Gut bacteria can influence obesity: एक ताजा रिसर्च में पाया गया है कि पेट के बैक्टीरिया मोटापे की शुरुआत और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. ये बैक्टीरिया विभिन्न पोषक तत्वों के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकता है और इसलिए आंत में बायोएक्टिव अणुओं की उपस्थिति को प्रभावित कर सकता है, जो चयापचय रोग के विकास को प्रभावित करते हैं. यह अध्ययन 'यूरोपियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ ओबेसिटी' पत्रिका में प्रकाशित हुआ था.
आंत माइक्रोबायोटा में सूक्ष्मजीवों (बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और प्रोटोजोआ) का एक जटिल समुदाय होता है जो जठरांत्र संबंधी मार्ग में रहते हैं. इस समुदाय में किसी तरह की डिस्टर्बेंस (डिस्बिओसिस) मेटाबॉलिक हेल्थ को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करता है और मोटापे सहित कुछ बीमारियों के जोखिम को पैदा करता है. हालांकि, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि कौन सी प्रजातियां मोटापा विकसित होने की अधिक या कम संभावना दर्शाती हैं, साथ ही इन प्रजातियों का हमारे मेटाबॉलिक हेल्थ पर क्या प्रभाव पड़ता है.
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स्पेनिश आबादी पर हुआ शोध
अधिक जानने के लिए, शोधकर्ताओं ने उन तंत्रों को समझने के लिए स्पेनिश आबादी के मेटागेनोमिक और मेटाबॉलिक डेटा का विश्लेषण किया, जिनके द्वारा ये सूक्ष्मजीव मोटापे के विकास में शामिल हैं. कुल मिलाकर, 361 वयस्क स्वयंसेवकों (251 महिलाएं/110 पुरुष, औसत (औसत आयु 44 वर्ष) को स्पैनिश ओबेकिट अध्ययन से शामिल किया गया था.
शोधकर्ताओं ने यह सुनिश्चित किया कि निम्न और उच्च समूहों के प्रतिभागियों का लिंग और उम्र के आधार पर मिलान किया जाए. प्रतिभागियों के मल के नमूनों में मौजूद बैक्टीरिया के विभिन्न प्रकार, संरचना, विविधता और सापेक्ष बहुतायत की पहचान करने के लिए आनुवंशिक माइक्रोबायोटा प्रोफाइलिंग की गई थी. विश्लेषण से पता चला कि High OB इंडेक्स वाले व्यक्तियों में क्रिस्टेंसेनेला मिनुटा का काफी कम स्तर पाया गया, ये एक जीवाणु है जो लगातार दुबलेपन और स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है.
शोध में सामने आई ये बात
पुरुषों में, पैराबैक्टेरॉइड्स हेल्कोजेन्स और कैम्पिलोबैक्टर कैनाडेंसिस प्रजातियों की अधिक मात्रा - उच्च बीएमआई, फैट मास और कमर की परिधि के साथ से जुड़ी हुई थी. जबकि महिलाओं में, तीन प्रजातियों - प्रीवोटेला माइकन्स, प्रीवोटेला ब्रेविस और प्रीवोटेला सैचरोलिटिका - की बहुतायत में उच्च बीएमआई, फैट मास और कमर की परिधि की अत्यधिक भविष्यवाणी की गई थी, लेकिन पुरुषों में नहीं.
स्पेन में नवारा विश्वविद्यालय में पोषण अनुसंधान केंद्र के प्रमुख लेखक डॉ. पाउला अरनाज़ कहते हैं, "हमारे निष्कर्षों से पता चलता है कि कैसे अलग-अलग जीवाणु समूहों में असंतुलन मोटापे की शुरुआत और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जिसमें लिंगों के बीच काफी अंतर होता है, जो मेटाबॉलिज्म में मौजूद विभिन्न बायोएक्टिव अणुओं के चयापचय को प्रभावित कर सकता है जो चयापचय रोग के विकास को प्रभावित करते हैं."
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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