बार-बार पेशाब आने की समस्या को अक्सर लोग ज्यादा पानी पीने, मौसम में बदलाव या उम्र बढ़ने का सामान्य असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन अगर बिना ज्यादा पानी पिए भी दिन में बार-बार पेशाब आए, रात में नींद खुलती रहे या पेशाब के साथ जलन, दर्द, तेज इच्छा अथवा कम मात्रा में पेशाब आने जैसी समस्या हो तो इसके पीछे किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI), ब्लड शुगर बढ़ना, ओवरएक्टिव ब्लैडर, पुरुषों में प्रोस्टेट का बढ़ना और कुछ दवाएं इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं.
बार-बार पेशाब आना कब चिंता की बात है?
बार-बार पेशाब आने में व्यक्ति को पेशाब करने की जरूरत सामान्य से अधिक महसूस होती है और कई बार थोड़ी देर पहले पेशाब करने के बाद भी दोबारा तेज इच्छा होने लगती है. रात में बार-बार उठकर पेशाब करने की स्थिति को नॉक्टूरिया कहा जाता है. यदि यह समस्या लगातार बनी रहे और नींद, काम या रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
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बार-बार पेशाब आने के 5 प्रमुख कारण
- UTI
- हाई ब्लड शुगर (डायबिटीज)
- ओवरएक्टिव ब्लैडर
- बढ़ा हुआ प्रोस्टेट
- ज्यादा कैफीन और कुछ दवाएं
सर गंगा राम अस्पताल के सीनियर यूरोलॉजिस्ट डॉ. अश्विन माल्या बताते हैं,
इसके अलावा बहुत अधिक चाय-कॉफी, कैफीन या शराब का सेवन भी पेशाब की आवृत्ति बढ़ा सकता है. कुछ दवाएं, खासकर पानी निकालने वाली दवाएं (diuretics), ओवरएक्टिव ब्लैडर, किडनी स्टोन और कुछ अन्य यूरिनरी समस्याएं भी इसकी वजह बन सकती हैं.
रात में बार-बार पेशाब आने (Nocturia) का क्या मतलब है?
अगर बार-बार पेशाब के साथ पेशाब में जलन या दर्द, खून, बदबूदार या धुंधला पेशाब, पेट के निचले हिस्से में दर्द, कमर या बगल में दर्द, बुखार, ठंड लगना, उल्टी या पेशाब करने में परेशानी हो तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. बुखार के साथ कमर या साइड में दर्द UTI के किडनी तक पहुंचने का संकेत भी हो सकता है.
बार-बार पेशाब आने पर घर में क्या करें?
डॉ. माल्या के अनुसार,
UTI की आशंका होने पर पानी पीना और ब्लैडर को नियमित रूप से खाली करना मददगार हो सकता है, लेकिन केवल घरेलू उपायों के भरोसे संक्रमण का इलाज नहीं करना चाहिए. बैक्टीरियल UTI में डॉक्टर जरूरत के अनुसार जांच और एंटीबायोटिक उपचार की सलाह दे सकते हैं.
कब डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए?
अगर समस्या लगातार बनी रहती है, रात में बार-बार नींद खुलती है या कोई स्पष्ट कारण नहीं है, तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है. डॉक्टर लक्षणों के आधार पर यूरिन टेस्ट, ब्लड शुगर और पुरुषों में प्रोस्टेट से संबंधित जांच सहित अन्य परीक्षण की सलाह दे सकते हैं. खासकर पेशाब में खून, तेज दर्द, बुखार या पेशाब रुकने जैसी स्थिति में देरी नहीं करनी चाहिए.
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