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सिर्फ दवा नहीं, डाइट भी बचा सकती है आपका दिल, एक्सपर्ट ने बताए आसान तरीके

दिल की सेहत सुधारने के लिए महंगी डाइट नहीं, बल्कि रोजमर्रा के 5 आसान Food Swaps काफी हो सकते हैं. जानिए कोलेस्ट्रॉल, BP और Heart Health को बेहतर बनाने वाले विकल्प.

दिल की बीमारी का खतरा कम कर सकते हैं ये 5 Food Swaps, डॉक्टर ने बताए आसान तरीके
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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में दिल की बीमारियां बहुत तेजी से बढ़ रही हैं. पहले जहां दिल का दौरा सिर्फ बुजुर्गों को पड़ता था, वहीं अब 25 से 30 साल के नौजवान भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. ऐसे में हर कोई यही सोचता है कि अपने दिल को कैसे महफूज रखा जाए. मुंबई के घाटकोपर स्थित ज़ायनोवा शाल्बी हॉस्पिटल के जाने-माने कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. अभिलाष मिश्रा का कहना है कि अगर आप सच में अपने दिल की हिफाजत करना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपनी रसोई और खाने की प्लेट पर नजर डालनी होगी.

दिल को तंदुरुस्त रखने के लिए कोई बहुत बड़े या मुश्किल काम करने की जरूरत नहीं है. बस रोज के खाने में कुछ छोटी-छोटी समझदारी भरी अदला-बदली यानी फूड स्वैप्स करके आप अपने कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और दिल की पूरी सेहत को पटरी पर ला सकते हैं.

क्या आपकी रोजमर्रा की डाइट दिल की सेहत को नुकसान पहुंचा रही है? विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ आसान Food Swaps करके कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और Heart Disease के जोखिम को कम किया जा सकता है.

दिल की सेहत किन चीजों पर टिकी होती है?

हमारा दिल सिर्फ एक पंपिंग मशीन नहीं है, यह हमारी पूरी दिनचर्या का आईना है. दिल कितना मजबूत रहेगा, यह कई बातों पर निर्भर करता है. जैसे कि आप दिनभर में कितनी शारीरिक मेहनत करते हैं, रात को कितने घंटे की सुकून भरी नींद लेते हैं, मानसिक तनाव से कैसे निपटते हैं और आपका बीपी व कोलेस्ट्रॉल कितना कंट्रोल में रहता है.

इन सबसे भी ज्यादा असर इस बात का पड़ता है कि आप अपने पेट में क्या डाल रहे हैं. दिल को लंबा जीवन देने के लिए संतुलित आहार बहुत जरूरी है. हमें अपनी रोजाना की थाली में ताजे मौसमी फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, छिलके वाली दालें और फलियां ज्यादा से ज्यादा शामिल करनी चाहिए. इसके उलट डिब्बाबंद खाना, बाहर का तला-भुना जंक फूड और प्रोसेस्ड चीजों से जितना हो सके किनारा कर लेना चाहिए.

दिल को फौलाद बनाने वाले आसान फूड स्वैप्स

कुछ ऐसे आसान नुस्खे बताए हैं, जिन्हें कोई भी इंसान बिना ज्यादा पैसे खर्च किए अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अपना सकता है:

1. सफेद चावल छोड़ें, ब्राउन राइस या मोटा अनाज अपनाएं

हमारे घरों में रोज भर-भर कटोरी पॉलिश वाला सफेद चावल खाया जाता है. यह चावल रिफाइंड होता है, जिससे शरीर में जाते ही ब्लड शुगर तेजी से स्पाइक करता है.

  • पॉलिश वाले सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस, ओट्स, बाजरा, रागी या ज्वार जैसे मोटे अनाज खाना शुरू करें.
  • मोटे अनाज में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है.
  • इससे बार-बार भूख नहीं लगती और वजन के साथ-साथ दिल पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है.

2. मैदे की जगह चोकर वाला गेहूं या मल्टीग्रेन आटा

बाजार की सफेद ब्रेड, नान, समोसे की पपड़ी, बिस्कुट और नूडल्स सब मैदे से बनते हैं. मैदा आंतों में चिपकता है और खून में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल को तेजी से बढ़ाता है.

