प्रवीण चावला 44 साल के मास्टर्स कैटेगरी में नेशनल और स्टेट लेवल पर तैराकी करते हैं. हाल ही में अपने नॉर्मल स्वीमिंग रूटीन के दौरान मैं उनसे मिली. प्रवीण 44 में भी 35 के लग रहे थे. वे एकदम फिट और फेटलेस हैं. जब प्रवीण ने मुझ बताया कि वे मास्टर्स के लिए खेलते हैं, तो हेल्दी डाइट का जिक्र किए बिना में रह नहीं सकी.
मैंने उनसे पूछा कि वे कैसे डाइट लेते हैं और बातचीत के दौरान मैंने उन्हें बताया कि हाल ही में मैंने भी सुबह उठकर खाली पेट कॉफी लेना शुरू किया है. बस मेरा इतना कहना था और प्रवीण जोर से हंस दिए. वे बोले अरे बाबा कुछ भी बिना डाक्टर से बात करे मत लेना.
मैंने हैरानी से पूछा कि इसकी तो सभी सिफारिश करते हैं. तो प्रवीण ने कहा कि अब तो आपको वह सीक्रट बताना बहुत जरूरी है... मैं हैरान थी कि कौन सा सीक्रेट. प्रवीण ने बताया -
एक एथलीट होने के नाते फिटनेस, डाइट और स्टेमिना मेरे लिए सब कुछ है. दो साल पहले की बात है. मेरा एक स्विमिंग पार्टनर सुबह वर्कआउट से पहले ब्लैक कॉफी पीता था. उसका दावा था कि इससे फैट बर्न तेजी से होता है और बॉडी को इंस्टेंट एनर्जी मिलती है.
सोशल मीडिया पर भी मुझे ऐसे दर्जनों वीडियो दिखे, जिनमें फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स सुबह उठते ही गर्म कड़क ब्लैक कॉफी पीने के फायदे गिना रहे थे. कोई इसे मेटाबॉलिज्म बूस्टर कह रहा था, तो कोई वजन घटाने का सबसे आसान तरीका.
इसी दौरान एक दूसरे स्वीमर से बात हुई, तो उसने भी खाली पेट कॉफी पीने के फायदे गिनवा दिए और कहा कि कैसे इससे उसकी एंड्यूरेंस और एक्टिवनेस बढ़ी.
बस फिर क्या था मैंने सोचा कि जब सब कर रहे हैं तो मैं क्यों पीछे रहूं. बस यहीं से मेरी सबसे बड़ी गलती शुरू हुई.
स्वीमर ने कहा कि शुरुआती में उन्होंने लक्षणों को आम समझकर अनदेखा कर दिया. वे कहते हैं-
मैंने रोज सुबह खाली पेट एक बड़ा मग गर्म ब्लैक कॉफी पीना शुरू कर दिया. शुरू के हफ्ते-दस दिन तो सब ठीक लगा. नींद एकदम से उड़ जाती थी और पूल में उतरते ही लगता था कि गजब का करंट आ गया है. लेकिन तीसरे हफ्ते से पेट में हल्की जलन और ऐंठन शुरू हो गई.

पर ऐसा हुआ नहीं. जलन धीरे-धीरे सीने तक आने लगी. खट्टी डकारें, पेट फूलना और सुबह उठते ही मोशन के लिए भागना रोज का काम बन गया. कभी तेज दस्त तो कभी कब्ज. हालत यह हो गई कि स्विमिंग पूल में लैप्स लगाते वक्त मेरे पेट में मरोड़ उठने लगती थी. करीब 70-80 दिन बीतते-बीतते मेरी भूख पूरी तरह उड़ चुकी थी और शरीर में हमेशा कमजोरी रहने लगी. 90वें दिन जब पेट में असहनीय दर्द हुआ, तो मुझे समझ आ गया कि पानी सिर के ऊपर से निकल चुका है.

