Oxytocin: The love hormone: क्या आपने कभी सोचा है कि प्यार होने पर शरीर में आखिर क्या होता है? किसी खास व्यक्ति को देखते ही दिल क्यों धड़कने लगता है और उसके बारे में सोचकर खुशी क्यों महसूस होती है? इसकी एक बड़ी वजह ऑक्सीटोसिन नाम का हार्मोन है, जिसे "लव हार्मोन" भी कहा जाता है. आइए जानते हैं कि ऑक्सीटोसिन क्या है और प्यार से इसका क्या संबंध है.
किसे कहते हैं लव हार्मोन?
ऑक्सीटोसिन वो हार्मोन है जिसे "लव" या "हैप्पी" हार्मोन कहते हैं. यह आपकी भावनाओं पर गहरा असर डाल सकता है. ये ही वो हार्मोन है, जो हम में किसी खास के लिए फीलिंग्स जगाता है. ऑक्सीटोसिन आपके रोमांटिक, पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों पर असर डालता है.
ऑक्सीटोसिन का प्यार से क्या लेना-देना है?
2012 की एक स्टडी में पाया गया कि रोमांटिक रिश्ते की शुरुआती स्टेज में मौजूद कपल्स में, ऐसे लोगों की तुलना में ऑक्सीटोसिन का लेवल काफी ज्यादा था जो किसी रिश्ते में नहीं थे. लेकिन ऑक्सीटोसिन का संबंध सिर्फ नए प्यार से ही नहीं है. यह सेक्सुअल एक्टिविटी के दौरान भी रिलीज होता है और ऑर्गेज्म की तीव्रता से जुड़ा होता है.
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ऑक्सीटोसिन असल में क्या है?
ऑक्सीटोसिन एक हार्मोन है जो न्यूरोट्रांसमीटर की तरह काम करता है. यह रिप्रोडक्शन में अहम भूमिका निभाता है. महिलाओं में, यह हार्मोन लेबर (प्रसव पीड़ा) और ब्रेस्ट मिल्क के निकलने की प्रक्रिया को शुरू करता है. पुरुषों में, ऑक्सीटोसिन स्पर्म को आगे बढ़ाने में मदद करता है.
ऑक्सीटोसिन कैसे बनता है?
ऑक्सीटोसिन प्राकृतिक रूप से बनने वाला हार्मोन है. यह हाइपोथैलेमस (दिमाग के निचले हिस्से में मौजूद एक छोटा सा क्षेत्र) में बनाया जाता है और पास की पिट्यूटरी ग्रंथि से रिलीज किया जाता है.
हैप्पी हार्मोन्स और कौन-कौन से हैं?
ऑक्सीटोसिन, डोपामाइन और सेरोटोनिन को अक्सर हमारे "हैप्पी हार्मोन" कहा जाता है. जब आप किसी दूसरे व्यक्ति की ओर आकर्षित होते हैं, तो आपका दिमाग डोपामाइन रिलीज करता है, सेरोटोनिन का लेवल बढ़ता है और ऑक्सीटोसिन बनता है. इससे आपको सकारात्मक भावनाओं का अनुभव होता है.
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