्लक्स हो सकती है. भारी भोजन के बाद पेट का दबाव बढ़ने से एसिड ऊपर आ सकता है, जिससे सीने में जलन, बेचैनी या छाती में असहजता महसूस हो सकती है. कई बार व्यक्ति इन संवेदनाओं को तेज धड़कन के रूप में भी महसूस करता है.
हर बार सिर्फ खाना नहीं होता है जिम्मेदार
डॉक्टर श्रीमल कहते हैं कि यदि खाना खाने के बाद धड़कन कुछ समय के लिए बढ़े और आराम करने पर सामान्य हो जाए और इसके साथ कोई दूसरा लक्षण न हो, तो अक्सर ये गंभीर समस्या का संकेत नहीं होता. फिर भी अहर ये बार-बार हो रहा है, बिना ज्यादा खाए भी हो रहा है या धीरे-धीरे बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
कब है खबरे की घंटी
डॉक्टर कहते हैं कुछ स्थितियों में ये खतरे की घंटी हो सकती है, अगर तेज या अनियमित धड़कन के साथ आपको कुछ अन्य संकेत दिखे, तो सतर्क होने की जरूरत है, जैसे-
- सीने में दर्द या दबाव
- सांस फूलना
- चक्कर और बेहोशी जैसा महसूस होना
- अत्यधिक कमजोरी या ठंडा पसीना आए.
ऐसे लक्षण हार्ट संबंधी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं और तुरंत आपको डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत होती है, ताकि स्थिति की गंभीरता का समय से पता चल सके.
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