Ghabrahat Aur Anxiety Mei Kya Farak Hai: एंग्जायटी डिसऑर्डर एक तरह की मेंटल हेल्थ कंडीशन है. अगर आपको एंग्जायटी डिसऑर्डर है, तो आप कुछ चीज़ों और स्थितियों पर डर और घबराहट के साथ रिएक्ट कर सकते हैं. आपको एंग्जाइटी के शारीरिक लक्षण भी महसूस हो सकते हैं, जैसे दिल की धड़कन तेज होना और पसीना आना. थोड़ी बहुत एंग्जायटी होना नॉर्मल है. अगर आपको काम पर कोई समस्या हल करनी है, इंटरव्यू देना है, टेस्ट देना है या कोई ज़रूरी फैसला लेना है, तो आप चिंतित या घबराया हुआ महसूस कर सकते हैं. थोड़ी बहुत एंग्जायटी फायदेमंद भी हो सकती है, यह हमें खतरनाक स्थितियों को पहचानने में मदद करती है और हमारा ध्यान केंद्रित करती है ताकि हम सुरक्षित रहें. लेकिन एंग्जायटी डिसऑर्डर उस सामान्य घबराहट और हल्के डर से कहीं ज़्यादा है जो आपको समय-समय पर महसूस हो सकता है. अक्सर लोग घबराहट और एंग्जाइटी के बीच में कंफ्यूज रहते हैं. डॉक्टर कामना छिब्बर ने एनडीटीवी से बातचीत इस बारे में विस्तार से समझाया कि एग्जाइटी और सामान्य घबराहट में क्या अंतर है.
एंग्जायटी और घबराहट में अंतर | Nervousness vs Anxiety: What's The Difference
डॉ कामना छिब्बर ने बताया कि किसी नई जगह पर जाने पर या किसी जॉब इंटरव्यू पर जाने पर या नए लोगों से मिलने पर अगर आपको घबराहट फील होती है तो वह नॉर्मल है. इसे नर्वसनेस यानी घबराहट कहते हैं. घबराहट हमारे लिए जरूरी भी है, किसी खतरे को भांप कर हम उससे घबराते हैं और उसे करने से बचते हैं तो ये हमें खतरे से बचाता है. जैसे- अगर हमें डर या घबराहट न हो तो हम आग में भी हाथ डाल देंगे.
लेकिन अगर वहीं डर किसी सामान्य चीज के लिए आए, या उस चीज को करने में घबराहट जिसे पहले करने में कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ, जहां कि आपको पता है कि घबराहने की कोई जरूरत नहीं है फिर भी घबराहट हो और वह डर या घबराहट उस लेवल पर पहुंच जाए जहां वो आपके कामकाज या स्वभाव को प्रभावित कर रही हो तो वह एंग्जाइटी डिसऑर्डर है. जैसे अगर आप का काम प्रभावित हो रहा हो, उसे करने में घबराहट हो रही है, नींद न आती हो, डर लग रहा हो लोगों से बात करने में, रिश्तों को ठीक से निभा न पा रहे हो तब ये एक बीमारी का रूप है. अगर ऐसा लंबे समय तक हो रहा है तो आपको डॉक्टर से मिलकर इलाज कराने की जरूरत है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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