  • मैदे से बनी चीजों को फौरन छोड़ें और घर की बनी चोकर वाली रोटी या मल्टीग्रेन आटे की रोटी खाएं.
  • जब खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ेगी, तो पेट साफ रहेगा और नसों में जमा होने वाला गंदा फैट बाहर निकलने लगेगा.
  • इससे पाचन तंत्र बहुत बढ़िया रहेगा और आप दिनभर हल्का व तरोताजा महसूस करेंगे.

3. तले-भुने स्नैक्स की जगह भुनी हुई चीजें खाएं

शाम की चाय के साथ गरमा-गरम पकौड़े, समोसे या बाजार के आलू चिप्स खाना सबको पसंद आता है. लेकिन यह स्वाद आपकी धमनियों में ब्लॉकेज पैदा करने का सबसे बड़ा कारण बनता है. बार-बार इस्तेमाल किए गए तेल में ट्रांस फैट होता है, जो नसों को कड़ा और संकरा बना देता है.

  • चाय के साथ तली हुई चीजों के बदले भुने हुए चने, रोस्टेड मखाने या अलसी के बीज खाएं.
  • थोड़े से बादाम, अखरोट और कद्दू के बीजों का मिक्सचर बनाकर रख लें.
  • इनमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और हेल्दी फैट्स दिल की धड़कन को सामान्य बनाए रखने में मदद करते हैं.

4. फुल क्रीम दूध की जगह लो-फैट डेयरी का इस्तेमाल

बहुत से घरों में गाढ़ा, मलाईदार दूध और भैंस के दूध का बना घी-पनीर इस्तेमाल होता है. अगर किसी का कोलेस्ट्रॉल पहले से बढ़ा हुआ है, तो ऐसा फुल-फैट दूध नसों को और जाम कर सकता है.

  • मलाई हटाकर यानी टोंड या डबल टोंड दूध का इस्तेमाल करें.
  • घर पर दही जमाना हो तो भी लो-फैट दूध से ही जमाएं.
  • इससे शरीर को जरूरी कैल्शियम और प्रोटीन तो पूरा मिलेगा, लेकिन फालतू का सैचुरेटेड फैट दिल की नसों में नहीं जमेगा.

5. मीठे ड्रिंक्स और कोल्ड ड्रिंक को कहें अलविदा, पानी और छाछ अपनाएं

अक्सर प्यास लगने पर लोग बाजार की कोल्ड ड्रिंक, पैकेट वाले मीठे जूस या एनर्जी ड्रिंक गटक लेते हैं. इनमें इतनी चीनी घुली होती है कि यह सीधे जाकर लिवर और खून में ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ा देती है.

  • जब भी प्यास लगे तो सिर्फ सादा पानी, मटके का ठंडा पानी या नींबू पानी पिएं.
  • दोपहर के खाने के बाद भुने जीरे और काले नमक वाली पतली छाछ पीना दिल और हाजमे दोनों के लिए अमृत समान है.
  • नारियल पानी भी एक शानदार विकल्प है, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखता है.

दिल सिर्फ एक है, लापरवाही बिल्कुल न बरतें

याद दिलाते हैं कि दिल की हिफाजत करना पूरी तरह आपके अपने हाथ में है. अगर दिल की सेहत सुधारनी है, तो आज और अभी से इन आसान बदलावों को अपनी जिंदगी में उतारना शुरू कर दें. जब आप अच्छी चीजें खाएंगे, तो न सिर्फ दिल की बीमारियों का खतरा टलेगा बल्कि चेहरे पर चमक आएगी और आप पहले से कहीं ज्यादा एक्टिव महसूस करेंगे.

लेखक के बारे में : 

डॉ. अभिलाष मिश्रा एक अनुभवी इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट हैं, जो हृदय रोगों की जांच, उपचार और उन्नत इंटरवेंशनल प्रक्रियाओं में विशेषज्ञता रखते हैं. उन्होंने MBBS, एम.डी. (मेडिसिन) और DrNB (कार्डियोलॉजी) की डिग्रियां प्राप्त की हैं तथा कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं.

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