हर साल लाखों शिवभक्त पूरे जोश और श्रद्धा के साथ कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं. कई लोग सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलते हैं, कंधे पर कांवड़ उठाते हैं और घंटों धूप, उमस और बारिश का सामना करते हैं. लेकिन क्या सिर्फ मन का मजबूत होना काफी है? अगर आपके दिल, ब्लड प्रेशर या शरीर की हालत इस सफर के लिए तैयार नहीं है, तो रास्ते में मुश्किल खड़ी हो सकती है. खासकर 40 साल से ज्यादा उम्र के लोगों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए यात्रा से पहले कुछ जरूरी हेल्थ चेकअप कराना बड़ा फैसला साबित हो सकता है. आइए जानते हैं किन जांचों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
इस विषय पर NDTV ने डॉ. विकास ठाकरान, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, मणिपाल हॉस्पिटल, द्वारका से बातचीत की, तो चलिए जानते हैं, कांवड़ यात्रा पर निकलने से पहले कौन से टेस्ट करवाने चाहिए?

सिर्फ जोश नहीं, शरीर की तैयारी भी है जरूरी
डॉक्टर ठाकरान का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान रोज कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है. इसके अलावा वजन उठाना, कम नींद, मौसम में बदलाव और शरीर में पानी की कमी जैसी बातें दिल पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं. अगर पहले से कोई छिपी हुई परेशानी है और उसका पता नहीं चला है, तो यात्रा के दौरान दिक्कत बढ़ सकती है.
सबसे पहले कराएं ब्लड प्रेशर की जांच
हाई ब्लड प्रेशर कई बार बिना किसी लक्षण के भी रहता है. लेकिन लंबी पैदल यात्रा और शारीरिक मेहनत के दौरान यह अचानक बढ़ सकता है. इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले ब्लड प्रेशर की जांच जरूर करा लें. अगर पहले से दवा चल रही है तो डॉक्टर से यह भी पूछ लें कि यात्रा के दौरान दवा कैसे और कब लेनी है.
ECG से मिल सकता है दिल का अहम संकेत
अगर आपकी उम्र 40 साल से ज्यादा है, पहले कभी सीने में दर्द, घबराहट या सांस फूलने जैसी परेशानी हो चुकी है, तो यात्रा से पहले ईसीजी कराना समझदारी होगी. इससे दिल की धड़कन और कई दूसरी गड़बड़ियों का शुरुआती पता चल सकता है.
ब्लड शुगर भी जरूर चेक करें
डायबिटीज के मरीजों के लिए लंबी यात्रा आसान नहीं होती. ज्यादा चलने, समय पर खाना न मिलने और मौसम बदलने से ब्लड शुगर ऊपर या नीचे जा सकती है. इसलिए यात्रा से पहले शुगर की जांच कराएं और दवाइयों के साथ हल्का खाना या ग्लूकोज जैसी जरूरी चीजें भी साथ रखें.
डॉक्टर से फिटनेस की सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका
अगर सीढ़ियां चढ़ते समय या थोड़ी दूर चलने पर ही सांस फूलने लगती है, तो इसे सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज न करें. यह दिल या फेफड़ों से जुड़ी परेशानी का संकेत भी हो सकता है. ऐसे में पहले डॉक्टर से जांच कराना बेहतर रहेगा. खासकर अगर आपको दिल की बीमारी, ब्लड प्रेशर, मधुमेह, अस्थमा या कोई दूसरी पुरानी बीमारी है, तो यात्रा पर निकलने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर मिलें.
इन बातों का भी रखें ध्यान
कांवड़ यात्रा के दौरान शरीर में पानी की कमी बिल्कुल न होने दें और समय-समय पर पानी या ORS पीते रहें. अपनी क्षमता से ज्यादा तेज चलने की कोशिश न करें, बल्कि अपनी सहूलियत के मुतााबिक रफ्तार बनाए रखें. अगर रास्ते में सीने में दर्द, चक्कर, अचानक बहुत ज्यादा थकान या सांस लेने में परेशानी महसूस हो, तो तुरंत रुक जाएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की मदद लें. अपनी सभी जरूरी दवाएं साथ रखें और उन्हें समय पर लेते रहें. सबसे जरूरी बात, सिर्फ आत्मविश्वास के भरोसे लंबी यात्रा शुरू न करें. अगर पहले से कोई बीमारी है या उम्र ज्यादा है, तो यात्रा पर निकलने से पहले डॉक्टर से जांच और फिटनेस की सलाह जरूर लें.
कांवड़ यात्रा आस्था का पर्व है, लेकिन आस्था के साथ सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है. कुछ आसान हेल्थ चेकअप आपको बड़ी परेशानी से बचा सकते हैं. अगर शरीर पूरी तरह तैयार होगा, तभी यह धार्मिक यात्रा सुरक्षित और सुखद बन पाएगी.
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