विज्ञापन

कैंसर के खिलाफ दिल की धड़कन बन सकती है सुरक्षा कवच, कहती है स्टडी

वैज्ञानिक लंबे समय से यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि दिल बाकी अंगों की तुलना में कैंसर से कैसे बचा रहता है.

कैंसर के खिलाफ दिल की धड़कन बन सकती है सुरक्षा कवच, कहती है स्टडी
दिल में कैंसर क्यों होता है इतना कम? रिसर्च में सामने आई नई वजह

हम आए दिन शरीर के अलग‑अलग हिस्सों में कैंसर से जुड़ी खबरें पढ़ते‑सुनते रहते हैं. लेकिन एक अंग ऐसा है, जहां कैंसर के मामले बेहद कम देखे जाते हैं   और वह है दिल.  ऐसा क्यों होता है? क्या इसकी वजह दिल की लगातार चलती धड़कन हो सकती है? हाल ही में सामने आई एक रिसर्च ने इस सवाल पर दिलचस्प रोशनी डाली है.

दिल में कैंसर क्यों होता है इतना कम

स्टडी के मुताबिक, शरीर के ज्यादातर अंगों में ट्यूमर विकसित हो सकते हैं, लेकिन दिल में कैंसर के मामले बेहद दुर्लभ होते हैं. प्राथमिक कार्डियक ट्यूमर बहुत ही कम पाए जाते हैं, जबकि दूसरे अंगों से फैलकर दिल तक पहुंचने वाले ट्यूमर भी सीमित मामलों में ही दिखते हैं.

वैज्ञानिक लंबे समय से यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि दिल बाकी अंगों की तुलना में कैंसर से कैसे बचा रहता है.

धड़कन का ‘मैकेनिकल प्रेशर' निभाता है भूमिका

रिसर्च में पाया गया कि दिल की लगातार धड़कन एक तरह का मैकेनिकल दबाव बनाती है. यही दबाव कैंसर कोशिकाओं के लिए अनुकूल वातावरण नहीं बनने देता.

जब दिल की मांसपेशियां नियमित रूप से सिकुड़ती‑फैलती हैं, तो वहां कैंसर कोशिकाओं को फैलने और पकड़ बनाने में मुश्किल होती है.

चूहों पर क्या देखा गया स्टडी में

इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने चूहों पर प्रयोग किए. उन्होंने शरीर के बाहर एक ऐसा दिल विकसित किया, जो खून की आपूर्ति तो ले रहा था, लेकिन धड़क नहीं रहा था. जब कैंसर कोशिकाएं धड़कते और नॉन‑बीटिंग दिल दोनों में डाली गईं, तो यह देखा गया कि:

  • नॉन‑बीटिंग दिल में कैंसर तेजी से फैला.
  • धड़कते दिल में कैंसर कोशिकाएं सीमित रहीं और ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाईं.
  • यानी दिल की एक्टिव मूवमेंट ने कैंसर कोशिकाओं की ग्रोथ को धीमा कर दिया.
  • Latest and Breaking News on NDTV

लैब में भी मिला यही संकेत

स्टडी यहीं नहीं रुकी. वैज्ञानिकों ने लैब में दिल जैसे टिश्यू तैयार किए, जिनमें कुछ को धड़कने दिया गया और कुछ को स्थिर रखा गया.

परिणाम वही रहा   स्थिर टिश्यू में कैंसर ज्यादा फैला, जबकि धड़कते टिश्यू में कैंसर कोशिकाएं सीमित दायरे में ही रहीं.

इंसानों पर लागू करने से पहले जरूरी है और रिसर्च

वैज्ञानिकों का साफ कहना है कि यह रिसर्च अभी शुरुआती स्तर पर है और इसे सीधे इंसानों पर लागू नहीं किया जा सकता.  
लेकिन इससे यह संकेत जरूर मिलता है कि भविष्य में कैंसर रिसर्च के नए रास्ते खुल सकते हैं, जहां शरीर की मूवमेंट या मैकेनिकल फोर्स की भूमिका को समझा जाएगा.

FAQs

Q1. क्या दिल में कैंसर बहुत कम होता है?  
हां, बाकी अंगों की तुलना में दिल में कैंसर के मामले काफी दुर्लभ देखे जाते हैं.

Q2. स्टडी में दिल की धड़कन को क्यों अहम माना गया है?  
रिसर्च के अनुसार, दिल की लगातार धड़कन कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण नहीं बनने देती.

Q3. यह स्टडी किस पर की गई है?  
यह अध्ययन चूहों और लैब में तैयार किए गए दिल जैसे टिश्यू पर किया गया है.

Q4. क्या यह रिसर्च इंसानों पर लागू होती है?  
अभी नहीं. वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसानों पर निष्कर्ष निकालने से पहले और रिसर्च जरूरी है.

Q5. क्या यह खोज भविष्य में कैंसर रिसर्च में मदद कर सकती है?  
हां, यह रिसर्च कैंसर को समझने के नए तरीकों की दिशा में संकेत देती है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com