त्योहारों का मजा अक्सर देर रात तक की बातचीत, पार्टियां, स्क्रीन टाइम और अनलिमिटेड फूड के साथ जुड़ा होता है. लेकिन कुछ दिनों की अनिद्रा या देर से सोने से न सिर्फ आपके शरीर में थकान होती है, बल्कि ये बायलॉजिकल क्लॉक और हार्मोन बैलेंस को भी बिगाड़ सकता है. मैक्स हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन की प्रिंसिपल डायरेक्टर एंड एसओडी डॉ. मीनाक्षी जैन का कहना है कि हमारी नींद एक 24-घंटे की इंटरनल क्लॉक यानी सर्कैडियन रिदम से कंट्रोल होती है. अंधेरे में दिमाग मेलाटोनिन बनाता है, जो नींद की शुरुआत और नींद-जागने के सर्कल को कंट्रोल करता है. देर रात तक रोशनी, मोबाइल या टीवी के सामने रहने से मेलाटोनिन का सेक्रेशन भी प्रभावित हो सकता है, जिससे नींद आने में देरी और नींद की गुणवत्ता में गिरावट हो सकती है.
नींद की कमी से हो सकती है कई समस्याएं
डॉ. मीनाक्षी कहती हैं कि नींद की कमी सिर्फ आंखों के नीचे डार्क सर्कल या सुस्ती का कारण नहीं बनती. ये भूख कंट्रोल करने वाले हार्मोन लेप्टिन और ग्रेलिन को बदल देती है. नींद कम होने पर लेप्टिन, जो पेट भरा होने का संकेत देता है को घटाता है. वहीं, ग्रेलिन, जो भूख बढ़ाता है को बढ़ाता है. इसीलिए रात भर जागने के बाद मीठे, तले या हाई-कैलोरी खाने की तीव्र इच्छा होती है.
इसके अलावा, लगातार कम नींद स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल को बढ़ा सकती है और इंसुलिन सेंसटिविटी को कम कर सकती है. इससे ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव, वजन बढ़ने का खतरा और थकान-चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है.
फेस्टिव सीजन में किन बातों का रखें ध्यान
डॉक्टर कहती हैं कि अगर आप फेस्टिव सीजन में कुछ बातों पर ध्यान देते हैं, तो काफी हद तक शारीरिक और मानसिक समस्याओं को कम किया जा सकता है, जैसे-
- सोने और जागने का समय जितना संभव हो, नियमित रखें. एक-दो दिन की छूट ठीक है, लेकिन हर रात 2-3 घंटे का बदलाव नुकसानदेह हो सकता है.
- सोने से एक घंटा पहले फोन, लैपटॉप और टीवी से दूरी बनाएं.
- देर रात भारी, तला या मीठा खाना न लें; भूख लगे तो हल्का नाश्ता चुनें.
- दिन में 20-30 मिनट की झपकी ले सकते हैं, लेकिन शाम के बाद लंबी नींद से बचें.
- कैफीन और एनर्जी ड्रिंक को शाम के बाद टालें.
- अगले दिन सुबह धूप और हल्की फिजिकल एक्टिविटी से शरीर की घड़ी को फिर से सेट करने में मदद मिलती है.
मेलाटोनिन सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें. मुख्य रूप से अगर आप अगर किसी तरह की दवा ले रहे हैं, तो इस स्थिति में अपना स्पेशल ध्यान रखें. गर्भवती हैं या लगातार अनिद्रा से परेशान हैं, तो स्थिति में सुधार की कोशिश करें.
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