जब डॉक्टर के दरवाजे पर पहुंचा
दर्द इतना बढ़ गया था कि प्रवीण को तुरंत अस्पताल जाना पड़ा.
डॉ. मिगलानी ने मुझे समझाया कि हर किसी का शरीर अलग होता है. आपके दोस्त के पेट का एसिड टॉलरेंस अलग हो सकता है और आपका अलग. किसी का रूटीन बिना सोचे-समझे कॉपी करना सबसे खतरनाक कदम होता है.
खाली पेट गर्म ब्लैक कॉफी क्यों बन जाती है जहर
प्रवीण के केस को समझने के लिए हमने यूनानी एक्पर्ट से बात की. यूनानी डॉ. सैयद अहमद खान ने बताया कि पेट रात भर खाली रहता है और सुबह के समय उसमें पहले से ही हाइड्रोक्लोरिक एसिड का लेवल बना होता है.
जब आप सुबह सोकर उठते ही सबसे पहले तेज गर्म और कड़वी ब्लैक कॉफी पेट में डालते हैं, तो यह सीधे पेट की नाजुक अंदरूनी सतह से टकराती है. इसके कई गंभीर नुकसान होते हैं:
एसिड का अचानक बढ़ना: कैफीन पेट में एसिड बनाने वाली ग्रंथियों को बहुत तेजी से उत्तेजित करता है. जब पेट में पचाने के लिए कोई ठोस खाना नहीं होता, तो यह एसिड पेट की अपनी ही दीवारों को नुकसान पहुंचाने लगता है.
आईबीएस (IBS) का बढ़ता खतरा: कैफीन आंतों की मांसपेशियों की गति को जरूरत से ज्यादा तेज कर देता है. इससे गट मोटिलिटी बिगड़ती है और व्यक्ति इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम का शिकार हो जाता है, जिसमें पेट में ऐंठन, गैस, डायरिया या कब्ज की शिकायत रहने लगती है.
डिहाइड्रेशन और पोषक तत्वों की कमी: खाली पेट कॉफी डाययूरेटिक की तरह काम करती है. यह शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स को तेजी से बाहर निकाल देती है, जिससे शरीर सूखने लगता है.
एंग्जायटी और कॉर्टिसोल स्पाइक: खाली पेट कैफीन ब्लड में जाकर स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल को बढ़ा देता है. इससे दिल की धड़कन तेज होना, घबराहट और हाथ कांपने की समस्या हो सकती है.

कॉफी के फायदे भी हैं, पर नियम समझना जरूरी है
डॉक्टरों का मानना है कि कॉफी अपने आप में कोई बुरी चीज नहीं है. अगर सही तरीके और सही समय पर पी जाए, तो इसके अपने फायदे भी हैं.
फायदे:
- इसमें भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो सेल्स को डैमेज होने से बचाते हैं.
- सीमित मात्रा में लेने से यह अलर्टनेस और फोकस को बेहतर करती है.
- वर्कआउट से पहले कुछ हल्का खाकर पीने से यह फैट ऑक्सीडेशन में मदद करती है.
- अल्जाइमर और टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करने में भी कुछ हद तक मददगार मानी जाती है.
नुकसान:
- खाली पेट लेने से गैस्ट्राइटिस, एसिड रिफ्लक्स और अल्सर का खतरा बढ़ जाता है.
- नींद का चक्र पूरी तरह बिगड़ सकता है.
- कैल्शियम और आयरन के अवशोषण में रुकावट डालती है.
- बिना डॉक्टर की सलाह के इसकी आदत पड़ने पर कैफीन डिपेंडेंसी हो जाती है.
प्रवीण कहते हैं कि आज मैं पूरी तरह से उस आदत को छोड़ चुका हूं. अब मेरी सुबह हल्के गुनगुने पानी और भीगे बादाम से होती है. मेरी कहानी से बस एक ही सीख लें, सोशल मीडिया के 30 सेकंड के रील देखकर अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ मत करिए. और कोई नुस्खा बस इसलिए खुद पर ट्राई न करें कि वह बहुत प्रचलित है और आपके किसी नजदीकी को उससे फायदा हुआ है.
कुछ काम की बातें :
क्या सुबह कॉफी पीना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए:
नहीं, पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है. बस नियम बदलें. सुबह उठते ही खाली पेट कभी न पिएं. नाश्ता करने के कम से कम आधे से एक घंटे बाद ही कॉफी लें.
अगर ब्लैक कॉफी से वजन घटता है, तो खाली पेट क्यों मना किया जाता है: वजन घटाने के चक्कर में अगर आपका पेट और पाचन तंत्र ही खराब हो गया, तो वह वजन घटना किसी काम का नहीं रहेगा. मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए पेट का स्वस्थ रहना पहली शर्त है.
खाली पेट कॉफी पीने से पेट में जलन हो तो तुरंत क्या करें : अगर अचानक तेज जलन हो रही हो, तो तुरंत एक गिलास सादा ठंडा पानी या थोड़ा ठंडा दूध पिएं ताकि एसिड न्यूट्रलाइज हो सके. इसके बाद डॉक्टर से संपर्क करें.
एक्सपर्ट के बारे में: डॉ. सैयद अहमद खान यूनानी चिकित्सा के वरिष्ठ विशेषज्ञ हैं. वे नई दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के यूनानी मेडिकल सेंटर में पूर्व डिप्टी डायरेक्टर एवं हेड रह चुके हैं. वर्तमान में वे दरीयागंज स्थित सदर यूनानी क्लिनिक में प्रैक्टिस करते हैं और श्वसन रोगों, पाचन संबंधी समस्याओं तथा लाइफस्टाइल डिजीज के यूनानी उपचार में विशेष अनुभव रखते हैं.
डॉ. अमित मिगलानी पेट, पाचन तंत्र और लिवर से जुड़ी बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर हैं. उन्हें गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजी के क्षेत्र में 18 साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, फरीदाबाद में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के निदेशक और विभागाध्यक्ष (एचओडी) के रूप में कार्यरत हैं.
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